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ब्लैक फंगस का संदिग्ध मरीज पहुंचा अस्पताल, करनाल रेफर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नागरिक अस्पताल में आंख के ठीक नीचे घाव और पूरे चेहरे पर सूजन के साथ उपचार कराने के लिए पहुंचा 50 वर्षीय जसवंत ब्लैक फंगस का संदिग्ध पाया गया। रैपिड टेस्ट में बुजुर्ग निगेटिव पाया गया तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन के साथ-साथ गंभीरता से जांच की तो ब्लैक फंगस के लक्षण सामने आए। आनन-फानन में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज ने उन्हें उपचार के लिए करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर भेज दिया।
लालकुर्ती निवासी जसवंत की पत्नी सुदामा देवी ने बताया कि उनके पति एक माह पहले ही यूपी के जिला जौनपुर में गए थे। वहां से एक सप्ताह पहले ही वापस आए थे। घर लौटे तो उनकी आंख के नीचे घाव यानी फंगस हो रखी थी। पहले तो वह मामूली घाव समझ कर अनदेखा करते रहे, लेकिन धीरे-धीरे घाव फैल गया और चेहरे पर भी सूजन आनी शुरू हो गई। अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि पति में ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। अभी तक पति जसवंत को कभी कोरोना नहीं हुआ।
यह हैं लक्षण
मुलाना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीष गुप्ता ने बताया कि नाक बंद होना, जबड़े का सुन्न होना, काला निशान, तलवा काला पड़ना, आंख में सूजन, आंख का बाहर आना, पलक पर सूजन, दांत ढील हो जाना। यह ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। ब्लैक फंगस के मरीज का कम से कम तीन सप्ताह का ट्रीटमेंट चलता है। उन्होंने कहा कि ठीक होने के बाद भी मरीज को एहतियात बरतने की जरूरत है। एक सप्ताह में दोबारा जांच के लिए जाना चाहिए।
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अंबाला। नागरिक अस्पताल में आंख के ठीक नीचे घाव और पूरे चेहरे पर सूजन के साथ उपचार कराने के लिए पहुंचा 50 वर्षीय जसवंत ब्लैक फंगस का संदिग्ध पाया गया। रैपिड टेस्ट में बुजुर्ग निगेटिव पाया गया तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन के साथ-साथ गंभीरता से जांच की तो ब्लैक फंगस के लक्षण सामने आए। आनन-फानन में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज ने उन्हें उपचार के लिए करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर भेज दिया।
लालकुर्ती निवासी जसवंत की पत्नी सुदामा देवी ने बताया कि उनके पति एक माह पहले ही यूपी के जिला जौनपुर में गए थे। वहां से एक सप्ताह पहले ही वापस आए थे। घर लौटे तो उनकी आंख के नीचे घाव यानी फंगस हो रखी थी। पहले तो वह मामूली घाव समझ कर अनदेखा करते रहे, लेकिन धीरे-धीरे घाव फैल गया और चेहरे पर भी सूजन आनी शुरू हो गई। अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि पति में ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। अभी तक पति जसवंत को कभी कोरोना नहीं हुआ।
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यह हैं लक्षण
मुलाना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीष गुप्ता ने बताया कि नाक बंद होना, जबड़े का सुन्न होना, काला निशान, तलवा काला पड़ना, आंख में सूजन, आंख का बाहर आना, पलक पर सूजन, दांत ढील हो जाना। यह ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। ब्लैक फंगस के मरीज का कम से कम तीन सप्ताह का ट्रीटमेंट चलता है। उन्होंने कहा कि ठीक होने के बाद भी मरीज को एहतियात बरतने की जरूरत है। एक सप्ताह में दोबारा जांच के लिए जाना चाहिए।
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