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धूलकोट हादसा: सात मजदूरों की मौत मामले में जग्गी बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
Tue, 06 Oct 2026 08:10 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:10 PM IST
सार
अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने नामजद आरोपियों हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत सिंह और सिमरज्योत सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
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धूलकोट हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धूलकोट गांव में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे में सात मजदूरों की मौत के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने नामजद आरोपियों हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत सिंह और सिमरज्योत सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों और मानव जीवन की कीमत पर हुए हादसों में अग्रिम जमानत को अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस फैसले के साथ तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। मामले के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे धूलकोट गांव में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस भीषण हादसे में साइट पर काम कर रहे सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की अब तक की जांच में सामने आया है कि पूरी इमारत बिना किसी स्वीकृत नक्शे और अनुमति के अनधिकृत क्षेत्र में बनाई जा रही थी। नगर निगम अंबाला सिटी की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है कि निर्माण स्थल पूरी तरह अवैध क्षेत्र के दायरे में आता था। जांच एजेंसियां अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों को मुआवजे और सहायता की प्रक्रिया भी चल रही है।
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अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों और मानव जीवन की कीमत पर हुए हादसों में अग्रिम जमानत को अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस फैसले के साथ तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। मामले के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे धूलकोट गांव में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस भीषण हादसे में साइट पर काम कर रहे सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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विशेष जांच दल (एसआईटी) की अब तक की जांच में सामने आया है कि पूरी इमारत बिना किसी स्वीकृत नक्शे और अनुमति के अनधिकृत क्षेत्र में बनाई जा रही थी। नगर निगम अंबाला सिटी की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है कि निर्माण स्थल पूरी तरह अवैध क्षेत्र के दायरे में आता था। जांच एजेंसियां अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों को मुआवजे और सहायता की प्रक्रिया भी चल रही है।
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अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने नामजद आरोपियों हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत सिंह और सिमरज्योत सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।