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यह वैभव अब अरोड़ा फैमिली या अंबाला का ही नहीं,पूरे हरियाणा प्रांत का है

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 02:00 AM IST
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This splendor is now not only of Arora family or Ambala, but of entire Haryana province.
गोपाल कृष्ण अरोडा व ममता अरोडा वैभव का फोटो दिखाते हुए - फोटो : Ambala
अंबाला। पंजाबी मुहल्ले के रहने वाले गेंदबाज वैभव अरोड़ा अब आईपीएल में पंजाब किंग्स इलेवन ने दो करोड़ में खरीदा है। अभी वजह हिमाचल प्रदेश की ओर से रणजी खेलते हैं। वैभव की इस उपलब्धि से परिजन खुश हैं और इसे अंबाला व हरियाणा के लिए गर्व की बात बता रहे हैं। मां-बाप भी अब स्टेडियम में बैठकर वैभव को खेलते देखना चाहते हैं।
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शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा और पृथ्वी शॉ जैसे प्रख्यात बल्लेबाजों को अपनी तेज गेंदबाजी से आउट कर पवेलियन भेज चुके वैभव अरोड़ा ने 10 फरवरी को ही अपने पिता गोपाल कृष्ण अरोड़ा को रेहड़ी में गोबर भर ले जाते हुए देखा था। उनके पिता डेयरी संचालक हैं। घर के निकट ही उनके पिता की डेयरी है।
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अमर उजाला से बातचीत में वैभव ने बताया कि वह 10 फरवरी को अंबाला में ही थे, इस दौरान उनके पिता तबेले के रेहड़ी में गोबर भरकर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर डंप करने जा रहे थे, क्योंकि उनके तबेले में काम करने वाला कामगार छुट्टी पर था और अक्सर उसके छुट्टी पर जाने के दौरान यह काम उनके पिता को ही करते हैं। इस बार उन्हें संकल्प लिया था कि अगर इस बार आईपीएल कांट्रेक्ट में ठीकठाक रहा तो, वह अपने पिता को इस आयु में यह काम नहीं करने देंगे।
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वैभव और उनके छोटे भाई नमन अरोड़ा की पढ़ाई लिखाई और दूसरे खर्च के लिये इनके पिता गोपाल कृष्ण अरोड़ा और माता ममता अरोड़ा दोनों काम करते हैं। वैभव की माता एसबीआई लाइफ की बीमा एजेंट हैं। अपने बड़े बेटे की इस उपलब्धि पर माता पिता और भाई सहित परिवार के अन्य सदस्य काफी खुश हैं।
इन टूर्नामेंट में दिखाया था जलवा
दिसंबर 2019 में धर्मशाला के क्रिकेट मैदान में पहले ही रणजी मैच में वैभव अरोड़ा ने सौराष्ट्र की टीम में खेल रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा सहित 9 विकेट झटके थे। वहीं विजय हजारे ट्राफी जयपुर में फरवरी 2021 के दौरान हुए टूर्नामेंट में उन्होंने शिखर धवन और पृथ्वी शॉ की विकेट ली थी। वैभव की माता ममता अरोड़ा अपने बेटे की उपलब्धियों के बारे में बताती हैं कि वह हिमाचल की ओर से खेलने वाला पहला खिलाड़ी हैं, जो रणजी के एक टूर्नामेंट में 29 विकेट ले चुका है।
अभी तक बेटे को स्टेडियम में बैठ कर खेलते हुए नहीं देखा
वैभव अरोड़ा के पिता गोपाल कृष्ण अरोड़ा और माता ममता अरोड़ा ने कहा कि वह अपने बेटे का क्रिकेट खेलते हुए टीवी पर तो देख चुके हैं, लेकिन स्टेडियम में जाकर खेलने का अभी सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन इस बार आईपीएल में मौका मिला तो वह जरूर उसे स्टेडियम की दर्शक दीर्घा में बैठकर अवश्य देखना चाहेंगे। हालांकि उनका छोटा भाई नमन मोहाली स्टेडियम में अपने बड़े भाई को खेलते हुए देख चुके हैं।

वैभव अरोड़ा ने अंबाला के लार्ड महावीर स्कूल में आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की, लेकिन क्रिकेटर बनने का जुनून होने के कारण वैभव को चंडीगढ़ की ओर कूच करना पड़ा क्योंकि अंबाला में क्रिकेट अकादमी नहीं थी, जहां वह प्रशिक्षण ले सके। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ मध्य मार्ग पर कपिल देव की अकादमी के नाम से प्रसिद्ध डीएवी स्कूल क्रिकेट अकादमी 2009 से दाखिला लिया और यहीं उन्होंने क्रिकेट के गुर सीखे।
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