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Ambala News: मंत्री के सामने नगर निगम की फजीहत, कोताही बरतने वाले एक्सईएन व जेई पर गिरी गाज
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अंबाला सिटी। शहर के पंचायत भवन में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता केबिनेट मंत्री सुभाष सुधा ने की। इस दौरान मंत्री सुधा ने कुल 15 शिकायतों को सुना। बैठक में भाजपा नेताओं की ओर से नगर निगम अधिकारियों की पोल खोली गई।
बैठक में बताया कि एक्सईएन महेंद्र न तो वह फोन उठाते हैं और कार्यालय जाओ तो सुनवाई नहीं करते। इसी प्रकार जेई संजीव दलाल के व्यवहार की भी शिकायत की। इस पर नाराज हुए मंत्री सुभाष सुधा ने तत्काल नगर निगम के एक्सईएन और जेई के निलंबन की सिफारिश कर दी। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी भी कि अधिकारियों का काम पब्लिक डीलिंग है अगर वे इसे ठीक से नहीं करते तो बख्शे नहीं जाएंगे। इसके अलावा दो मामलों में एफआईआर कराने के भी निर्देश दिए।
इसके साथ ही कब्जों की शिकायतों पर मंत्री के तेवर तल्ख नजर आए। यहां अधिकारियों से जब कब्जों पर कार्रवाई के जवाब लिए तो अधिकारी एक-दूसरे पर बात डालकर बचते नजर आए। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने अधिकारियों को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जब ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने का हवाला दिया ताे डीसी डॉ. शालीन ने मौखिक निर्देश देकर उन्हीं अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बना दिया। बैठक के बाद उन्हें लिखित आदेश भी थमा दिया। इस इस पूरी बैठक में ऐसा नजर आया कि मानों शासन और प्रशासन एक्शन में है।
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पहला मामला
16 कब्जाधारियों से कब्जा हटाने के निर्देश
गांव धुरकड़ा निवासी कृपाल सिंह ने शिकायत दी कि गांव की फिरनी पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस फिरनी को मकान में मिला लिया है। निशानदेही कराई, फिर भी सरपंच ने कब्जा हटाने के संबंध में कुछ नहीं किया। इस कब्जे से फिरनी छोटी हो गई और लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इस पर मंत्री ने डीडीपीओ को बुलाया। डीडीपीओ ने बताया कि इस पर कोर्ट से स्टे है। तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इस पर डीडीपीओ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट देने की बात कही तो डीसी डॉ. शालीन ने मौखिक निर्देश से डीडीपीओ को ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर 16 कब्जाधारियों से कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
दूसरा मामला
अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
सिटी के दशमेश कॉलोनी निवासी सर्वजीत ने बताया कि कॉलोनी के पास एक नाला है। यहां बाईं ओर का नाला पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस कारण बारिश का पानी कॉलोनी में जाता है। मकानों की नींव को खतरा है। नाले को खुलवाने की प्रार्थना की। इस पर निगम के एक्सईएन से जवाब लिया तो उन्होंने बताया कि नाले को बनाने को लेकर प्रपोजल बनाया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक साल हो गया अतिक्रमण ही नहीं हटा रहे, नाला तो ठीक बना हुआ है। अतिक्रमण न हटाने पर एक्सईएन से पूछा तो वह चुप्पी साध गए। इस पर तत्काल अतिक्रमण हटाने को कहा गया। इसी प्रकार दुर्गा नगर में दुकानदार पर कब्जे के आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए। जिस पर डीएमसी दीपक सूरा ने बताया कि दुकानों को सील कर दिया है। मंत्री ने जवाब लिया तो डीएमसी बोले नोटिस दिया है, इस पर डीसी ने पूछा कितने दिन हो गए नोटिस दिए डीएमसी ने कहा 14 दिन हो गए हैं। डीसी ने कहा कि 15 दिन होते ही अतिक्रमण हटवाएं। डीएमसी ने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट, इस पर डीसी ने मौके पर डीएमसी को ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट बना दिया। ऐसे में अफसरों के तमाम दांवपेच बैठक में शासन प्रशासन के सामने टिक नहीं सके।
तीसरा मामला
परेशानियों की दीवार के आगे ढहे दावे
सेक्टर 9 के निवासियों ने बताया कि सेक्टर 8 और 9 की स्थिति खराब है। बारिश का पानी और सीवरेज सिस्टम फेल है। पीने का पानी भी खराब आता है। यहां बताया कि स्ट्राॅम वाटर में सीवर का पानी भेजा जा रहा है। एनजीटी के नियमों की अवहेलना हो रही है। ड्रेनों को नियमों के अनुसार नहीं बनाया। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने नगर निगम एक्सईएन ने जवाब लिया तो उन्होंने कहा सही बात है स्ट्राॅम वाटर में सीवर का पानी मिल रहा है। इसके बाद एचएसवीपी के एक्सईएन को बुलाया तो उन्होंने कहा कि एक्सईएन नगर निगम को जानकारी नहीं है। पहले दो बिंदुओं पर समस्या थी मगर अब नहीं है। इसके बाद मंत्री नाराज हुए और कहा कि अफसरों को तीन-तीन साल हो गए मगर अभी तक सेक्टर की छोटी मोटी समस्याएं भी दूर नहीं कर सके। यहां डीसी ने कहा कि यह विभाग की खराब कार्यप्रणाली को दर्शाता है। आप एक दूसरे के पाले में बॉल डाल रहे हैं। अधिकारियों ने कहा एक महीने में ठीक कर देंगे। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने एक महीने में रिपोर्ट तलब की है।
चौथा मामला
लाखों का गबन, एफआईआर के निर्देश
गांव तलहेड़ी रांगड़ान निवासी गुरदीप सिंह ने बताया कि पूर्व सरपंच ने वाल्मिकी चौपाल निर्माण की चार लाख रुपये की ग्रांट हड़प ली और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर बीडीओ को बुलाया तो उन्होंने कहा कि यह बात सही है वाल्मिकी चौपाल के लिए आई ग्रांट में सिर्फ 45 हजार रुपये ही लगाए बाकी रुपये अन्य कार्यों में लगा दिए। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि क्या पूर्व सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई की। इस पर बीडीओ ने कहा कि ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर करा दी। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि पूर्व सरपंच के खिलाफ एफआईआर कराइये।
पांचवा मामला
एक प्लॉट की दो रजिस्ट्री
रतनहेड़ी गांव निवासी महिला निर्मला देवी ने बताया कि उसने गांव आनंदपुर के धर्मेंद्र सिंह से प्लॉट खरीदा था। इसके बाद प्लॉट पर कब्जा भी ले लिया। उसके पति बीमार रहते हैं। इसके बाद पता चला कि एक प्रॉपर्टी डीलर ने यह प्लॉट किसी अन्य महिला के बेच दिया। इस मामले में पुलिस जांच भी हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों के नाम रजिस्ट्री है। इस पर एसपी ने एक प्लॉट पर दो रजिस्ट्री करने के मामले में तफ्तीश कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में बताया कि एक्सईएन महेंद्र न तो वह फोन उठाते हैं और कार्यालय जाओ तो सुनवाई नहीं करते। इसी प्रकार जेई संजीव दलाल के व्यवहार की भी शिकायत की। इस पर नाराज हुए मंत्री सुभाष सुधा ने तत्काल नगर निगम के एक्सईएन और जेई के निलंबन की सिफारिश कर दी। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी भी कि अधिकारियों का काम पब्लिक डीलिंग है अगर वे इसे ठीक से नहीं करते तो बख्शे नहीं जाएंगे। इसके अलावा दो मामलों में एफआईआर कराने के भी निर्देश दिए।
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इसके साथ ही कब्जों की शिकायतों पर मंत्री के तेवर तल्ख नजर आए। यहां अधिकारियों से जब कब्जों पर कार्रवाई के जवाब लिए तो अधिकारी एक-दूसरे पर बात डालकर बचते नजर आए। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने अधिकारियों को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जब ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने का हवाला दिया ताे डीसी डॉ. शालीन ने मौखिक निर्देश देकर उन्हीं अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बना दिया। बैठक के बाद उन्हें लिखित आदेश भी थमा दिया। इस इस पूरी बैठक में ऐसा नजर आया कि मानों शासन और प्रशासन एक्शन में है।
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पहला मामला
16 कब्जाधारियों से कब्जा हटाने के निर्देश
गांव धुरकड़ा निवासी कृपाल सिंह ने शिकायत दी कि गांव की फिरनी पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस फिरनी को मकान में मिला लिया है। निशानदेही कराई, फिर भी सरपंच ने कब्जा हटाने के संबंध में कुछ नहीं किया। इस कब्जे से फिरनी छोटी हो गई और लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इस पर मंत्री ने डीडीपीओ को बुलाया। डीडीपीओ ने बताया कि इस पर कोर्ट से स्टे है। तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इस पर डीडीपीओ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट देने की बात कही तो डीसी डॉ. शालीन ने मौखिक निर्देश से डीडीपीओ को ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर 16 कब्जाधारियों से कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।
दूसरा मामला
अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
सिटी के दशमेश कॉलोनी निवासी सर्वजीत ने बताया कि कॉलोनी के पास एक नाला है। यहां बाईं ओर का नाला पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस कारण बारिश का पानी कॉलोनी में जाता है। मकानों की नींव को खतरा है। नाले को खुलवाने की प्रार्थना की। इस पर निगम के एक्सईएन से जवाब लिया तो उन्होंने बताया कि नाले को बनाने को लेकर प्रपोजल बनाया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक साल हो गया अतिक्रमण ही नहीं हटा रहे, नाला तो ठीक बना हुआ है। अतिक्रमण न हटाने पर एक्सईएन से पूछा तो वह चुप्पी साध गए। इस पर तत्काल अतिक्रमण हटाने को कहा गया। इसी प्रकार दुर्गा नगर में दुकानदार पर कब्जे के आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए। जिस पर डीएमसी दीपक सूरा ने बताया कि दुकानों को सील कर दिया है। मंत्री ने जवाब लिया तो डीएमसी बोले नोटिस दिया है, इस पर डीसी ने पूछा कितने दिन हो गए नोटिस दिए डीएमसी ने कहा 14 दिन हो गए हैं। डीसी ने कहा कि 15 दिन होते ही अतिक्रमण हटवाएं। डीएमसी ने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट, इस पर डीसी ने मौके पर डीएमसी को ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट बना दिया। ऐसे में अफसरों के तमाम दांवपेच बैठक में शासन प्रशासन के सामने टिक नहीं सके।
तीसरा मामला
परेशानियों की दीवार के आगे ढहे दावे
सेक्टर 9 के निवासियों ने बताया कि सेक्टर 8 और 9 की स्थिति खराब है। बारिश का पानी और सीवरेज सिस्टम फेल है। पीने का पानी भी खराब आता है। यहां बताया कि स्ट्राॅम वाटर में सीवर का पानी भेजा जा रहा है। एनजीटी के नियमों की अवहेलना हो रही है। ड्रेनों को नियमों के अनुसार नहीं बनाया। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने नगर निगम एक्सईएन ने जवाब लिया तो उन्होंने कहा सही बात है स्ट्राॅम वाटर में सीवर का पानी मिल रहा है। इसके बाद एचएसवीपी के एक्सईएन को बुलाया तो उन्होंने कहा कि एक्सईएन नगर निगम को जानकारी नहीं है। पहले दो बिंदुओं पर समस्या थी मगर अब नहीं है। इसके बाद मंत्री नाराज हुए और कहा कि अफसरों को तीन-तीन साल हो गए मगर अभी तक सेक्टर की छोटी मोटी समस्याएं भी दूर नहीं कर सके। यहां डीसी ने कहा कि यह विभाग की खराब कार्यप्रणाली को दर्शाता है। आप एक दूसरे के पाले में बॉल डाल रहे हैं। अधिकारियों ने कहा एक महीने में ठीक कर देंगे। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने एक महीने में रिपोर्ट तलब की है।
चौथा मामला
लाखों का गबन, एफआईआर के निर्देश
गांव तलहेड़ी रांगड़ान निवासी गुरदीप सिंह ने बताया कि पूर्व सरपंच ने वाल्मिकी चौपाल निर्माण की चार लाख रुपये की ग्रांट हड़प ली और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर बीडीओ को बुलाया तो उन्होंने कहा कि यह बात सही है वाल्मिकी चौपाल के लिए आई ग्रांट में सिर्फ 45 हजार रुपये ही लगाए बाकी रुपये अन्य कार्यों में लगा दिए। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि क्या पूर्व सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई की। इस पर बीडीओ ने कहा कि ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर करा दी। इस पर मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि पूर्व सरपंच के खिलाफ एफआईआर कराइये।
पांचवा मामला
एक प्लॉट की दो रजिस्ट्री
रतनहेड़ी गांव निवासी महिला निर्मला देवी ने बताया कि उसने गांव आनंदपुर के धर्मेंद्र सिंह से प्लॉट खरीदा था। इसके बाद प्लॉट पर कब्जा भी ले लिया। उसके पति बीमार रहते हैं। इसके बाद पता चला कि एक प्रॉपर्टी डीलर ने यह प्लॉट किसी अन्य महिला के बेच दिया। इस मामले में पुलिस जांच भी हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों के नाम रजिस्ट्री है। इस पर एसपी ने एक प्लॉट पर दो रजिस्ट्री करने के मामले में तफ्तीश कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।