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Ambala News: उगाला में स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 02:42 AM IST
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The Department of Health and Public Health continues to monitor Ugala
उगाला में पानी के सैंपल लेती टीम। संवाद
अधोई गांव में विशेष कैंप लगाकर 78 मरीजों की जांच की
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। उगाला गांव में पीलिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सतर्क है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग भी गांवों में टीमों द्वारा पेयजल आपूर्ति पर नजर रखने के दावे कर रहा है। एएसएमओ डॉ. बीरबल सिंह ने बताया कि यह बीमारी दूषित पानी पीने के कारण होती है।
इसके अलावा दूषित खाद्य पदार्थों के कारण भी लोग बीमार होते हैं। उनकी टीम कई दिन तक उगाला में लोगों की जांच करती रही जिस कारण अब गांव में कोई पीलिया का केस सामने नहीं आया है। इसी कड़ी में अन्य गांवों में जांच के लिए विभाग द्वारा अभियान चलाया गया।
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शनिवार को गांव अधोई में विशेष कैंप लगाकर 78 मरीजों की जांच की। टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए और दवाइयां वितरित की गई। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलाव के कारण भी कुछ बीमारियां प्रभावित करती हैं, इसलिए वह गांव -गांव जाकर टीम के साथ लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। सोमवार को भी गांवों में जाकर जांच की जाएगी और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कैंप में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। डॉ. बीरबल सिंह ने कहा कि पानी उबालकर पीएं और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करें। कैंप में उनके साथ रितु मलिक और सुमन भी मौजूद रही।
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उगाला से लिए गए सैंपल हुए पास, पीने लायक बताया पानी

वहीं, उगाला से लिए गए पेयजल के सैंपल को लेकर दो विभागों के अलग-अलग मत होने के बाद कल करनाल से टीम सैंपल लेने पहुंची। टीम ने गांव से पीने के पानी के 10 नमूने लिए और उन्हें लैब में टेस्ट किया जिसमें पाया गया कि पानी क्लोरिनयुक्त है जोकि पीने लायक है। पानी में कोई बैक्टिरिया नहीं पाया गया। जनस्वास्थ्य विभाग बराड़ा के एसडीओ सुभाष चंद्र ने बताया कि इससे पहले 23 फरवरी को उनकी टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से सैंपलिंग की थी। उसमें भी पानी क्लोरिन युक्त पाया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो कहा गया कि उनके सैंपल में पानी क्लोरिनयुक्त नहीं पाया गया तो ऐसे में हो सकता है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपल का टेस्ट उसी दिन नहीं किया गया होगा। बाद में टेस्ट किए जाने के कारण ही रिपोर्ट में गड़बड़ हो सकती है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम उगाला में पानी की आपूर्ति पर नजर रख रही है।
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