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Ambala News: विद्यार्थी बोले- अब सजा और जुर्माने के कारण कम होंगी पेपर लीक की घटनाएं
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डीएवी कॉलेज में चर्चा करते हुए कॉलेज के विद्यार्थी, संवाद।
अंबाला सिटी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए लोक सेवा परीक्षा विधेयक एक रोशनी के सामन दिख रहा है। इसके लिए विद्यार्थियों का कहना है कि इस विधेयक के आने से पेपर लीक जैसे मामलों पर लगाम लग सकेगी।
दरअसल शहर के डीएवी कॉलेज में एक परिचर्चा आयोजित हुई, जिसमें अधिकतर विद्यार्थियों का कहना था कि इस विधेयक के आने से जहां पेपर लीक होने की घटनाओं में कमी आएगी तो वहीं इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को एक सबक मिलेगा। इसके चलते लोक परीक्षाओं में होने वाली नकल के मामलों में भी कमी आएगी और योग्य अभ्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
योग्य अभ्यार्थियों को मिलेगा मौका
बीए फाइनल के छात्र अमन ने बताया कि वह यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। इस विधेयक के आने से ऐसे अभ्यार्थियों पर लगाम लगेगी जो नकल का सहारा लेकर परीक्षा पास करते हैं। ऐसे में योग्य अभ्यार्थियों को मौका मिलेगा।
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जुर्माना और सजा दोनों होनी चाहिए कम
एसएससी की तैयारी कर रहे बीए फाइनल के विद्यार्थी राहुल ने बताया कि विधेयक में 10 वर्ष की सजा व एक करोड़ तक का जुर्माना यह बिल्कुल ठीक है।
विधेयक में जुर्माना सही
बीएससी साइंस फाइनल की छात्रा जंडली निवासी सिमरन ने बताया कि वह आईआईटी के लिए तैयारी कर रही है। विधेयक में जुर्माना तो सही है। इस फैसले से सही युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सजा और बढ़ानी चाहिए
बीए फाइनल की छात्रा प्रिती ने बताया कि इस विधेयक में सजा को तो बढ़ा देना चाहिए। ऐसे सख्त कानून आएंगे तभी पारदर्शिता को हम ला सकेंगे। पिछले दिनों पीजीटी की भर्ती में अंबाला में ही ऐसा गिरोह पकड़ा गया था। ऐसे मामले मिलते हैं तो परीक्षार्थियों का हौसला कमजोर होता है।
पहले ही उठा लेना चाहिए था कदम
बीए फाइनल में पढ़ रहे सौरभ का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवा अपना पूरा समय लगा देते हैं मगर आगे जाकर उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। इससे वह हताश होते हैं टूट जाते हैं। सरकार को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था।
युवाओं के भविष्य को मिलेगी सुरक्षा
बीएससी फाइनल के छात्र प्रभात ने बताया कि वह एसएससी व सीजीएल की तैयारी कर रहा है। प्रभात का कहना है कि सजा को सात से आठ वर्ष तक किया जाना चाहिए तो वहीं जुर्माने को भी बढ़ा देना चाहिए। नकल के कारण कई युवाओं के भविष्य पर खतरा बन जाता है। इस विधेयक से उस खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
फोटो: 39
डीएवी कॉलेज के प्राचार्य राजीव महाजन का कहना है कि विधेयक में सजा ठीक है। पेपर लीक होन के चलते भर्ती प्रक्रिया बुरी तरह से प्रभावित होती है। जिसके कारण सक्षम युवाओं को समय रहते मौका नहीं मिल पाता। वहीं इस प्रकार के मामलों की सुनवाई भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।
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दरअसल शहर के डीएवी कॉलेज में एक परिचर्चा आयोजित हुई, जिसमें अधिकतर विद्यार्थियों का कहना था कि इस विधेयक के आने से जहां पेपर लीक होने की घटनाओं में कमी आएगी तो वहीं इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को एक सबक मिलेगा। इसके चलते लोक परीक्षाओं में होने वाली नकल के मामलों में भी कमी आएगी और योग्य अभ्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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योग्य अभ्यार्थियों को मिलेगा मौका
बीए फाइनल के छात्र अमन ने बताया कि वह यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। इस विधेयक के आने से ऐसे अभ्यार्थियों पर लगाम लगेगी जो नकल का सहारा लेकर परीक्षा पास करते हैं। ऐसे में योग्य अभ्यार्थियों को मौका मिलेगा।
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जुर्माना और सजा दोनों होनी चाहिए कम
एसएससी की तैयारी कर रहे बीए फाइनल के विद्यार्थी राहुल ने बताया कि विधेयक में 10 वर्ष की सजा व एक करोड़ तक का जुर्माना यह बिल्कुल ठीक है।
विधेयक में जुर्माना सही
बीएससी साइंस फाइनल की छात्रा जंडली निवासी सिमरन ने बताया कि वह आईआईटी के लिए तैयारी कर रही है। विधेयक में जुर्माना तो सही है। इस फैसले से सही युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सजा और बढ़ानी चाहिए
बीए फाइनल की छात्रा प्रिती ने बताया कि इस विधेयक में सजा को तो बढ़ा देना चाहिए। ऐसे सख्त कानून आएंगे तभी पारदर्शिता को हम ला सकेंगे। पिछले दिनों पीजीटी की भर्ती में अंबाला में ही ऐसा गिरोह पकड़ा गया था। ऐसे मामले मिलते हैं तो परीक्षार्थियों का हौसला कमजोर होता है।
पहले ही उठा लेना चाहिए था कदम
बीए फाइनल में पढ़ रहे सौरभ का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवा अपना पूरा समय लगा देते हैं मगर आगे जाकर उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। इससे वह हताश होते हैं टूट जाते हैं। सरकार को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था।
युवाओं के भविष्य को मिलेगी सुरक्षा
बीएससी फाइनल के छात्र प्रभात ने बताया कि वह एसएससी व सीजीएल की तैयारी कर रहा है। प्रभात का कहना है कि सजा को सात से आठ वर्ष तक किया जाना चाहिए तो वहीं जुर्माने को भी बढ़ा देना चाहिए। नकल के कारण कई युवाओं के भविष्य पर खतरा बन जाता है। इस विधेयक से उस खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
फोटो: 39
डीएवी कॉलेज के प्राचार्य राजीव महाजन का कहना है कि विधेयक में सजा ठीक है। पेपर लीक होन के चलते भर्ती प्रक्रिया बुरी तरह से प्रभावित होती है। जिसके कारण सक्षम युवाओं को समय रहते मौका नहीं मिल पाता। वहीं इस प्रकार के मामलों की सुनवाई भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।

डीएवी कॉलेज में चर्चा करते हुए कॉलेज के विद्यार्थी, संवाद।