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Ambala News: रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन देख दर्शक हुए भाव-विभोर
Wed, 01 Oct 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:34 AM IST
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मुलाना में आयोजित श्रीरामलीला के दौरान गणमान्य को सम्मानित करते आयोजक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। कस्बे में श्रीकृष्णा ड्रामेटिक क्लब की ओर से आयोजित श्री रामलीला मंचन का सिलसिला जारी है। आयोजन के दौरान मंच पर उपस्थित किन्नर समाज ने प्रभु श्रीराम की आरती में भाग लिया। महंत हिना ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि श्रीराम संपूर्ण मानव जाति के लिए आदर्श हैं। मंच पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग लक्ष्मण मुर्छा का जीवंत मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली अभिनय और संवाद अदायगी से पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना दिया। लक्ष्मण व मेघनाथ के जोरदार ओजस्वी संवादों को सुनकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं, इन दोनों ने गजब का अभिनय कर खूब वाहवाही बटोरी।
दोनों में भयंकर युद्ध हुआ, मेघनाथ ने ब्रह्म शक्ति द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। हनुमान लक्ष्मण को रामादल में ले आते हैं, लक्ष्मण को देखकर भगवान राम बहुत दुखी होते हैं, हाय ये क्या हो गया। मैं अब माता सुमित्रा व उर्मिला को क्या उत्तर दूंगा। विभीषण के कहने पर हनुमान लंका से सुषेण वैद्य को ले आते हैं, वैद्य नाड़ी देखकर बताते हैं की लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी ही एकमात्र जीवन की धारा है। हनुमान जी संजीवनी बूटी ले आते हैं, इससे लक्ष्मण की मूर्छा ठीक हो जाती है। पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। गांव-क्षेत्र से उमड़ी भारी भीड़ इस रामलीला मंचन की लोकप्रियता को दर्शा रही है।
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मुलाना। कस्बे में श्रीकृष्णा ड्रामेटिक क्लब की ओर से आयोजित श्री रामलीला मंचन का सिलसिला जारी है। आयोजन के दौरान मंच पर उपस्थित किन्नर समाज ने प्रभु श्रीराम की आरती में भाग लिया। महंत हिना ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि श्रीराम संपूर्ण मानव जाति के लिए आदर्श हैं। मंच पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग लक्ष्मण मुर्छा का जीवंत मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली अभिनय और संवाद अदायगी से पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना दिया। लक्ष्मण व मेघनाथ के जोरदार ओजस्वी संवादों को सुनकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं, इन दोनों ने गजब का अभिनय कर खूब वाहवाही बटोरी।
दोनों में भयंकर युद्ध हुआ, मेघनाथ ने ब्रह्म शक्ति द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। हनुमान लक्ष्मण को रामादल में ले आते हैं, लक्ष्मण को देखकर भगवान राम बहुत दुखी होते हैं, हाय ये क्या हो गया। मैं अब माता सुमित्रा व उर्मिला को क्या उत्तर दूंगा। विभीषण के कहने पर हनुमान लंका से सुषेण वैद्य को ले आते हैं, वैद्य नाड़ी देखकर बताते हैं की लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी ही एकमात्र जीवन की धारा है। हनुमान जी संजीवनी बूटी ले आते हैं, इससे लक्ष्मण की मूर्छा ठीक हो जाती है। पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। गांव-क्षेत्र से उमड़ी भारी भीड़ इस रामलीला मंचन की लोकप्रियता को दर्शा रही है।
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मुलाना में आयोजित श्रीरामलीला के दौरान गणमान्य को सम्मानित करते आयोजक। संवाद

मुलाना में आयोजित श्रीरामलीला के दौरान गणमान्य को सम्मानित करते आयोजक। संवाद

मुलाना में आयोजित श्रीरामलीला के दौरान गणमान्य को सम्मानित करते आयोजक। संवाद
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