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झमाझम बारिश की भेंट चढ़ गए किसानों के अरमार, खेतों में बिछ गई धान की फसल
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The farmers got their blessings due to rain, the paddy crop was laid in the fields
- फोटो : Other
56 एमएम बरसात से जगह-जगह जलभराव, निर्माणाधीन विकास कार्य बने लोगों के लिए आफत
फोटो नंबर - 51 से 58, 73 से 79
56 एमएम बरसात से जगह-जगह जलभराव, निर्माणाधीन विकास कार्य बने लोगों के लिए आफत
- खेतों में किसानों की धान व आलू की फसल पर मंडरा खतरा तो मंडियों में भी भीगा किसानों का सोना
- देरशाम को बरसात के साथ-साथ बिजली ने भी बढ़ाई लोगों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हर बार की तरह इस बार भी धान किसानों पर प्रकृति की मार पड़ गई। पिछले दो दिन से हो रही बारिश से किसानों के माथे पर चिंता थी। लेकिन वीरवार को झमाझम बारिश ने धान किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। वीरवार को जिले में 56 एमएम बारिश हुई।
एक तरफ जहां खेतों में धान व अगेती आलू की फसल नष्ट होने का संकट मंडरा गया वहीं खरीद शुरू होने से पहले धान बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे किसानों का सोना यानी फसल भी भीग गई। किसानों की माने तो यह बारिश उनके लिए काफी नुकसान दायक है।
धान किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बारिश और तेज हवा के कारण फसल बिछ गई है, जिसमें अपेक्षा के अनुरूप पैदावार पर असर पडे़गा। इसके साथ ही जिन किसानों के खेतों में धान की फसल कट चुकी थी। उन किसानों की फसल भीगकर खराब हो गई।
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निकलसन रोड और पंजाबी मोहल्ले में बने नारकीय हालात
अंबाला। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी निर्माणाधीन विकास कार्य बने। सबसे ज्यादा परेशानी अंबाला शहर सहित छावनी की सैकड़ों निचली कॉलोनियों के लोगों को झेलनी पड़ी। छावनी निकलसन रोड, पंजाबी मोहल्ले, नगर परिषद मोड़ आदि जगह पर नालियों की जगह पाइप लाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई भी दुकानदारों सहित वहां से गुजरने वालों के लिए परेशानी का कारण बन गई। दुकानदारों में नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष है।
उनका कहना था कि अधिकारियों को पहले ही जगह-जगह खुदाई नहीं करनी चाहिए थी और अगर खुदाई की है तो काम भी तेजी से करना चाहिए। अब यह जनता के लिए परेशानी बन रहे हैं। वहीं देरशाम को बाजारों में बिजली कट लगने से अंधेरा छा गया। करीब दो घंटे तक बिजली ही गुल रही।
आलू उत्पादकों के लिए भी बारिश ने बढ़ाई परेशानी
नारायणगढ़। वीरवार अलसुबह से हुई बारिश ने आलू उत्पादकों के लिए समस्या खड़ी कर दी। आजकल मंडी में आने वाला साठी धान के बाद किसान खाली खेतों में आलू की बुवाई कर रहा है। इस बरसात के चलते आलू की बुवाई तो प्रभावित हो ही रही है और साथ में धान की कटाई भी प्रभावित होने से अछूती नहीं रही।
लगातार हो रही वर्षा से हालात यह पैदा हो गए हैं कि भारी बरसात के चलते खेतों में हुई दलदल के कारण न तो कम्पैन धान की कटाई कर सकती है और न ही लेबर। इसके अतिरिक्त मंडी में बिकने के लिए आया धान भी भारी बारिश के चलते सूखने का नाम तो नहीं ले रहा परंतु तेज पानी के बहाव में बह भी रहा है। हालांकि मंडी के आढ़तियों द्वारा धान को वर्षा के पानी से बचाने के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। ढेरियों पर तिरपालें भी डाली गई हैं ताकि वर्षा के पानी में धान ना भीग सके परंतु फिर भी पानी जो है ढेरियों में आ ही जाता है। दूसरी ओर धान की खरीद के बारे में अभी तक स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पा रही। मंडियों में बिकने के लिए आया हजारों क्विंटल धान ऐसे ही बोरियों में भरा पड़ा है।
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फोटो नंबर - 51 से 58, 73 से 79
56 एमएम बरसात से जगह-जगह जलभराव, निर्माणाधीन विकास कार्य बने लोगों के लिए आफत
- खेतों में किसानों की धान व आलू की फसल पर मंडरा खतरा तो मंडियों में भी भीगा किसानों का सोना
- देरशाम को बरसात के साथ-साथ बिजली ने भी बढ़ाई लोगों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हर बार की तरह इस बार भी धान किसानों पर प्रकृति की मार पड़ गई। पिछले दो दिन से हो रही बारिश से किसानों के माथे पर चिंता थी। लेकिन वीरवार को झमाझम बारिश ने धान किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। वीरवार को जिले में 56 एमएम बारिश हुई।
एक तरफ जहां खेतों में धान व अगेती आलू की फसल नष्ट होने का संकट मंडरा गया वहीं खरीद शुरू होने से पहले धान बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे किसानों का सोना यानी फसल भी भीग गई। किसानों की माने तो यह बारिश उनके लिए काफी नुकसान दायक है।
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धान किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बारिश और तेज हवा के कारण फसल बिछ गई है, जिसमें अपेक्षा के अनुरूप पैदावार पर असर पडे़गा। इसके साथ ही जिन किसानों के खेतों में धान की फसल कट चुकी थी। उन किसानों की फसल भीगकर खराब हो गई।
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निकलसन रोड और पंजाबी मोहल्ले में बने नारकीय हालात
अंबाला। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी निर्माणाधीन विकास कार्य बने। सबसे ज्यादा परेशानी अंबाला शहर सहित छावनी की सैकड़ों निचली कॉलोनियों के लोगों को झेलनी पड़ी। छावनी निकलसन रोड, पंजाबी मोहल्ले, नगर परिषद मोड़ आदि जगह पर नालियों की जगह पाइप लाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई भी दुकानदारों सहित वहां से गुजरने वालों के लिए परेशानी का कारण बन गई। दुकानदारों में नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष है।
उनका कहना था कि अधिकारियों को पहले ही जगह-जगह खुदाई नहीं करनी चाहिए थी और अगर खुदाई की है तो काम भी तेजी से करना चाहिए। अब यह जनता के लिए परेशानी बन रहे हैं। वहीं देरशाम को बाजारों में बिजली कट लगने से अंधेरा छा गया। करीब दो घंटे तक बिजली ही गुल रही।
आलू उत्पादकों के लिए भी बारिश ने बढ़ाई परेशानी
नारायणगढ़। वीरवार अलसुबह से हुई बारिश ने आलू उत्पादकों के लिए समस्या खड़ी कर दी। आजकल मंडी में आने वाला साठी धान के बाद किसान खाली खेतों में आलू की बुवाई कर रहा है। इस बरसात के चलते आलू की बुवाई तो प्रभावित हो ही रही है और साथ में धान की कटाई भी प्रभावित होने से अछूती नहीं रही।
लगातार हो रही वर्षा से हालात यह पैदा हो गए हैं कि भारी बरसात के चलते खेतों में हुई दलदल के कारण न तो कम्पैन धान की कटाई कर सकती है और न ही लेबर। इसके अतिरिक्त मंडी में बिकने के लिए आया धान भी भारी बारिश के चलते सूखने का नाम तो नहीं ले रहा परंतु तेज पानी के बहाव में बह भी रहा है। हालांकि मंडी के आढ़तियों द्वारा धान को वर्षा के पानी से बचाने के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। ढेरियों पर तिरपालें भी डाली गई हैं ताकि वर्षा के पानी में धान ना भीग सके परंतु फिर भी पानी जो है ढेरियों में आ ही जाता है। दूसरी ओर धान की खरीद के बारे में अभी तक स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पा रही। मंडियों में बिकने के लिए आया हजारों क्विंटल धान ऐसे ही बोरियों में भरा पड़ा है।