फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   The youth of Holi village became a victim of online fraud, the accused grabbed Rs 1 lakh 37 thousand 389

ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ होली गांव का युवक, आरोपी ने 1 लाख 37 हजार 389 रुपए हड़पे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
The youth of Holi village became a victim of online fraud, the accused grabbed Rs 1 lakh 37 thousand 389
मुलाना। होली गांव निवासी युवक चांद राम ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। शातिर ठग ने युवक के क्रेडिट कार्ड से 137389 रुपये की ठगी को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता ने थाना में शिकायत देते हुए संबंधित बैंक पर भी सवालिया निशान उठाए हैं।
विज्ञापन

शिकायत के अनुसार शातिर ठग ने क्रेडिट कार्ड संबंधित वो सारी जानकारी दी जोकि एक बैंक कर्मचारी के पास होनी चाहिए, इसके चलते युवक ठगी का शिकार हो गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में चांद राम ने कहा कि उसे एसबीआई बैंक बराड़ा के माध्यम से फोन आया और कहा गया कि आप को क्रेडिट कार्ड बनवाने का ऑफर दिया गया है। इसके बाद वह बैंक गया व वहां जाकर संबंधित बैंक कर्मचारी से बातचीत की और उसने उससे क्रेडिट कार्ड बनवाने की सारी प्रक्रिया पूरी की। शिकायत के अनुसार बैंक कर्मचारी ने कहा कि दो-तीन फोन कॉल के माध्यम से आप से ओर जानकारी ली जाएगी। एसबीआई बैंक की तरफ चांद राम को फोन आया और क्रेडिट कार्ड बनवाने संबंधी जानकारी पूछी गई। 30 दिसंबर को दोपहर के समय प्राइवेट कोरियर के माध्यम से उसे क्रेडिट कार्ड किट दे दी गई।
विज्ञापन

गोपनीय जानकारी देकर ठग ने जीता विश्वास
चांद राम ने बताया कि उसने अभी तक क्रेडिट कार्ड को खोला भी नहीं था कि 31 दिसंबर को दोपहर के समय उसके बैंक में दिए गए रजिस्टर्ड नंबर से कॉल आई व कॉल करने वाले ने स्वयं को एसबीआई कर्मचारी होने का दावा करते हुए उसके क्रेडिट कार्ड का ऑनलाइन पिन जनरेट करने की बात कही। लेकिन चांदराम ने उसे यह गोपनीय होने का हवाला कहते हुए पिन देने से मना कर दिया। लेकिन उन्होंने फिर कहा कि वह बैंक का कर्मचारी बात कर रहा है और जो क्रेडिट कार्ड उसे दिया गया है। उसने उस कार्ड का नंबर, कार्ड होल्डर का नाम, जन्म की तिथि तथा कार्ड की वैद्यता आदि जानकारी बताई और कहा कि यह कॉल एसबीआई बैंक की तरफ से आई पिन जेनरेट के लिए की गई है। जब उसने फोन करने वाले व्यक्ति द्वारा बताई जानकारी को अपने क्रेडिट कार्ड से मिलान किया तो जानकारी पूर्णत: सही थी। इससे उस पर विश्वास हो गया कि यह कॉल बैंक की तरफ से की गई है क्योंकि जो गोपनीय जानकारी उसे बताई वह केवल बैंक को ही पता थी। इस तरह उन्होंने चांदराम से ओटीपी ले लिया और उस से ठगी हुई। ऑनलाइन ठगी का शिकार हए पीड़ित चांद राम ने कहा कि उस के फोन में पहला संदेश 92 हजार 749 रुपये की पेमेंट का आया। वहीं दूसरा संदेश 44 हजार 640 रुपये की ट्रांसजेक्शन का आया। पीड़ित ने कहा कि फोन करने वाले व्यक्ति को कैसे पता चला कि उसने एसबीआई क्रेडिट कार्ड अभी बनवाया है और वह क्रेडिट कार्ड 31 दिसंबर को ही उसके पास पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्रेडिट कार्ड के बारे में बैंक को कोई जानकारी नहीं होती
एसबीआई शाखा बराड़ा मैनेजर पूर्ण चंद ने बताया कि क्रेडिट कार्ड की कोई जानकारी उनके पास नहीं होती और न ही वह किसी उपभोक्ता को उसकी निजी जानकारी देने के लिए फोन करते हैं। वहीं मुलाना थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में साइबर सैल की मदद से आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed