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Ambala News: रेलवे में नौकरी के नाम पर 15 लाख की ठगी, दो बहनों को थमाए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
Wed, 31 Dec 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 31 Dec 2025 01:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रही दो सगी बहनों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी हो गई। आरोपियों ने रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये हड़प लिए और युवतियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व सर्विस बुक तक थमा दी। जब असलियत सामने आई और परिवार ने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। डुलियानी गांव निवासी करनैल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नामजद आरोपियों में बलकार, पायल अंकित (निवासी महमूदपुर, यमुनानगर), नवनीत (निवासी दोसड़का) व मनीष राय शामिल हैं।
ऐसे बुना ठगी का जाल
डुलियानी गांव निवासी करनैल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी दो बेटियां सतबीर कौर व कुलबीर कौर स्नातक हैं और लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थीं। इस दौरान उनके बेटे के साथ पढ़ने वाले नवनीत ने जाल बिछाया। नवनीत ने दावा किया कि बलकार नाम के व्यक्ति की रेलवे में ऊंची पहुंच है और वह आसानी से सरकारी नौकरी लगवा सकता है। आरोपियों के झांसे में आकर परिवार 15 लाख रुपये देने को तैयार हो गया।
फर्जी ट्रेनिंग और कोलकाता का नाटक
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने किश्तों में यूपीआई, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से पूरी राशि वसूल ली। ठगी को असली रंग देने के लिए 18 अगस्त 2025 को दोनों युवतियों को पूर्वी रेलवे के आसनसोल मंडल (कोलकाता) ले जाया गया। वहां उन्हें टिकट कलेक्टर ग्रुप-सी के पद के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, आईडी कार्ड, सर्विस बुक और ट्रेनिंग लेटर सौंप दिए गए।
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बंधक जैसा व्यवहार और जान से मारने की धमकी
आरोपियों ने युवतियों को करीब एक महीने तक कोलकाता में ही रोके रखा और लगातार और रुपयों की मांग करते रहे। जब नौकरी शुरू नहीं हुई और परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने सवाल पूछने शुरू किए। इस पर आरोपियों ने असलियत दिखाने के बजाय गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी युवतियां किसी तरह वहां से बचकर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और घर लौटकर परिजनों को आपबीती सुनाई।
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मुलाना। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रही दो सगी बहनों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी हो गई। आरोपियों ने रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये हड़प लिए और युवतियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व सर्विस बुक तक थमा दी। जब असलियत सामने आई और परिवार ने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। डुलियानी गांव निवासी करनैल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नामजद आरोपियों में बलकार, पायल अंकित (निवासी महमूदपुर, यमुनानगर), नवनीत (निवासी दोसड़का) व मनीष राय शामिल हैं।
ऐसे बुना ठगी का जाल
डुलियानी गांव निवासी करनैल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी दो बेटियां सतबीर कौर व कुलबीर कौर स्नातक हैं और लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थीं। इस दौरान उनके बेटे के साथ पढ़ने वाले नवनीत ने जाल बिछाया। नवनीत ने दावा किया कि बलकार नाम के व्यक्ति की रेलवे में ऊंची पहुंच है और वह आसानी से सरकारी नौकरी लगवा सकता है। आरोपियों के झांसे में आकर परिवार 15 लाख रुपये देने को तैयार हो गया।
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फर्जी ट्रेनिंग और कोलकाता का नाटक
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने किश्तों में यूपीआई, आरटीजीएस और नकद के माध्यम से पूरी राशि वसूल ली। ठगी को असली रंग देने के लिए 18 अगस्त 2025 को दोनों युवतियों को पूर्वी रेलवे के आसनसोल मंडल (कोलकाता) ले जाया गया। वहां उन्हें टिकट कलेक्टर ग्रुप-सी के पद के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, आईडी कार्ड, सर्विस बुक और ट्रेनिंग लेटर सौंप दिए गए।
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बंधक जैसा व्यवहार और जान से मारने की धमकी
आरोपियों ने युवतियों को करीब एक महीने तक कोलकाता में ही रोके रखा और लगातार और रुपयों की मांग करते रहे। जब नौकरी शुरू नहीं हुई और परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने सवाल पूछने शुरू किए। इस पर आरोपियों ने असलियत दिखाने के बजाय गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी युवतियां किसी तरह वहां से बचकर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और घर लौटकर परिजनों को आपबीती सुनाई।