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Ambala News: दुष्कर्म से मुकरी नाबालिग ने युवक से की थी शादी, अब पति को सात साल कैद
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अंबाला सिटी। शहर की नाबालिग पीड़िता के साथ उसके दोस्त ने संबंध बनाए। इस दौरान पीड़िता के पिता ने दोनाें को देख लिया और आरोपी युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट में एफआईआर करा दी। कोर्ट में नाबालिग पीड़िता ने आरोपी युवक के पक्ष में बयान दर्ज कराया और गलत काम से इंकार किया, लेकिन डीएनए जांच में युवक दुष्कर्म का दोषी साबित हुआ। पीड़िता ने युवक से शादी भी कर ली। अब उसका तीन साल का बच्चा भी है। दूसरी ओर पॉक्सो के मामले में चार साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवक काे दोषी करार दिया और सात साल की सजा व दो हजार रुपये जुर्माने का दंड दिया।
अंबाला शहर निवासी व्यक्ति ने वर्ष-2019 में महिला थाने में शिकायत देते हुए बताया था कि एक दिन वह काम से लौटा तो घर पर उसकी नाबालिग बेटी नहीं थी। पत्नी से पूछा तो उन्होंने बताया कि ट्यूशन से अभी तक लौटी नहीं है। इसके बाद जब पिता ने ट्यूशन में जाकर शिक्षक से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह आई ही नहीं है। ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं आरोपी उसकी बेटी को घर लेकर गया होगा। इसके बाद पिता आरोपी के घर पहुंचा तो वहां पर दोनों आपत्तिजनक हालत में मिले। ऐसे में पिता ने महिला थाने में शिकायत दे दी। इस पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की।
पोक्सो एक्ट की विशेष अदालत में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो 13 गवाहों को सुना गया। इसमें पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी उसका दोस्त है। वह उससे मिलने गई थी। उसके दोस्त ने कुछ गलत नहीं किया। इसके बाद नाबालिग के पिता ने दबाव डालकर उसका मेडिकल कराया तो जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जिस समय पीड़िता के साथ गलत काम हुआ उस समय वह 17 साल की थी। मामला की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान पीड़िता ने दोषी से शादी भी कर ली। अब उसके करीब तीन साल का बच्चा भी है। दोनों खुशी से रह रहे हैं। ऐसे में पीड़िता की तरफ से वकील ने इस स्थिति को कोर्ट के सामने रखा, मगर जिस समय पीड़िता से गलत काम हुआ उस समय वह नाबालिग थी। ऐसे में साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने युवक को दोषी करार दिया।
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लोक अभियोजक सुरजीत सिंह ने बताया कि जब पीड़िता अपने बयान से मुकर गई तो कोर्ट ने मधुबन एफएसएल से दोषी और पीड़िता के डीएनए का मिलान कराया, जिसमें शारीरिक संबंध की पुष्टि हो गई। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि दोषी ने नाबालिग पीड़िता से गलत काम किया। इस डीएनए रिपोर्ट और पीड़िता की उम्र को आधार बनाते हुए कोर्ट में दोष सिद्ध हुआ। इसी आधार पर दोषी को पुराने पोक्सो एक्ट के आधार पर कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। नए पोक्सो एक्ट के अनुसार, अब नाबालिग से दुष्कर्म करने पर 20 साल की सजा होती है।
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अंबाला शहर निवासी व्यक्ति ने वर्ष-2019 में महिला थाने में शिकायत देते हुए बताया था कि एक दिन वह काम से लौटा तो घर पर उसकी नाबालिग बेटी नहीं थी। पत्नी से पूछा तो उन्होंने बताया कि ट्यूशन से अभी तक लौटी नहीं है। इसके बाद जब पिता ने ट्यूशन में जाकर शिक्षक से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह आई ही नहीं है। ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं आरोपी उसकी बेटी को घर लेकर गया होगा। इसके बाद पिता आरोपी के घर पहुंचा तो वहां पर दोनों आपत्तिजनक हालत में मिले। ऐसे में पिता ने महिला थाने में शिकायत दे दी। इस पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की।
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पोक्सो एक्ट की विशेष अदालत में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो 13 गवाहों को सुना गया। इसमें पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी उसका दोस्त है। वह उससे मिलने गई थी। उसके दोस्त ने कुछ गलत नहीं किया। इसके बाद नाबालिग के पिता ने दबाव डालकर उसका मेडिकल कराया तो जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जिस समय पीड़िता के साथ गलत काम हुआ उस समय वह 17 साल की थी। मामला की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान पीड़िता ने दोषी से शादी भी कर ली। अब उसके करीब तीन साल का बच्चा भी है। दोनों खुशी से रह रहे हैं। ऐसे में पीड़िता की तरफ से वकील ने इस स्थिति को कोर्ट के सामने रखा, मगर जिस समय पीड़िता से गलत काम हुआ उस समय वह नाबालिग थी। ऐसे में साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने युवक को दोषी करार दिया।
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लोक अभियोजक सुरजीत सिंह ने बताया कि जब पीड़िता अपने बयान से मुकर गई तो कोर्ट ने मधुबन एफएसएल से दोषी और पीड़िता के डीएनए का मिलान कराया, जिसमें शारीरिक संबंध की पुष्टि हो गई। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि दोषी ने नाबालिग पीड़िता से गलत काम किया। इस डीएनए रिपोर्ट और पीड़िता की उम्र को आधार बनाते हुए कोर्ट में दोष सिद्ध हुआ। इसी आधार पर दोषी को पुराने पोक्सो एक्ट के आधार पर कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। नए पोक्सो एक्ट के अनुसार, अब नाबालिग से दुष्कर्म करने पर 20 साल की सजा होती है।