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Ambala News: बसों की वापसी पर यूनियन नेताओं का प्रदर्शन
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अंबाला शहर स्थित रोडवेज वर्कशाप में विरोध प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद
अंबाला। भिवानी डिपो से आई 10 बसों की वापसी को लेकर सांझा मोर्चे रोडवेज यूनियन के नेताओं और कर्मचारियों ने सोमवार को करीब दो घंटे तक रोडवेज वर्कशाप में गेट प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मामला महाप्रबंधक के संज्ञान में आया।
इस दौरान महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि बसों को अंबाला से नहीं भेजा जाएगा और जो बसें आई है उन्हें भिवानी डिपो को पत्र लिखकर वापस भेजा जाएगा। इसके अलावा दो दिन पहले भी रोडवेज यूनियन नेताओं ने अंबाला शहर स्थित रोडवेज वर्कशाप का गेट को बंद कर ढाई घंटे तक विरोध जताया था।जयबीर घणघस ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय के आदेश पर अंबाला डिपो की बीएस-6 की टाटा की 10 बसों को भिवानी भेजी जानी हैं। वहीं भिवानी डिपो से अशोक लेलैंड की बीएस 3 की 10 बसें अंबाला डिपो में भेजी गई हैं। यह सभी बसे खस्ताहाल में है। भिवानी से आई इन बसों की हालत देखकर रोडवेज कर्मचारियों ने बसे लेने का विरोध किया।
उन्होंने बताया कि इन बसों की आयु आने वाले कुछ महीनों के अंदर समाप्त हो रही है। इसके बाद यह बसें कंडम हो जाएंगी। इस विरोध प्रदर्शन में जयबीर घणघस, प्रवेश कुमार, रविंद्र राणा, बसंत सैनी, बलविंदर,सर्वजीत सिंह, बीएमएस प्रधान रविंद्र व रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे।
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टूटी खिड़की तो किसी का झड़ रहा फर्श
भिवानी से जो बसे अंबाला भेजी गई हैं। उनकी हालत खस्ता है कई बसों की छतें जंग खाई हुई हैं वहीं कुछ बसों की खिडकियां भी टूटी हैं। ऐसे में इन बसों को लंबे रूटों पर चलाना किसी खतरे से कम नहीं है। यह बसें अशोक लेलैंड कंपनी की हैं। जबकि अंबाला डिपो में टाटा कंपनी की बसों की रिपेयरिंग होती है। इसलिए भिवानी से आई बसों के स्पेयर पार्ट भी जुटाना डिपो के लिए चुनौती बन जाएगा।
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इस दौरान महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि बसों को अंबाला से नहीं भेजा जाएगा और जो बसें आई है उन्हें भिवानी डिपो को पत्र लिखकर वापस भेजा जाएगा। इसके अलावा दो दिन पहले भी रोडवेज यूनियन नेताओं ने अंबाला शहर स्थित रोडवेज वर्कशाप का गेट को बंद कर ढाई घंटे तक विरोध जताया था।जयबीर घणघस ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय के आदेश पर अंबाला डिपो की बीएस-6 की टाटा की 10 बसों को भिवानी भेजी जानी हैं। वहीं भिवानी डिपो से अशोक लेलैंड की बीएस 3 की 10 बसें अंबाला डिपो में भेजी गई हैं। यह सभी बसे खस्ताहाल में है। भिवानी से आई इन बसों की हालत देखकर रोडवेज कर्मचारियों ने बसे लेने का विरोध किया।
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उन्होंने बताया कि इन बसों की आयु आने वाले कुछ महीनों के अंदर समाप्त हो रही है। इसके बाद यह बसें कंडम हो जाएंगी। इस विरोध प्रदर्शन में जयबीर घणघस, प्रवेश कुमार, रविंद्र राणा, बसंत सैनी, बलविंदर,सर्वजीत सिंह, बीएमएस प्रधान रविंद्र व रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे।
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टूटी खिड़की तो किसी का झड़ रहा फर्श
भिवानी से जो बसे अंबाला भेजी गई हैं। उनकी हालत खस्ता है कई बसों की छतें जंग खाई हुई हैं वहीं कुछ बसों की खिडकियां भी टूटी हैं। ऐसे में इन बसों को लंबे रूटों पर चलाना किसी खतरे से कम नहीं है। यह बसें अशोक लेलैंड कंपनी की हैं। जबकि अंबाला डिपो में टाटा कंपनी की बसों की रिपेयरिंग होती है। इसलिए भिवानी से आई बसों के स्पेयर पार्ट भी जुटाना डिपो के लिए चुनौती बन जाएगा।