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Ambala News: कोच के खिलाफ जांच से नाखुश शिकायतकर्ता ने मुख्य सचिव सहित खेल निदेशालय को भेजी शिकायत
Thu, 08 Jan 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:48 AM IST
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अंबाला छावनी में निर्मित बैडमिंटन हाल में प्रशिक्षण देते बाहर के कोच। शिकायतकर्ता
अंबाला। बैडमिंटन कोच के खिलाफ चल रही जांच विवादों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता अश्विनी ने जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) अंबाला पर गंभीर आरोप लगाते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव खेल और खेल निदेशालय, पंचकूला को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट को सिरे से खारिज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विभाग ने अपने कोच को बचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
ये है पूरा मामला
शिकायतकर्ता अश्विनी ने 18 नवंबर 2025 को कोच पूर्णिमा के खिलाफ तकनीकी अक्षमता और बच्चों के साथ अनैतिक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि कोच को खेल की बुनियादी तकनीकों (जैसे बैकहैंड शॉट) का ज्ञान नहीं है और वे निजी कोचों से बच्चों को ट्रेनिंग दिलवाती हैं।
जांच पर उठाए पांच सवाल
निदेशालय को भेजे पत्र में अश्विनी ने जांच प्रक्रिया पर पांच गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कोच के खिलाफ जांच के लिए कोचों की ही कमेटी बना दी गई। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए बिना ही रिपोर्ट तैयार कर ली गई, आरोप है कि जांच के नाम पर डीएसओ कार्यालय में शिकायतकर्ता पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। शाम 7 से 8 बजे के पास-होल्डर्स से सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर उसे कोच के पक्ष में फीडबैक दिखाया गया, जबकि कोच का समय शाम 4 से 7 बजे तक है, वहीं ईमेल और लिखित आपत्तियों के बावजूद कमेटी ने तथ्यों की पड़ताल नहीं की।
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उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्य सचिव सहित निदेशक से मांग की है कि वर्तमान जांच रिपोर्ट को तत्काल रद्द कर एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए। इस कमेटी में कोचों के बजाय प्रशासनिक अधिकारी, महिला सदस्य और बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
हमने जांच में निष्पक्षता की मांग की थी, लेकिन डीएसओ ने उसी कमेटी से जांच करवाई, जिस पर हमें आपत्ति थी। सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर जांच को गुमराह किया गया है। मुझे मुख्य सचिव सहित खेल निदेशालय से न्याय की उम्मीद है।
- अश्विनी, शिकायतकर्ता
बैडमिंटन कोच के मामले में जो जांच की गई है, वह पूरी निष्पक्षता से की गई है और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी गई थी।
- राम स्वरूप, जिला खेल अधिकारी, अंबाला।
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ये है पूरा मामला
शिकायतकर्ता अश्विनी ने 18 नवंबर 2025 को कोच पूर्णिमा के खिलाफ तकनीकी अक्षमता और बच्चों के साथ अनैतिक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि कोच को खेल की बुनियादी तकनीकों (जैसे बैकहैंड शॉट) का ज्ञान नहीं है और वे निजी कोचों से बच्चों को ट्रेनिंग दिलवाती हैं।
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जांच पर उठाए पांच सवाल
निदेशालय को भेजे पत्र में अश्विनी ने जांच प्रक्रिया पर पांच गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कोच के खिलाफ जांच के लिए कोचों की ही कमेटी बना दी गई। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए बिना ही रिपोर्ट तैयार कर ली गई, आरोप है कि जांच के नाम पर डीएसओ कार्यालय में शिकायतकर्ता पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। शाम 7 से 8 बजे के पास-होल्डर्स से सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर उसे कोच के पक्ष में फीडबैक दिखाया गया, जबकि कोच का समय शाम 4 से 7 बजे तक है, वहीं ईमेल और लिखित आपत्तियों के बावजूद कमेटी ने तथ्यों की पड़ताल नहीं की।
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उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्य सचिव सहित निदेशक से मांग की है कि वर्तमान जांच रिपोर्ट को तत्काल रद्द कर एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए। इस कमेटी में कोचों के बजाय प्रशासनिक अधिकारी, महिला सदस्य और बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
हमने जांच में निष्पक्षता की मांग की थी, लेकिन डीएसओ ने उसी कमेटी से जांच करवाई, जिस पर हमें आपत्ति थी। सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर जांच को गुमराह किया गया है। मुझे मुख्य सचिव सहित खेल निदेशालय से न्याय की उम्मीद है।
- अश्विनी, शिकायतकर्ता
बैडमिंटन कोच के मामले में जो जांच की गई है, वह पूरी निष्पक्षता से की गई है और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी गई थी।
- राम स्वरूप, जिला खेल अधिकारी, अंबाला।