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दहशत बढ़ी: दिन-रात कानों में गूंजती है धमाकों की आवाज, घर से तीन सौ मीटर दूरी पर गिरा बम
Sat, 26 Feb 2022 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, संवाद न्यूज एजेंसी, नारायणगढ़, अंबाला (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, संवाद न्यूज एजेंसी, नारायणगढ़, अंबाला (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:01 AM IST
सार
‘पा जी यहां दोबारा बम गिरने शुरु हो गए हैं और हालात खराब होते जा रहे हैं...। यूक्रेन के खारकीव में बमबारी के बीच दहशतजदा करण मेहता यह बात अंबाला सिटी के ट्रांसपोर्टर अपने मोसेरे भाई मोहित मल्होत्रा को तेजी से चलते हुए बता रहा था।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रूस द्वारा यूक्रेन पर जारी हमलों से वहां मेडिकल की शिक्षा प्राप्त कर रहे नारायणगढ़ के अनेकों छात्र जहां खौफ में हैं और उनकी जान आफत में हैं। वहीं अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यूक्रेन के खारकीव में वर्ष 2016 में मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने गये छात्र अभय के पिता सुशील गुप्ता ने बताया कि उनके पुत्र से फोन पर बातचीत हुई है, जिसे लेकर वह चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई करने गए अभय को युद्ध शुरू होने के बाद बंकरों में रात गुजारनी पड़ रही है। वहीं स्थिति थोड़ा सामान्य होने पर बंकरों से फ्लैट में आकर स्नान आदि करते हैं।
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उन्होंने बताया कि अभय के साथ नारायणगढ़ का नमन बंसल भी है, जो वर्ष 2016 में ही मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने गया था। दो महीने बाद उनका कोर्स पूरा होने जा रहा था और वे मई 2022 में वापस आने वाले थे। इससे पहले अचानक जंग छिड़ने से भय के साथ ही अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। अभय ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान पिता को बताया कि सारा दिन और रात वे बमों के धमाकों की आवाजें सुनते रहते हैं। जंग की वजह से शहर में भी अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। यूक्रेन में रहने वाले लोग यह सोचकर कि यह युद्ध कितना लंबा चलेगा, अपना राशन जमा करने में लगे हैं।
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बेटे ने पिता को दिया हौसला
एक अन्य छात्र हर्ष के पिता लाजपत के अनुसार उसके बेटे ने उन्हें फोन पर बताया कि वैसे तो फिलहाल उन्हें कोई खतरा नहीं है, क्योंकि रूस की सेना यूक्रेन के सैनिक अड्डों पर ही आक्रमण कर रही है, लेकिन फिर भी शहर का माहौल अशांत है। उसने बताया कि तीन अन्य छात्रों के साथ वे फ्लैट में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में यूक्रेन के ओडेसा में अपने तीन अन्य साथियों अभिषेक वर्मा, अभिनव और आशीष के साथ हर्ष भी मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने गया था।
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ओडेसा शहर में करीब 500 विद्यार्थी
यूक्रेन के ओडेसा शहर में लगभग 500 भारतीय छात्र मेडिकल की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लाजपत के अनुसार ओडेसा से लगभग 40 किलोमीटर दूर मालडोवा स्थित है। यदि रास्ता खुल जाए तो ओडेसा से ये सभी छात्र मालडोवा सुरक्षित पहुंच सकते हैं। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि यह युद्ध शीघ्र समाप्त हो और यहां से गए सभी बच्चे सकुशल अपने परिवारों के पास वापस आ जाएं।
घर से तीन सौ मीटर दूरी पर गिरा बम, दहशत बढ़ी
अंबाला। ‘पा जी यहां दोबारा बम गिरने शुरु हो गए हैं और हालात खराब होते जा रहे हैं...। यूक्रेन के खारकीव में बमबारी के बीच दहशतजदा करण मेहता यह बात अंबाला सिटी के ट्रांसपोर्टर अपने मोसेरे भाई मोहित मल्होत्रा को तेजी से चलते हुए बता रहा था। उसने बताया गया है कि उसके घर से महज 300 मीटर की दूरी पर रूस सेना द्वारा बमबारी की गई है, जिसके बाद यहां ज्यादा दहशत का माहौल बन गया है।
मोहित के मुताबिक उनके एक रिश्तेदार केंद्रीय मंत्रालय में सेवारत हैं, उनके सहयोग से दूतावास में बातचीत की गई है, ताकि करण मेहता को सुरक्षित घर वापस बुलाया जा सके। उन्होंने बताया कि अगर यूक्रेन की नेशनल यूनिवर्सिटी मेडिकल के ऑनलाइन पेपर कराने की बात मान लेती तो आज यूक्रेन में फंसे हजारों विद्यार्थियों और उनके परिजनों की सांसे ऐसे कतई न अटकी होती।
उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से रूस और यूक्रेन के रिश्ते खराब होने के चलते इन दोनों देशों में युद्ध होने की आशंका जताई जा रही थी। इसी वजह से जिन देशों के विद्यार्थी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, वे ऑनलाइन परीक्षा की मांग कर रहे थे मगर विश्वविद्यालय प्रबंधन इस पर राजी नहीं हो रहा था।
मोहित ने बताया कि उनके एक परिचित की बेटी भी वहां तीन माह पहले मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए दाखिला ले चुकी है, उसके परिवार वाले काफी परेशान हैं। वह पिछले कई दिनों से करण मेहता के साथ संपर्क में हैं, लेकिन जितना दहशत में वह आज दिखा, उतना पहले हुई बातचीत में पहले कभी नहीं था। उन्होंने बताया कि शाम को जब भाई से दोबारा बात हुई तो उसने बताया कि घर से महज 300 मीटर की दूरी पर ही बम गिरा था।
सरकार लोगों को सुरक्षित लाने का कर रही प्रयास : विज
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए सरकार हर संभव कार्रवाई कर रही है। दरअसल शुक्रवार को गृह मंत्री अनिल विज के जनता दरबार में सेना से रिटायर्ड ऑनर्री कैप्टन राजिंद्र कुमार ने रोते हुए यूक्रेन में फंसे अपने बेटे को वहां से निकालने की गुहार लगाई। उनके अनुसार उनका बेटा रविंद्र कुमार चार साल पहले यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था। रूसी हमले के बाद उनके बेटे ने यूक्रेन से निकलने की कोशिश की, मगर वह अब तक वापस नहीं लौट सका है। रोते हुए राजिंद्र कुमार ने गृह मंत्री विज से मदद की गुहार लगाई, जिस पर मंत्री विज ने हर संभव मदद का भरोसा दिया।