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Ambala News: माैसम साफ होते ही मंडी में बढ़ी आवक, बनी जाम की स्थिति
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जलबेड़ा। जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को अंधड़ और हल्की बारिश के कारण सिटी की अनाज मंडी में धान खरीद और उठान की व्यवस्था चरमरा गई है। रविवार की सुबह जैसे ही मौसम साफ हुआ मंडी में धान की आवक ने अचानक तेजी पकड़ ली। इस कारण मंडी के मुख्य मार्गों और प्रांगण में ट्रैक्टरों की कतारें लग गईं, जिससे जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
मार्केट कमेटी से मिले आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा सीजन में अब तक अनाज मंडी में 7 लाख 54 हजार क्विंटल धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। इसमें से प्रशासन की ओर से लगभग 6 लाख 50 हजार क्विंटल धान की समय पर लिफ्टिंग भी कराई जा चुकी है। मंडी में धान बेचने के लिए अब तक 13 हजार से अधिक गेट पास काटे जा चुके हैं।
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बोले किसान-
फोटो-24
बढ़ाई जाए नमी की सीमा
धान की एक एकड़ फसल तैयार करने में 25 से 30 हजार रुपये तक की लागत आती है। मौसम की मार के कारण पैदावार कम हो रही है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नमी की निर्धारित मात्रा को बढ़ाकर 20% किया जाना चाहिए।
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- विजय शर्मा
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फोटो-25
शेडों का बढ़ाया जाए दायरा
प्रशासन और मार्केट कमेटी के समक्ष मांग उठाई है कि फसलों को अचानक होने वाली बारिश से बचाने के लिए मंडी में शेडों का दायरा बढ़ाया जाए। इसके साथ ही मार्केट कमेटी की ओर से किसानों के लिए त्रिपालों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और प्रति एकड़ धान खरीद की मात्रा में भी बढ़ोतरी की जाए।
- राजेश कुमार
वर्जन
बारिश के दिनों में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण धान खरीद प्रक्रिया में हल्की बाधा जरूर उत्पन्न होती है। लेकिन मौसम साफ होते ही धान में नमी कम हो जाती है। इससे किसानों का धान आसानी से और सुचारू रूप से बिक जाता है।
- दलेल सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, अंबाला सिटी
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मार्केट कमेटी से मिले आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा सीजन में अब तक अनाज मंडी में 7 लाख 54 हजार क्विंटल धान की आवक दर्ज की जा चुकी है। इसमें से प्रशासन की ओर से लगभग 6 लाख 50 हजार क्विंटल धान की समय पर लिफ्टिंग भी कराई जा चुकी है। मंडी में धान बेचने के लिए अब तक 13 हजार से अधिक गेट पास काटे जा चुके हैं।
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बोले किसान-
फोटो-24
बढ़ाई जाए नमी की सीमा
धान की एक एकड़ फसल तैयार करने में 25 से 30 हजार रुपये तक की लागत आती है। मौसम की मार के कारण पैदावार कम हो रही है, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नमी की निर्धारित मात्रा को बढ़ाकर 20% किया जाना चाहिए।
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- विजय शर्मा
फोटो-25
शेडों का बढ़ाया जाए दायरा
प्रशासन और मार्केट कमेटी के समक्ष मांग उठाई है कि फसलों को अचानक होने वाली बारिश से बचाने के लिए मंडी में शेडों का दायरा बढ़ाया जाए। इसके साथ ही मार्केट कमेटी की ओर से किसानों के लिए त्रिपालों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और प्रति एकड़ धान खरीद की मात्रा में भी बढ़ोतरी की जाए।
- राजेश कुमार
वर्जन
बारिश के दिनों में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण धान खरीद प्रक्रिया में हल्की बाधा जरूर उत्पन्न होती है। लेकिन मौसम साफ होते ही धान में नमी कम हो जाती है। इससे किसानों का धान आसानी से और सुचारू रूप से बिक जाता है।
- दलेल सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, अंबाला सिटी