{"_id":"615a06d68ebc3e095b7fa249","slug":"students-showing-interest-in-electrician-copa-fitter-today-is-the-last-day-of-application-ambala-news-knl85337156","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलेक्ट्रीशियन, कोपा, फिटर में रुचि दिखा रहे छात्र, आज आवेदन का आखिरी दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलेक्ट्रीशियन, कोपा, फिटर में रुचि दिखा रहे छात्र, आज आवेदन का आखिरी दिन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। मिशन एडमिशन के तहत आईटीआई में आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। इसके बाद कोई भी छात्र आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। जिले भर में करीब 19 हजार छात्रों ने आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन किया है। इसमें सबसे अधिक आवेदन शहर की आईटीआई में है, जहां सभी आईटीआई से करीब दो गुने यानी 10 हजार 900 आवेदन अभी तक आ चुके हैं।
इस आईटीआई में इस बार करीब 1120 सीट पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। ऐसे ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भांरनपुर में 388 सीटों के लिए लगभग 2100 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जितने भी आवेदन अभी तक दाखिले के लिए प्राप्त हुए हैं। उसमें सबसे अधिक आवेदन इलेक्ट्रीशियन, कोपा, फिटर, मेकैनिक, डीजल, स्टेनो हिंदी, स्टेनों अंग्रेजी व्यवसाय में आए हैं। आज भी आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी।
ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग का मिलता है छात्रों को लाभ
आईटीआई में ऐसे बहुत सारे व्यवसाय हैं जिनमें अभी तक आवेदक कम रुचि ले रहे हैं। परंतु उन विषयों में भी अन्य व्यवसायों की तरह स्वरोजगार, रोजगार तथा उच्च शिक्षा की बराबर की संभावनाएं हैं। इन सभी व्यवसायों में आईटीआई पास करने वाले परिजनों को पॉलिटेक्निक में सीधे द्वितीय वर्ष में एवं बारहवीं के बराबर का प्रमाण पत्र प्राप्त होता है। इसमें फाउंड्रीमैन, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, लिथो ऑफसेट मशीन माइंडेर, संस्थान में फाउंडरीमैन व्यवसाय तथा पीपीओ व्यवसाय के एक-एक यूनिट ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के अंतर्गत भी चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के अंतर्गत दाखिला प्राप्त करने वाला प्रशिक्षुओं को अपने कोर्स का आधा समय उद्योग में ट्रेनिंग करने के लिए मिलता है तो आधा समय प्रशिक्षु आईटीआई में ट्रेनिंग करता है, जिसका प्रशिक्षुओं को बहुत अधिक लाभ मिलता है। ट्रेनिंग प्राप्त होने के साथ-साथ कच्चे सामान की खरीद एवं तैयार माल की सप्लाई के बारे में भी संपूर्ण रूप से जानकारी दी जाती है। इससे प्रशिक्षु को कोर्स पूर्ण करने के उपरांत रोजगार प्राप्त करने में आसानी होती है।
आज आईटीआई में दाखिला लेने के लिए अंतिम दिन है। इस दौरान अधिक से अधिक छात्रों को आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन करना चाहिए ताकि भविष्य में प्रशिक्षु रोजगार व स्वरोजगार के लिए कारगर साबित हो सकें।
- भूपिंद्र सिंह सांगवान, प्राचार्य, आईटीआई।
विज्ञापन
इस आईटीआई में इस बार करीब 1120 सीट पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। ऐसे ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भांरनपुर में 388 सीटों के लिए लगभग 2100 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जितने भी आवेदन अभी तक दाखिले के लिए प्राप्त हुए हैं। उसमें सबसे अधिक आवेदन इलेक्ट्रीशियन, कोपा, फिटर, मेकैनिक, डीजल, स्टेनो हिंदी, स्टेनों अंग्रेजी व्यवसाय में आए हैं। आज भी आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी।
विज्ञापन
ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग का मिलता है छात्रों को लाभ
आईटीआई में ऐसे बहुत सारे व्यवसाय हैं जिनमें अभी तक आवेदक कम रुचि ले रहे हैं। परंतु उन विषयों में भी अन्य व्यवसायों की तरह स्वरोजगार, रोजगार तथा उच्च शिक्षा की बराबर की संभावनाएं हैं। इन सभी व्यवसायों में आईटीआई पास करने वाले परिजनों को पॉलिटेक्निक में सीधे द्वितीय वर्ष में एवं बारहवीं के बराबर का प्रमाण पत्र प्राप्त होता है। इसमें फाउंड्रीमैन, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, लिथो ऑफसेट मशीन माइंडेर, संस्थान में फाउंडरीमैन व्यवसाय तथा पीपीओ व्यवसाय के एक-एक यूनिट ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के अंतर्गत भी चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग के अंतर्गत दाखिला प्राप्त करने वाला प्रशिक्षुओं को अपने कोर्स का आधा समय उद्योग में ट्रेनिंग करने के लिए मिलता है तो आधा समय प्रशिक्षु आईटीआई में ट्रेनिंग करता है, जिसका प्रशिक्षुओं को बहुत अधिक लाभ मिलता है। ट्रेनिंग प्राप्त होने के साथ-साथ कच्चे सामान की खरीद एवं तैयार माल की सप्लाई के बारे में भी संपूर्ण रूप से जानकारी दी जाती है। इससे प्रशिक्षु को कोर्स पूर्ण करने के उपरांत रोजगार प्राप्त करने में आसानी होती है।
आज आईटीआई में दाखिला लेने के लिए अंतिम दिन है। इस दौरान अधिक से अधिक छात्रों को आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन करना चाहिए ताकि भविष्य में प्रशिक्षु रोजगार व स्वरोजगार के लिए कारगर साबित हो सकें।
- भूपिंद्र सिंह सांगवान, प्राचार्य, आईटीआई।