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Ambala News: 9.65 करोड़ का कर्ज दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
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नारायणगढ़। बैंक ऑफ बड़ौदा और बंधन बैंक से 9 करोड़ 65 लाख रुपये का बिजनेस लोन दिलाने और पुराने लोन को टेकओवर कराने का झांसा देकर राइस मिल मालिक से लाखों रुपये ठग लिए। जालसाजों ने फर्जी ईमेल, बैंक ऑफ बड़ौदा के जाली लेटरहेड व सील का इस्तेमाल कर जाल में फंसाया। एसपी कार्यालय अंबाला से प्राप्त शिकायत के आधार पर कैंट थाने में नारायणगढ़ निवासी बलविंदर सिंह, दिल्ली के पीतमपुरा निवासी गौरव आनंद व रोहित तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायत के अनुसार, तहसील नारायणगढ़ के गांव चांदसोली निवासी राम करण, जो कि चांदसोली और उप्लाणा में श्री कृष्णा राइस मिल के नाम से दो इकाइयां चलाते हैं, उन्होंने अपनी नई पैकिंग यूनिट के लिए लोन की आवश्यकता होने पर अप्रैल 2025 में एचडीएफसी बैंक से संपर्क किया था। बैंक के बाहर उन्हें नारायणगढ़ निवासी बलविंदर सिंह मिला। उसने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा (चंडीगढ़) का कर्मचारी बताया और दावा किया कि उसकी ऊंची पहुंच है। बलविंदर ने झांसा दिया कि वह केनरा बैंक (मनीमाजरा) में चल रहे उनके 4.65 करोड़ के मौजूदा लोन को बैंक ऑफ बड़ौदा में ट्रांसफर करा देगा और साथ ही चावल खरीदने के लिए 2.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन तथा मुलाना मिल के लिए बंधन बैंक से 2.35 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा देगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआती कागजात लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस, स्टाम्प पेपर और लीगल/वैल्यूएशन चार्ज के नाम पर नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये ऐंठ लिए। 11 जुलाई 2025 को आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा का जाली लेटरहेड और फर्जी सील लगाकर 4.65 करोड़ रुपये के लोन सैंक्शन का जाली पत्र थमा दिया। वहीं, जुलाई 2025 में एक अज्ञात महिला (जो खुद को फर्जी ऑडिटर बता रही थी) और आरोपी रोहित राइस मिल पहुंचे और अच्छी ऑडिट रिपोर्ट देने के एवज में 6 लाख रुपये की मांग की, जिसके बाद बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर कराई गई।
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रुपये वापस मांगने पर मारने की धमकी
इसी प्रकार मुंबई से लोन पास कराने के लिए हवाई टिकट, कोड चेंज एप्लीकेशन फीस और यहां तक कि एडवांस ईएमआई के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। जब पीड़ित ने लगातार रकम देने के बावजूद लोन खाते में जमा न होने पर पूछताछ की और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं।
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वर्जन
पुलिस ने पीड़ित की ओर से पेश व्हाट्सएप चैट, जाली बैंक ईमेल के स्क्रीनशॉट और बैंक ट्रांसफर रसीदों को साक्ष्य के रूप में शामिल कर लिया है। शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी 318 (4), अमानत में खयानत 316 (2), जाली दस्तावेज तैयार करना 338, आपराधिक धमकी 351 और आपराधिक षड्यंत्र की धारा 61 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- ललित कुमार, प्रभारी, थाना नारायणगढ़
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शिकायत के अनुसार, तहसील नारायणगढ़ के गांव चांदसोली निवासी राम करण, जो कि चांदसोली और उप्लाणा में श्री कृष्णा राइस मिल के नाम से दो इकाइयां चलाते हैं, उन्होंने अपनी नई पैकिंग यूनिट के लिए लोन की आवश्यकता होने पर अप्रैल 2025 में एचडीएफसी बैंक से संपर्क किया था। बैंक के बाहर उन्हें नारायणगढ़ निवासी बलविंदर सिंह मिला। उसने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा (चंडीगढ़) का कर्मचारी बताया और दावा किया कि उसकी ऊंची पहुंच है। बलविंदर ने झांसा दिया कि वह केनरा बैंक (मनीमाजरा) में चल रहे उनके 4.65 करोड़ के मौजूदा लोन को बैंक ऑफ बड़ौदा में ट्रांसफर करा देगा और साथ ही चावल खरीदने के लिए 2.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन तथा मुलाना मिल के लिए बंधन बैंक से 2.35 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा देगा।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआती कागजात लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस, स्टाम्प पेपर और लीगल/वैल्यूएशन चार्ज के नाम पर नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये ऐंठ लिए। 11 जुलाई 2025 को आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा का जाली लेटरहेड और फर्जी सील लगाकर 4.65 करोड़ रुपये के लोन सैंक्शन का जाली पत्र थमा दिया। वहीं, जुलाई 2025 में एक अज्ञात महिला (जो खुद को फर्जी ऑडिटर बता रही थी) और आरोपी रोहित राइस मिल पहुंचे और अच्छी ऑडिट रिपोर्ट देने के एवज में 6 लाख रुपये की मांग की, जिसके बाद बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर कराई गई।
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रुपये वापस मांगने पर मारने की धमकी
इसी प्रकार मुंबई से लोन पास कराने के लिए हवाई टिकट, कोड चेंज एप्लीकेशन फीस और यहां तक कि एडवांस ईएमआई के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। जब पीड़ित ने लगातार रकम देने के बावजूद लोन खाते में जमा न होने पर पूछताछ की और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं।
वर्जन
पुलिस ने पीड़ित की ओर से पेश व्हाट्सएप चैट, जाली बैंक ईमेल के स्क्रीनशॉट और बैंक ट्रांसफर रसीदों को साक्ष्य के रूप में शामिल कर लिया है। शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी 318 (4), अमानत में खयानत 316 (2), जाली दस्तावेज तैयार करना 338, आपराधिक धमकी 351 और आपराधिक षड्यंत्र की धारा 61 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- ललित कुमार, प्रभारी, थाना नारायणगढ़