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Ambala News: अंबाला रिंग रोड के 22 किलोमीटर के हिस्से का काम शुरू
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अंबाला सिटी। अंबाला के ट्रैफिक को छोड़कर सीधे पंजाब और अन्य राज्यों में आवाजाही करने के लिए यात्रियों को अधिक इंतजार नहीं करना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अपने वादे के अनुसार अंबाला रिंग रोड पर निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
अंबाला रिंग रोड का 18 किलोमीटर के हिस्से पर पहले ही काम चल रहा है। वहीं, अब 22 किलोमीटर के हिस्से पर भी निर्माण शुरू हो गया है। इसमें रिंग रोड को बनाने के लिए जो जमीन अधिगृहीत की गई है उससे मिट्टी हटाई जा रह है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से अंबाला रिंग रोड के कार्य के शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, क्योंकि फंड के अभाव में काम अटका हुआ था। सभी को लग रहा था कि कहीं कार्य में देरी न हो जाए। मगर इसको लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अक्टूबर के पहले दूसरे सप्ताह में काम शुरू कराने की बात कही थी।
परिवहन मंत्री गडकरी से हो चुकी बात
ऐसे अब निर्माता कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है तो इस परियोजना को समय पर पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना के लिए गृहमंत्री अनिल विज ने खुद भी प्रयास किया है। वे इसके लिए केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी इस बाबत मिल चुके हैं।
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दो फेज में 1100 करोड़ की परियोजना
दरअसल, अंबाला 40 किलोमीटर के सिक्स लेन रिंग रोड की पूरी लागत 1100 करोड़ रुपये की है। इसमें से भूमि अधिग्रहण पर करीब 686 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस रिंग रोड को दाे फेज में बनाया जाना है। इसमें पहला फेज 18 किलोमीटर है। इस पर काम कुछ समय से चल रहा है। वहीं, 22 किलोमीटर के दूसरे फेज पर काम शुरू 11 अक्तूबर को शुरू कर दिया गया था। इस रिंग रोड को केंद्र और हरियाणा दोनों 50-50 फीसद का खर्चा उठाकर इसका निर्माण करा रहे हैं। इसमें केंद्र ने तो अपना शेयर दे दिया, मगर हरियाणा का अपना शेयर लगभग 245 करोड़ रुपये आना बाकी है। मगर इस परियोजना में देरी न हो इसके लिए एनएचएआई ने काम को पहले ही शुरू करा दिया। अब जब हरियाणा सरकार की तरफ से फंड आएगा तो उसे आगे प्रयोग में ले लिया जाएगा।
अंबाला में बाईपास का काम करेगा रिंग रोड
40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अंबाला में बाईपास की तरह काम करेगा। वाहन चालक शहर में दाखिल हुए बिना ही रिंग रोड के जरिये बाहर निकल पाएंगे और इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। यह रिंग रोड छह प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। जगाधरी से आने वाले वाहन शहर में आए बिना चंडीगढ़ रोड पर और लुधियाना जाने के लिए जीटी रोड पर निकल जाएंगे। इसी तरह हिसार जाना है तो रिंग रोड से वह सीधे हिसार रोड पर जा सकते हैं। अभी रिंग रोड फोरलेन बनेगी, मगर जमीन सिक्स लेन के बराबर ली है, जिससे कि यदि भविष्य में रोड का विस्तार करना है तो दिक्कत न आए।
अंबाला रिंग रोड परियोजना के खास बिंदु
रिंग रोड पर दो बड़े पुलों का भी निर्माण होगा जो टांगरी नदी पर बनेंगे। इसके साथ ही दो छोटे पुल रिंग रोड पर बनाए जाएंगे। रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज और तीन फ्लाईओवर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में कुल 30 गांव की 655 एकड़ जमीन रोड निर्माण के लिए अधिगृहीत की जा चुकी है। इसमें तीन गांव पंजाब के शामिल हैं। खास बात है अंबाला रिंग रोड को छह हाईवे को आपस में लिंक करेंगे।
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अंबाला रिंग रोड का 18 किलोमीटर के हिस्से पर पहले ही काम चल रहा है। वहीं, अब 22 किलोमीटर के हिस्से पर भी निर्माण शुरू हो गया है। इसमें रिंग रोड को बनाने के लिए जो जमीन अधिगृहीत की गई है उससे मिट्टी हटाई जा रह है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से अंबाला रिंग रोड के कार्य के शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, क्योंकि फंड के अभाव में काम अटका हुआ था। सभी को लग रहा था कि कहीं कार्य में देरी न हो जाए। मगर इसको लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अक्टूबर के पहले दूसरे सप्ताह में काम शुरू कराने की बात कही थी।
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परिवहन मंत्री गडकरी से हो चुकी बात
ऐसे अब निर्माता कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है तो इस परियोजना को समय पर पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना के लिए गृहमंत्री अनिल विज ने खुद भी प्रयास किया है। वे इसके लिए केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी इस बाबत मिल चुके हैं।
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दो फेज में 1100 करोड़ की परियोजना
दरअसल, अंबाला 40 किलोमीटर के सिक्स लेन रिंग रोड की पूरी लागत 1100 करोड़ रुपये की है। इसमें से भूमि अधिग्रहण पर करीब 686 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस रिंग रोड को दाे फेज में बनाया जाना है। इसमें पहला फेज 18 किलोमीटर है। इस पर काम कुछ समय से चल रहा है। वहीं, 22 किलोमीटर के दूसरे फेज पर काम शुरू 11 अक्तूबर को शुरू कर दिया गया था। इस रिंग रोड को केंद्र और हरियाणा दोनों 50-50 फीसद का खर्चा उठाकर इसका निर्माण करा रहे हैं। इसमें केंद्र ने तो अपना शेयर दे दिया, मगर हरियाणा का अपना शेयर लगभग 245 करोड़ रुपये आना बाकी है। मगर इस परियोजना में देरी न हो इसके लिए एनएचएआई ने काम को पहले ही शुरू करा दिया। अब जब हरियाणा सरकार की तरफ से फंड आएगा तो उसे आगे प्रयोग में ले लिया जाएगा।
अंबाला में बाईपास का काम करेगा रिंग रोड
40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अंबाला में बाईपास की तरह काम करेगा। वाहन चालक शहर में दाखिल हुए बिना ही रिंग रोड के जरिये बाहर निकल पाएंगे और इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। यह रिंग रोड छह प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। जगाधरी से आने वाले वाहन शहर में आए बिना चंडीगढ़ रोड पर और लुधियाना जाने के लिए जीटी रोड पर निकल जाएंगे। इसी तरह हिसार जाना है तो रिंग रोड से वह सीधे हिसार रोड पर जा सकते हैं। अभी रिंग रोड फोरलेन बनेगी, मगर जमीन सिक्स लेन के बराबर ली है, जिससे कि यदि भविष्य में रोड का विस्तार करना है तो दिक्कत न आए।
अंबाला रिंग रोड परियोजना के खास बिंदु
रिंग रोड पर दो बड़े पुलों का भी निर्माण होगा जो टांगरी नदी पर बनेंगे। इसके साथ ही दो छोटे पुल रिंग रोड पर बनाए जाएंगे। रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज और तीन फ्लाईओवर बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में कुल 30 गांव की 655 एकड़ जमीन रोड निर्माण के लिए अधिगृहीत की जा चुकी है। इसमें तीन गांव पंजाब के शामिल हैं। खास बात है अंबाला रिंग रोड को छह हाईवे को आपस में लिंक करेंगे।