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भगवान हनुमान की पूजा से होते संकट दूर : पंडित सतीश
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अंबाला। छावनी के श्री शिव कुटीर मंदिर में महिला संकीर्तन मंडली की ओर से सुंदरकांड का पाठ किया। पंडित सतीश शांडिल्य ने बताया कि यह पाठ प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है। उन्होंने बताया कि सप्त चिरंजीवी में से एक श्री हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो हर युग में मौजूद रहते हैं और अपने भक्तों द्वारा सुमिरन करने मात्र पर ही उनकी रक्षा करने के लिए दौड़े चले आते हैं। मान्यता है कि मंगलवार के दिन श्री हनुमान जी की पूजा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड का पाठ करने से साधक पर शीघ्र ही हनुमत कृपा बरसती है।
संदर कांड पाठ से यह होते हैं लाभ
मंगलवार के दिन सुंदरकांड पाठ के माध्यम से शुभ फलों की प्राप्ति के लिए साधक को तन और मन से शुद्ध होकर श्री हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए। पाठ की शुरुआत करने के पहले श्री गणपति एवं भगवान श्री राम का ध्यान अवश्य करना चाहिए और जब पाठ पूरा हो जाए तो हनुमान जी की शुद्ध घी से बने दीपक से आरती करनी चाहिए। मंगलवार और शनिवार के दिन पाठ करने पर जीवन में आ रही सभी प्रकार की परेशानियां शीघ्र ही दूर होती हैं और साधक को श्री हनुमान जी से बल, बुद्धि और विद्या समेत सुख-संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि आपको किसी कार्य विशेष में तमाम प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको हनुमत उपासना के दौरान श्री सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए। सुंदरकांड का पाठ इंसान को किसी भी परिस्थिति से बाहर निकाल कर सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हुए शारीरिक और मानसिक बल प्रदान करता है। प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करने पर व्यक्ति को कर्ज और मर्ज दोनों से शीघ्र ही छुटकारा मिलता है।
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संदर कांड पाठ से यह होते हैं लाभ
मंगलवार के दिन सुंदरकांड पाठ के माध्यम से शुभ फलों की प्राप्ति के लिए साधक को तन और मन से शुद्ध होकर श्री हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए। पाठ की शुरुआत करने के पहले श्री गणपति एवं भगवान श्री राम का ध्यान अवश्य करना चाहिए और जब पाठ पूरा हो जाए तो हनुमान जी की शुद्ध घी से बने दीपक से आरती करनी चाहिए। मंगलवार और शनिवार के दिन पाठ करने पर जीवन में आ रही सभी प्रकार की परेशानियां शीघ्र ही दूर होती हैं और साधक को श्री हनुमान जी से बल, बुद्धि और विद्या समेत सुख-संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि आपको किसी कार्य विशेष में तमाम प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको हनुमत उपासना के दौरान श्री सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए। सुंदरकांड का पाठ इंसान को किसी भी परिस्थिति से बाहर निकाल कर सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हुए शारीरिक और मानसिक बल प्रदान करता है। प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करने पर व्यक्ति को कर्ज और मर्ज दोनों से शीघ्र ही छुटकारा मिलता है।
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