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Ambala News: यूट्यूब पर लाइव जुड़े शिक्षकों ने सीखे बच्चों को पढ़ाने के गुर
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सरकारी स्कूल में पढ़ातीं शिक्षिका। आर्काइव
अंबाला। सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे कक्षा तत्परता कार्यक्रम को लेकर शिक्षा निदेशालय पूरी तरह से तैयार है। निदेशालय द्वारा जारी आदेशानुसार वीरवार दोपहर 1:45 बजे एक विशेष ऑनलाइन यूट्यूब लाइव सत्र का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के सभी प्राथमिक शिक्षकों ने भागीदारी की।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सत्र के दौरान बताया कि यह सत्र केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि शिक्षकों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला की तरह आयोजित की गई है ताकि उनके ज्ञान में वृद्धि की जा सके।
शिक्षकों को दिए टिप्स : सत्र के दौरान शिक्षकों को कार्यक्रम की बारीकियों को समझाया गया और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा शिक्षकों ने महत्वपूर्ण जानकारी अपनी डायरी में नोट किया ताकि कक्षा स्तर पर इससे जुड़ी जानकारी बच्चों को दी जा सके। सत्र समाप्त होने के बाद, सभी शिक्षकों के लिए एक प्रश्नावली पर आधारित टेस्ट पेपर भी लिया गया ताकि उन्हें प्राप्त ज्ञान का आकलन हो सके। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्रिंसिपलों, खंड शिक्षा अधिकारियों और क्लस्टर प्रमुखों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सत्र के दौरान स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट, बैठने की व्यवस्था और ऑडियो-वीडियो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। इस पूरे सत्र की मुख्यालय स्तर से निगरानी की गई थी।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सत्र के दौरान बताया कि यह सत्र केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि शिक्षकों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला की तरह आयोजित की गई है ताकि उनके ज्ञान में वृद्धि की जा सके।
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शिक्षकों को दिए टिप्स : सत्र के दौरान शिक्षकों को कार्यक्रम की बारीकियों को समझाया गया और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा शिक्षकों ने महत्वपूर्ण जानकारी अपनी डायरी में नोट किया ताकि कक्षा स्तर पर इससे जुड़ी जानकारी बच्चों को दी जा सके। सत्र समाप्त होने के बाद, सभी शिक्षकों के लिए एक प्रश्नावली पर आधारित टेस्ट पेपर भी लिया गया ताकि उन्हें प्राप्त ज्ञान का आकलन हो सके। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्रिंसिपलों, खंड शिक्षा अधिकारियों और क्लस्टर प्रमुखों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सत्र के दौरान स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट, बैठने की व्यवस्था और ऑडियो-वीडियो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। इस पूरे सत्र की मुख्यालय स्तर से निगरानी की गई थी।
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