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Ambala News: नप और निगम के दावों की खुली पोल, निचले क्षेत्रों में फिर हुआ जलभराव
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अंबाला। तीन घंटे में 29 मिलीमीटर बारिश ने नगर परिषद और नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है जोकि नालों और नालियों की सफाई को लेकर किए गए थे।
जलभराव के कारण जहां अंबाला छावनी के महेशनगर, गोबिंद नगर, राजा पार्क, राम नगर सहित सदर क्षेत्र के माया वाल चौक, अन्नपूर्णा चौक, बीडी स्कूल के पास सहित कुछ अन्य हिस्सों में हालात काफी बद्दतर नजर आए तो वहीं अंबाला सिटी में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा।
बारिश के कारण सिटी की कपड़ा मार्केट, नदी मोहल्ला, जगाधरी गेट और इंको चौक के अंडरपास सहित सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। कुछ घरों के अंदर तो पानी भी घुस गया और इससे घर में रखा लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
इसी प्रकार गोबिंद नगर, राम नगर सहित हाउसिंग बोर्ड आदि की बात करें तो बारिश रुकने के कई घंटों बाद भी यहां से पानी की निकासी नहीं हो पाई थी जबकि जानकारी मिली थी कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी इन क्षेत्रों से पानी की निकासी को लेकर लगे हुए हैं, लेकिन मौके पर जाकर कहीं भी ऐसे हालात नजर नहीं आए। लोग खुद ही पानी की निकासी को लेकर प्रबंध करते नजर आए।
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दरअसल बुधवार सुबह लगभग 8.30 बजे बारिश शुरु हो गई, जोकि शुरुआती दौर में धीमी थी, लेकिन इसके बाद बारिश तेज हो गई और फिर धीरे-धीरे निचले क्षेत्रों में पानी भरने लगा क्योंकि पानी निकासी के लिए बनाई गई नालियां पहले ही गंदगी से अटी पड़ी थीं और इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई। अंबाला सिटी में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूर्व गृहमंत्री ने दी थी चेतावनी
बारिश के दौरान अंबाला छावनी में जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। यह चेतावनी नगर परिषद के अधिकारियों को पूर्व गृहमंत्री और अंबाला छावनी के विधायक अनिल विज की ओर से दी गई थी और उन्होंने निर्देश दिए थे कि बड़े नालों के साथ गली-मोहल्लों के छोटे नाले और नालियों की तरफ भी विशेष ध्यान दें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नप की यह कार्यवाही सिर्फ बड़े प्रमुख नालों तक ही सीमित होकर रह गई। ऐसे में बारिश के दौरान छोटे नाले व नालियों ने लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी।
भूमिगत पाइपों के लिए नहीं मशीन
अंबाला छावनी क्षेत्र को गंदगी मुक्त करने और गंदे पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई है, लेकिन इन पाइप लाइनों को साफ करने के लिए नगर परिषद के पास कोई भी मशीन नहीं है। उसे दूसरे विभाग से मशीन को उधार लेना पड़ता है। ऐसे में भूमिगत पाइपों की सफाई को लेकर नप अधिकारी कितना गंभीर हैं, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
जहां-जहां भी जलभराव की सूचना मिली थी, वहां सफाई कर्मचारी भेजने के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए गए थे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसकी जांच की जाएगी और व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।
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जलभराव के कारण जहां अंबाला छावनी के महेशनगर, गोबिंद नगर, राजा पार्क, राम नगर सहित सदर क्षेत्र के माया वाल चौक, अन्नपूर्णा चौक, बीडी स्कूल के पास सहित कुछ अन्य हिस्सों में हालात काफी बद्दतर नजर आए तो वहीं अंबाला सिटी में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा।
बारिश के कारण सिटी की कपड़ा मार्केट, नदी मोहल्ला, जगाधरी गेट और इंको चौक के अंडरपास सहित सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। कुछ घरों के अंदर तो पानी भी घुस गया और इससे घर में रखा लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
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इसी प्रकार गोबिंद नगर, राम नगर सहित हाउसिंग बोर्ड आदि की बात करें तो बारिश रुकने के कई घंटों बाद भी यहां से पानी की निकासी नहीं हो पाई थी जबकि जानकारी मिली थी कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी इन क्षेत्रों से पानी की निकासी को लेकर लगे हुए हैं, लेकिन मौके पर जाकर कहीं भी ऐसे हालात नजर नहीं आए। लोग खुद ही पानी की निकासी को लेकर प्रबंध करते नजर आए।
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दरअसल बुधवार सुबह लगभग 8.30 बजे बारिश शुरु हो गई, जोकि शुरुआती दौर में धीमी थी, लेकिन इसके बाद बारिश तेज हो गई और फिर धीरे-धीरे निचले क्षेत्रों में पानी भरने लगा क्योंकि पानी निकासी के लिए बनाई गई नालियां पहले ही गंदगी से अटी पड़ी थीं और इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई। अंबाला सिटी में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूर्व गृहमंत्री ने दी थी चेतावनी
बारिश के दौरान अंबाला छावनी में जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। यह चेतावनी नगर परिषद के अधिकारियों को पूर्व गृहमंत्री और अंबाला छावनी के विधायक अनिल विज की ओर से दी गई थी और उन्होंने निर्देश दिए थे कि बड़े नालों के साथ गली-मोहल्लों के छोटे नाले और नालियों की तरफ भी विशेष ध्यान दें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नप की यह कार्यवाही सिर्फ बड़े प्रमुख नालों तक ही सीमित होकर रह गई। ऐसे में बारिश के दौरान छोटे नाले व नालियों ने लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी।
भूमिगत पाइपों के लिए नहीं मशीन
अंबाला छावनी क्षेत्र को गंदगी मुक्त करने और गंदे पानी की निकासी के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई है, लेकिन इन पाइप लाइनों को साफ करने के लिए नगर परिषद के पास कोई भी मशीन नहीं है। उसे दूसरे विभाग से मशीन को उधार लेना पड़ता है। ऐसे में भूमिगत पाइपों की सफाई को लेकर नप अधिकारी कितना गंभीर हैं, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
जहां-जहां भी जलभराव की सूचना मिली थी, वहां सफाई कर्मचारी भेजने के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए गए थे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसकी जांच की जाएगी और व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।