फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   wither-shive-rither

कांवड़ियों ने चढ़ाया सबसे पहले जल, शाम तक जलाभिषेक, आरती

Tue, 02 Aug 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट। Updated Tue, 02 Aug 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
wither-shive-rither
‌िश्‍ाशिवरात्री
अंबाला कैंट/सिटी। शिवरात्रि पर्व सोमवार को उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। शिवालयों में अल सुबह से जलाभिषेक शुरू हो गया। यह सिलसिला शाम साढ़े सात बजे तक जारी रहा। उसके बाद शिवालयों में भोले बाबा की आरती के सुर और घंटों की गूंज ने माहौल को और भी ज्यादा आध्यात्मिक बना दिया।
विज्ञापन

इस पर्व की शुरुआत सोमवार को अलसुबह कांवड़ियों के जलाभिषेक से की गई। इनमेें सबसे पहले मंदिरों में भोले बाबा का गंगाजल से अभिषेक करवाया। उसके बाद अन्य श्रद्धालुओं को जलाभिषेक की अनुमति दी गई। आलम यह था कि अंबाला कैंट व सिटी के प्राचीन शिवालयों हाथी खाना कैलाश मंदिर कैंट व पुराना सिविल अस्पताल के सामने शिव मंदिर में तो माहौल मेले जैसा बना हुआ था।
विज्ञापन

यहां अल सुबह कांवड़िये कंधों पर कांवड़ लेकर कतार में जलाभिषेक का इंतजार कर रहे थे। बहुत से कांवड़ियों ने तो रात इन्हीं मंदिर परिसर के बाहर रात गुजारी, ताकि अल सुबह 4 बजे से शुरू होने वाले जलाभिषेक में जल्द से जल्द भोले का गंगाजल से अभिषेक कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन कांवड़ियों के जलाभिषेक के बाद अन्य श्रद्धालुओं की भी भोले के जलाभिषेक के लिए कतारें लग गईं। भक्तों ने भोले बाबा का पंचामृत, गंगाजल, दूध और जल से अभिषेक करवाकर मन्नतें मांगीं। इस अवसर पर विभिन्न शिवालयों में खीर व अन्य प्रसाद वितरण का भी इंतजाम किया गया।
कांवड़ियों के परिजनों ने भी भोले बाबा के दरबार में हाजिरी भरकर अपने घर की सुख शांति के लिए दुआएं मांगीं। देर शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। उसके बाद भोले बाबा की आरती का भी आयोजन किया गया। इसमें काफी श्रद्धालुओं ने भाग लिया।  इस अवसर पर कैंट कालीबाड़ी मंदिर, पंचमुखी मंदिर महेशनगर, पंचमुखी मंदिर बीपीएस प्लेनेटेरियम, एकता विहार मंदिर, जैन नगर मंदिर, सनातन धर्म मंदिर हिल रोड व सिटी स्थित सनातन धर्म मंदिर बलदेव नगर, नीलकंठ मंदिर, जट्टां वाला शिव मंदिर, ठेकेदारान मंदिर, नागेश्वर मंदिर, कपड़ा मार्केट प्राचीन मंदिर, खेड़ा शिव मंदिर में भी हर्षोल्लास का माहौल रहा।


मंदिरों व शिविरों में गुजारी कांवड़ियों ने रात
परंपरानुसार कांवड़ लेने के बाद भक्तों को अपने घर नहीं जाना होता। या तो उन्हें कांवड़ शिविर में इंतजार करना होता है या फिर उसी मंदिर परिसर में रहना होता है जहां शिवलिंग पर जल चढ़ाना है। अंबाला से करीबन पांच हजार कांवड़िये गंगाजल लेने हरिद्वार, नीलकंठ व गोमुख तक गए थे। इनमें से अधिकतर रविवार रात तक अपने शहर पहुंच गए थे। इनका अंबाला में डीजे और ढोल संग स्वागत हुआ और देर रात तक पूरे उत्साह से ये कांवड़िये और इनके परिजन भोले के भजनों पर झूमते रहे। उसके बाद पूरी रात कांवड़ शिविरों और मंदिरों में गुजारी और सुबह जलाभिषेक किया। जबकि सोमवार को भी बहुत से कांवड़िये अंबाला पहुंचते रहे और जयकारे लगाते हुए शिवालयों में जलाभिषेक करते रहे।


भगवान शिव का किया रूद्राभिषेक
अंबाला सिटी। प्रसिद्ध भगवान श्री परशुराम मंदिर पीपली बाजार अंबाला शहर में रुद्राभिषेक किया गया। कांवड़ियों ने हरिद्वार से लाए गंगा जल से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर जिला ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि आदि देव भगवान शंकर सर्वप्रिय देव हैं।

जो भी भगवान शिव शंकर का सच्चे मन और एकाग्र चित होकर पूजा करता है, उसे अक्षय फल की प्राप्ति होती है। जो प्राणी द्वेष, अहंकार रहित होकर सच्चे मन से शिव का व्रत करता है उसका जीवन खुशहाल और मन चिंता रहित होता है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य भगवान शिव की पूजा ईर्ष्या, द्वेष के साथ करता है तो वह भीतर से खोखला होता जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed