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Ambala News: टांगरी और मारकंडा नदी में जलस्तर खतरे से बाहर
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मुलाना में मारकंडा नदी। संवाद
- फोटो : samvad
अंबाला। टांगरी और मारकंडा नदी का जलस्तर अब खतरे से बाहर है। टांगरी नदी में बीती मध्यरात्रि तक जलस्तर 20900 क्यूसिक यानि 9.5 फुट तक पहुंच गया था। गत वर्षों में अंबाला छावनी में आई बाढ़ के समय इतना पानी आया था जब कई काॅलोनियां नदी के पानी की वजह से जलमग्न हो गई थी। मगर इस बार समय से पहले खोदाई के कारण काफी हद तक बचाव हुआ। इसको लेकर ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज निर्देश दिए थे। नदी में अभी खोदाई का कार्य आधा ही हुआ है क्योंकि बारिश के कारण इसे रोक दिया गया था, शेष खुदाई का कार्य बरसाती सीजन के बाद पूरा होगा।
कई काॅलोनियां डूबने से बचीं
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता (एसई) मनीष कुमार ने बताया कि टांगरी नदी में 6 अगस्त को सुबह 11 बजे 11000 क्यूसेक पानी चल रहा था और शाम को लगभग 4 बजे नदी में 7.0 फीट पानी यानी 15400 क्यूसेक डिस्चार्ज तक पहुंच गया, इसके बाद मध्यरात्रि पानी का डिस्चार्ज 20900 क्यूसेक तक पहुंच गया था। टांगरी नदी का डेंजर लेवल 7 फुट यानी 15400 क्यूसेक है। उन्होंने बताया विभाग द्वारा पिछले सालों में यह देखा गया है कि नदी में 15400 क्यूसेक पानी आने से आसपास की काॅलोनियां जिनमें न्यू टैगोर गार्डन, न्यू एकता वहार, प्रभु प्रेम पुरम, गांव रामपुर, सरसेहड़ी, चंदपुरा, करधान में जल-भराव हो जाता था और नदी के नजदीक बने घर पानी में डूब जाते थे, इससे लोगो को बहुत परेशानी और भारी नुकसान झेलना पड़ता था।
घट गया मारकंडा का जलस्तर, किनारे न जाने की अपील
मुलाना। पहाड़ों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिसके चलते मुलाना में मारकंडा नदी का जलस्तर भी घट बढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम 6.2 फीट करीब 22 हजार क्यूसेक पानी आने के बाद जलस्तर घटना शुरू हो गया था लेकिन बुधवार देर रात जलस्तर फिर से बढ़ने लगा और मुलाना में मारकंडा नदी का जलस्तर देर रात करीब 1 बजे जलस्तर 7.5 फीट करीब 30500 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसके बाद जलस्तर कम होने लगा और विभाग ने भी राहत की सांस ली। विभाग नदी की हर स्थिति पर नजर बनाए हुआ था। जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी किनारे के खेतों में जा घुसा और फसलों को प्रभावित किया। हालांकि वीरवार अलसुबह नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया था, लेकिन पहाड़ों की बारिश के कारण नदी का जलस्तर घटने में कम समय ले रहा था। सुबह करीब 11:30 बजे जलस्तर 5.5 फीट करीब 16500 क्यूसेक दर्ज किया गया, जोकि शाम सात बजे 4.7 फीट करीब 14 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। विभाग ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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कई काॅलोनियां डूबने से बचीं
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता (एसई) मनीष कुमार ने बताया कि टांगरी नदी में 6 अगस्त को सुबह 11 बजे 11000 क्यूसेक पानी चल रहा था और शाम को लगभग 4 बजे नदी में 7.0 फीट पानी यानी 15400 क्यूसेक डिस्चार्ज तक पहुंच गया, इसके बाद मध्यरात्रि पानी का डिस्चार्ज 20900 क्यूसेक तक पहुंच गया था। टांगरी नदी का डेंजर लेवल 7 फुट यानी 15400 क्यूसेक है। उन्होंने बताया विभाग द्वारा पिछले सालों में यह देखा गया है कि नदी में 15400 क्यूसेक पानी आने से आसपास की काॅलोनियां जिनमें न्यू टैगोर गार्डन, न्यू एकता वहार, प्रभु प्रेम पुरम, गांव रामपुर, सरसेहड़ी, चंदपुरा, करधान में जल-भराव हो जाता था और नदी के नजदीक बने घर पानी में डूब जाते थे, इससे लोगो को बहुत परेशानी और भारी नुकसान झेलना पड़ता था।
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घट गया मारकंडा का जलस्तर, किनारे न जाने की अपील
मुलाना। पहाड़ों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिसके चलते मुलाना में मारकंडा नदी का जलस्तर भी घट बढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम 6.2 फीट करीब 22 हजार क्यूसेक पानी आने के बाद जलस्तर घटना शुरू हो गया था लेकिन बुधवार देर रात जलस्तर फिर से बढ़ने लगा और मुलाना में मारकंडा नदी का जलस्तर देर रात करीब 1 बजे जलस्तर 7.5 फीट करीब 30500 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसके बाद जलस्तर कम होने लगा और विभाग ने भी राहत की सांस ली। विभाग नदी की हर स्थिति पर नजर बनाए हुआ था। जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी किनारे के खेतों में जा घुसा और फसलों को प्रभावित किया। हालांकि वीरवार अलसुबह नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया था, लेकिन पहाड़ों की बारिश के कारण नदी का जलस्तर घटने में कम समय ले रहा था। सुबह करीब 11:30 बजे जलस्तर 5.5 फीट करीब 16500 क्यूसेक दर्ज किया गया, जोकि शाम सात बजे 4.7 फीट करीब 14 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। विभाग ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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