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Ambala News: मेयर पद से इस्तीफे की जरूरत नहीं, होंगे चुनाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2024 04:57 AM IST
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There is no need to resign from the post of mayor, elections will be held
अंबाला सिटी। नगर निगम की मेयर शक्ति रानी शर्मा के कालका विधानसभा हलके से भाजपा की उम्मीदवार के तौर पर विधायक निर्वाचित हुई हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि शक्ति रानी शर्मा ने कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को 10 हजार 883 वोटों के अंतर से पराजित किया।
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प्रदीप चौधरी दो बार वर्ष 2009 में इनेलो से और वर्ष 2019 में कांग्रेस से कालका के विधायक बने थे। अक्तूबर 2014 में शक्ति रानी शर्मा ने हजपा (वी) के टिकट पर भी कालका विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं। अब 10 वर्ष बाद उन्हें कालका से ही जीत मिली है। हेमंत कुमार ने बताया कि शक्ति रानी शर्मा दिसंबर 2020 में हरियाणा जनचेतना पार्टी-हजपा (वी) के टिकट और चुनाव-चिह्न (गैस सिलिंडर) पर चुनाव लड़कर नगर निगम के मेयर पद पर प्रत्यक्ष (सीधी) निर्वाचित हुई थीं और गत माह सितंबर में भाजपा में शामिल हुई। इसके कुछ दिनों बाद ही भाजपा ने उन्हें कालका विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था।
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औपचारिक तौर त्यागपत्र की जरूरत नहीं : हेमंत
हेमंत ने हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की धारा 8-ए का हवाला देते हुए बताया कि उसके अंतर्गत प्रदेश के किसी नगर निगम के मेयर या सदस्य एक ही समय पर मेयर एवं सदस्य एवं साथ-साथ विधायक या सांसद नहीं रह सकता है। अगर कोई व्यक्ति नगर निगम के मेयर पद या सदस्य होते हुए प्रदेश की विधानसभा या संसद के लिए निर्वाचित हो जाता है तो विधायक या सांसद के तौर पर निर्वाचित घोषित होने की तारीख से वह नगर निगम का मेयर या सदस्य नहीं रहेगा। इसी प्रकार गत दिवस 8 अक्टूबर से कालका विधायक निर्वाचित होने की तिथि से शक्ति रानी अंबाला नगर निगम की मेयर नहीं हैं। इसके लिए उन्हें औपचारिक तौर पर मेयर पद से त्यागपत्र देने की कोई आवश्यकता नहीं है। अंबाला नगर की तरह ही सोनीपत नगर निगम के मेयर निखिल मदान भी सोनीपत विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए हैं।
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नए मेयर का नहीं हो सकता अप्रत्यक्ष चुनाव
हेमंत ने बताया कि चूंकि हरियाणा में वर्ष 2018 से नगर निगम मेयर के लिए संबंधित निगम क्षेत्र के मतदाताओं की ओर से सीधा निर्वाचन किया जाता है। इसलिए शक्ति रानी शर्मा के विधायक निर्वाचित होने के फलस्वरूप रिक्त मेयर पद की शेष 15 महीने की अवधि अर्थात जनवरी 2026 तक के लिए मौजूदा अंबाला नगर निगम के 20 निर्वाचित सदस्यों में से नए मेयर का अप्रत्यक्ष निर्वाचन नहीं किया जा सकता। अगर प्रदेश सरकार चाहे तो वह हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग से अंबाला नगर निगम के मेयर पद की शेष अवधि के लिए उपचुनाव कराने के लिए लिख सकती है। विशेष तौर पर चूंकि अंबाला नगर निगम का शेष कार्यकाल छह माह से अधिक बचा है, हालांकि जब तक नियमित मेयर का चुनाव नहीं होता या कराया जाता, तब तक नगर निगम मेयर पद का कार्यवाहक चार्ज ( कार्यभार) निवर्तमान मेयर के वर्ग अर्थात मौजूदा निगम सदन की किसी अन्य निर्वाचित महिला नगर निगम सदस्य को दिया जा सकता है।
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