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नौ गजा पीर की मजार हटाकर बनाई सड़क
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अंबाला। अंबाला-जगाधरी हाईवे को साहा तक चौड़ा करने के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया। एनएचएआई की टीम ने बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नौ गजा पीर की दरगाह पर जेसीबी चला दी। टीम रातों रात सड़क बनाने में जुट गई। पुलिस पहरे की बीच रातभर सड़क बनाने का काम चला। पुलिस कार्रवाई को दरगाह के सेवादार विनय शुक्ला ने गलत बताया। उनका कहना था कि पुलिस ने गलत ढंग से कार्रवाई की है। उन्हें दरगाह को पीछे शिफ्ट करने की बात बोली गई थी, लेकिन अचानक आकर दरगाह को तोड़ दिया। एनएचएआई कोर्ट में केस हार चुकी थी।
बता दें कि पांच साल तक अदालत में केस चला था। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया था। बाद में हाईवे चौड़ीकरण के लिए मजार को दस फीट पीछे करने का फैसला लिया गया था। यहीं स्थापित साईं बाबा की मूर्ति व शिवलिंग को भी शिफ्ट किया जाएगा। जिसके लिए अलग से जगह दी गई है।
कुछ दिन पहले हुआ था हादसा
इसी धार्मिक स्थल के हिस्से के पास हादसा हुआ था। एक ट्रक सफेदे के पेड़ से टकराकर एक स्कूल बस से टकरा गया था। इसी रोड पर तीन स्कूल हैं, जिनके हजारों बच्चे यहां से होकर गुजरते हैं। धार्मिक स्थल के सेवादार विनय शुक्ला का कहा था कि जनहित मेें हमने यह फैसला लिया कि मजार को शिफ्ट करवा दिया जाए। पहले भी हादसे हुए हैं। प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज के आवास पर बैठक हुई थी, जिसमें इस पर सहमति बनी थी।
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बता दें कि पांच साल तक अदालत में केस चला था। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया था। बाद में हाईवे चौड़ीकरण के लिए मजार को दस फीट पीछे करने का फैसला लिया गया था। यहीं स्थापित साईं बाबा की मूर्ति व शिवलिंग को भी शिफ्ट किया जाएगा। जिसके लिए अलग से जगह दी गई है।
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कुछ दिन पहले हुआ था हादसा
इसी धार्मिक स्थल के हिस्से के पास हादसा हुआ था। एक ट्रक सफेदे के पेड़ से टकराकर एक स्कूल बस से टकरा गया था। इसी रोड पर तीन स्कूल हैं, जिनके हजारों बच्चे यहां से होकर गुजरते हैं। धार्मिक स्थल के सेवादार विनय शुक्ला का कहा था कि जनहित मेें हमने यह फैसला लिया कि मजार को शिफ्ट करवा दिया जाए। पहले भी हादसे हुए हैं। प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज के आवास पर बैठक हुई थी, जिसमें इस पर सहमति बनी थी।
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