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Ambala News: पार्सल सुपरवाइजर के हटते ही शुरू हुआ रेलवे में शराब तस्करी का खेल
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अंबाला। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में शराब तस्करी का खेल शुरू हो गया है। तत्कालीन सुपरवाइजर ने ठेकेदारों की इस कार्यशैली पर लगाम कसी थी। इसके बाद उसे सोची-समझी साजिश के तहत पहले ठेकेदारों ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से हटवाया, फिर शराब तस्करी शुरू कर दी। यह खुलासा 22 अगस्त को चंडीगढ़ जीआरपी थाने में दर्ज मामले से हुआ है।
इसमें जो आरोपी शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है, वो पार्सल कार्यालय में ही तैनात एक ठेकेदार का बेटा है जो पिछले काफी समय से स्टेशन पर ही पार्सल उतारने व चढ़ाने का काम कर रहा है।
चंडीगढ़ स्टेशन पर शराब तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। इससे लगभग 10-15 दिन पहले भी ऐसे ही थर्माकोल के 20 से 22 बाक्स चंडीगढ़ पार्सल कार्यालय में आए थे और इनमें शराब थी। जब पार्सल में तैनात कर्मचारियों को शक हुआ तो वो बाक्स कुछ ही समय में गायब कर दिए। 22 अगस्त को पकड़े गए बाक्स ने मामले से परदा उठा दिया कि यह खेल काफी पुराना है। इस खेल की अहम भूमिका पार्सल कार्यालय में तैनात ठेकेदार निभा रहे हैं जो मोटे मुनाफे के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं।
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आरपीएफ को दिए थे 15 बाक्स
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात सीएमआई ने बताया कि पूनम नामक कर्मचारी ने शक के आधार पर एक बाक्स को चेक किया था तो इसके अंदर शराब की बोतल मिली थी। यह 15 बाक्स थे। आरपीएफ को मौके पर बुलाकर सभी बाक्स को उनके सुपुर्द कर दिए थे। आरपीएफ ने बाक्स को आगामी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया था। जीआरपी ने 10 बाक्स में शराब मिलने पर विद्या नंद यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था और अन्य पांच में क्या था और उस पर क्या कार्रवाई की गई, इसका खुलासा नहीं हो पाया। वहीं आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।
मामला संज्ञान में आया था। चंडीगढ़ स्टेशन पर पूछताछ की गई तो जानकारी मिली थी कि आरपीएफ ने पार्सल कार्यालय से जब्त किए गए 15 बाक्स जीआरपी के सुपुर्द कर दिए थे। 10 में शराब बताई गई है और पांच में कुछ अन्य सामान। इसकी जानकारी जीआरपी ही दे सकती है।
-नीतिश शर्मा, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, अंबाला मंडल।
मामले की अभी जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर जल्द ही मामले से पूरी जानकारी साझा कर दी जाएगी।
-राजेश कुमार, डीएसपी जीआरपी।
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इसमें जो आरोपी शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है, वो पार्सल कार्यालय में ही तैनात एक ठेकेदार का बेटा है जो पिछले काफी समय से स्टेशन पर ही पार्सल उतारने व चढ़ाने का काम कर रहा है।
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चंडीगढ़ स्टेशन पर शराब तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। इससे लगभग 10-15 दिन पहले भी ऐसे ही थर्माकोल के 20 से 22 बाक्स चंडीगढ़ पार्सल कार्यालय में आए थे और इनमें शराब थी। जब पार्सल में तैनात कर्मचारियों को शक हुआ तो वो बाक्स कुछ ही समय में गायब कर दिए। 22 अगस्त को पकड़े गए बाक्स ने मामले से परदा उठा दिया कि यह खेल काफी पुराना है। इस खेल की अहम भूमिका पार्सल कार्यालय में तैनात ठेकेदार निभा रहे हैं जो मोटे मुनाफे के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं।
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आरपीएफ को दिए थे 15 बाक्स
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात सीएमआई ने बताया कि पूनम नामक कर्मचारी ने शक के आधार पर एक बाक्स को चेक किया था तो इसके अंदर शराब की बोतल मिली थी। यह 15 बाक्स थे। आरपीएफ को मौके पर बुलाकर सभी बाक्स को उनके सुपुर्द कर दिए थे। आरपीएफ ने बाक्स को आगामी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया था। जीआरपी ने 10 बाक्स में शराब मिलने पर विद्या नंद यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था और अन्य पांच में क्या था और उस पर क्या कार्रवाई की गई, इसका खुलासा नहीं हो पाया। वहीं आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।
मामला संज्ञान में आया था। चंडीगढ़ स्टेशन पर पूछताछ की गई तो जानकारी मिली थी कि आरपीएफ ने पार्सल कार्यालय से जब्त किए गए 15 बाक्स जीआरपी के सुपुर्द कर दिए थे। 10 में शराब बताई गई है और पांच में कुछ अन्य सामान। इसकी जानकारी जीआरपी ही दे सकती है।
-नीतिश शर्मा, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, अंबाला मंडल।
मामले की अभी जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर जल्द ही मामले से पूरी जानकारी साझा कर दी जाएगी।
-राजेश कुमार, डीएसपी जीआरपी।