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Ambala News: कम विद्यार्थी वाले स्कूलों में विभाग दिखा रहा सरप्लस शिक्षक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2024 01:54 AM IST
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The department is showing surplus teachers in schools with fewer students
जिला ​शिक्षा सदन।
अंबाला सिटी। एक तो जिले में पहले ही जीरो और सिंगल शिक्षक के साथ स्कूल चल रहे हैं। अब शिक्षा निदेशालय उन स्कूलों में भी एमआईएस पर सरप्लस शिक्षक दिखा रहा है, जिन स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी हैं।
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ऐसे में स्कूलों से पद खत्म होने पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध जाहिर किया है। वहीं, जिला शिक्षा विभाग पहले ही जीरो शिक्षक स्कूलों में आसपास के स्कूलों से शिक्षकों को एडजस्ट कर चुका है, जिससे कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। विभाग के पत्र के अनुसार अंबाला में 94 सरप्लस शिक्षक हैं। इसके साथ ही 116 पीआरटी सरप्लस हैं, जबकि 82 गेस्ट शिक्षक सरप्लस हैं। इनमें 31 पीआरटी सरप्लस हैं। इसी तरह जिले में 70 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है और 126 स्कूल एक शिक्षक के साथ ही चल रहे हैं। वहीं, विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सबसे ज्यादा अंबाला खंड वन में जीरो और सिंगल शिक्षक स्कूल हैं।
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ऑफलाइन दाखिला बच्चों की संख्या को एमआईएस पर जोड़ा जाए : राजेश शर्मा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की आंतरिक व्यवस्था के निर्देशों की आड़ में शिक्षा विभाग ने राज्य के 269 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की पूरी तैयारी कर ली है। एमआईएस पर दर्शित छात्रों की संख्या के आधार पर पदों का विद्यालय में वैज्ञानिकीकरण किया जा रहा है। राज्य में ऐसे बहुत से विद्यालय हैं, जहां पर शत-प्रतिशत नामांकन ऑनलाइन नहीं हो पाए है और उसमें बहुत से विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी छात्र संख्या 20 से कम है, इन्हीं विद्यालयों में कुछ बच्चों का ऑफलाइन दाखिला हुआ है। एमआईएस पर उपलब्ध छात्र संख्या के अनुसार ही पदों को दिखाया है और जिस भी विद्यालय में छात्र संख्या 20 से कम है, वहां से पोस्ट समाप्त कर दी गई है।
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ऐसे और भी बहुत विद्यालय है, जहां काफी संख्या में बच्चों का ऑफलाइन दाखिला हुआ है, लेकिन उन बच्चों की संख्या को भी नजरअंदाज किया है। बहुत से विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर ऑनलाइन और ऑफलाइन छात्र संख्या मिलकर 20 से अधिक बनती है और वहां से पोस्ट समाप्त करने का कोई भी औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ जहां एक तरफ समय की मांग को देखते हुए कुछ समय के लिए की गई। इस आंतरिक व्यवस्था का समर्थन करता है। वहीं, इसके लिए अपनाई गई नीति और अनैतिक और अन्यायपूर्ण वैज्ञानिकीकरण का विरोध करता है। सरकार से मांग करता है कि ऑफलाइन दाखिला बच्चों की संख्या को एमआईएस पर उपलब्ध छात्र संख्या में वैज्ञानिकीकरण करते समय जोड़ा जाए।
नियमित स्थानांतरण से समस्या हल करें : छाबड़ा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि 2016 के बाद सरकार अब तक जिला के अंदर प्राथमिक अध्यापकों का स्थानांतरण नहीं कर पाई है। बहुत अध्यापक 2016 में एनीवेयर में बहुत दूर स्कूल मिलने की वजह से परेशान है। सरकार शीघ्र नियमित स्थानांतरण कर अध्यापकों की समस्याओं का समाधान करें।

वर्जन
निदेशालय का पत्र आया था कि सरप्लस शिक्षकों को जीरो और सिंगल शिक्षक स्कूलों में लगाया जाए। उनकी ओर से पहले ही शिक्षकों को जीरो शिक्षक वाले स्कूलों में एडजस्ट किया गया है। जिन स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी हैं और वहां एमआईएस पर शिक्षक को सरप्लस दिखाया है। वहां से उन्होंने किसी शिक्षक को उठाया नहीं है। इस बारे में निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया है कि उस जगह पर पहले से ही विद्यार्थी पढ़ रहे हैं तो शिक्षक सरप्लस कैसे हैं।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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