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Ambala News: अनुसंधान क्रिया विधि पर दो दिवसीय वर्कशॉप का समापन
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छावनी के गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय वर्कशाप में मौजूद छात्र। कॉलेज
अंबाला। छावनी के गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग द्वारा सीआरसी यूनिट के सहयोग से अनुसंधान क्रिया विधि पर दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप के दूसरे दिन का विषय रिपोर्ट राइटिंग रहा। वहीं सीआरसी यूनिट की संयोजिका डॉ भारती सुजान ने बताया कि रिपोर्ट गैर-काल्पनिक साहित्य का एक रूप है। इसका उद्देश्य तथ्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए यथासंभव वस्तुनिष्ठ होना है।
रिपोर्ट लेखन से किसी भी सामाजिक समस्या की जांच और विश्लेषण किया जा सकता है और उसका समाधान निकाला जा सकता है। रिपोर्ट लेखन का महत्व यह है कि यह कंपनी के भीतर संवाद करने में भी मदद करता है।
एक रिपोर्ट तब अच्छी हो सकती है जब उसे उचित संचार और लिखित संचार के तरीके से लिखा जा सके। समाज शास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. मनदीप कौर ने बताया कि निर्णय लेने का उपकरण रिपोर्ट लेखन एक निर्णय लेने वाले उपकरण के रूप में कार्य करता है, जो तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेने में आपकी सहायता कर सकता है।
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कॉलेज प्राचार्य डॉ रोहित दत्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग लेखन दस्ता का रिकॉर्ड बनाने के लिए बहुत मददगार होता है। इस वर्कशॉप में लगभग 45 से भी अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए। इस अवसर पर डॉ सरोज बाला, प्रो. शिवानी निझावन, प्रो. सृष्टि कपूर, प्रो. अर्चना जैन व अन्य मौजूद रहे।
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रिपोर्ट लेखन से किसी भी सामाजिक समस्या की जांच और विश्लेषण किया जा सकता है और उसका समाधान निकाला जा सकता है। रिपोर्ट लेखन का महत्व यह है कि यह कंपनी के भीतर संवाद करने में भी मदद करता है।
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एक रिपोर्ट तब अच्छी हो सकती है जब उसे उचित संचार और लिखित संचार के तरीके से लिखा जा सके। समाज शास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. मनदीप कौर ने बताया कि निर्णय लेने का उपकरण रिपोर्ट लेखन एक निर्णय लेने वाले उपकरण के रूप में कार्य करता है, जो तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेने में आपकी सहायता कर सकता है।
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कॉलेज प्राचार्य डॉ रोहित दत्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग लेखन दस्ता का रिकॉर्ड बनाने के लिए बहुत मददगार होता है। इस वर्कशॉप में लगभग 45 से भी अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए। इस अवसर पर डॉ सरोज बाला, प्रो. शिवानी निझावन, प्रो. सृष्टि कपूर, प्रो. अर्चना जैन व अन्य मौजूद रहे।