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Ambala News: पाॅलिटेक्निक और आईटीआई में बढ़े विद्यार्थी
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अंबाला सिटी। तकनीकी शिक्षा में पिछले कुछ वर्षों में स्मार्ट तरीके से पढ़ाई ने जोर पकड़ा है। अब कक्षा में स्मार्ट रूम बनाए गए हैं। इन स्मार्ट रूम में चोक व डस्टर की जरूरत नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
इन बुनियादी ढांचा के बढ़ने से विद्यार्थियों की कोर्स में भी संख्या बढ़ी है। खास कर कोरोना के बाद डिजिटल पढ़ाई और कंप्यूटर से जुड़े कोर्स में ज्यादा रुझान देखने को मिला है। यही नहीं राजकीय बहुतकनीकी व आईटीआई में नए कोर्स जुड़ने से स्टाफ की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
पहली काउंसलिंग में ही सीट फुल
शहर के कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान में कोर्स से जुड़ी लैब भी बढ़ी है। जिससे छात्राएं कोर्स के प्रैक्टिकल भी कर सकती हैं। कॉलेज से दाखिला नोडल अधिकारी डॉ. अश्वनी भारद्वाज ने बताया कि मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (एमएलटी) कोर्स में छात्राओं का काफी रुझान बढ़ा है, क्योंकि इस कोर्स की सरकारी व निजी अस्पतालों में काफी मांग है और विदेशों में भी पढ़ाई के बाद कोर्स कर छात्राएं भविष्य बना रही हैं। इस कोर्स में पहली काउंसलिंग में 60 सीट भर गई थी। कोरोना के बाद तो कोर्स की मांग ज्यादा बढ़ गई है। इसी तरह कंप्यूटर साइंस कोर्स में भी सीट फुल हो गई हैं। इन कोर्स से जुड़े बुनियादी ढांचा में काफी इजाफा हुआ है।
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स्मार्ट रूम से विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई, डिजिटल पढ़ाई पर दिया जा रहा जोर
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य डॉ. राजीव सपरा ने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में कई नए संस्थान बढ़े हैं। इन सभी संस्थानों में मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच में अवसर भी बढ़ गए हैं। लैब के सामान में भी बढ़ोतरी हुई है। जिससे विद्यार्थी प्रैक्टिकल कर सीख रहे हैं। स्मार्ट रूम बढ़ रहे हैं। कॉलेजों में लकड़ी के बोर्ड की जरूरत नहीं पड़ती। स्मार्ट रूम में डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। लैब में सीखने को लेकर भी जोर दिया जा रहा है, क्योंकि मार्केट में उस आधार पर ही विद्यार्थियों का कंपनियों में चयन होता है। प्लेसमेंट बढ़ने से कई विद्यार्थियों का अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी चयन हुआ है।
कोरोना के बाद बढ़ा ऑनलाइन काम
राजकीय आईटीआई महिला के प्राचार्य गुरुचरण शर्मा ने बताया कि संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर कम प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) कोर्स में सीट फुल हो गई हैं। इस कारण यह भी है कि यह कोर्स नौकरी में काफी सहायक है। कोरोना के बाद ऑनलाइन कार्य बढ़ने से कोर्स की मांग भी बढ़ी है। इन कोर्स से जुड़ी लैब और प्रैक्टिकल भी बढ़ हैं। कई नए कोर्स के साथ उन कोर्स से जुड़े से शिक्षकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
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इन बुनियादी ढांचा के बढ़ने से विद्यार्थियों की कोर्स में भी संख्या बढ़ी है। खास कर कोरोना के बाद डिजिटल पढ़ाई और कंप्यूटर से जुड़े कोर्स में ज्यादा रुझान देखने को मिला है। यही नहीं राजकीय बहुतकनीकी व आईटीआई में नए कोर्स जुड़ने से स्टाफ की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
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पहली काउंसलिंग में ही सीट फुल
शहर के कल्पना चावला राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान में कोर्स से जुड़ी लैब भी बढ़ी है। जिससे छात्राएं कोर्स के प्रैक्टिकल भी कर सकती हैं। कॉलेज से दाखिला नोडल अधिकारी डॉ. अश्वनी भारद्वाज ने बताया कि मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (एमएलटी) कोर्स में छात्राओं का काफी रुझान बढ़ा है, क्योंकि इस कोर्स की सरकारी व निजी अस्पतालों में काफी मांग है और विदेशों में भी पढ़ाई के बाद कोर्स कर छात्राएं भविष्य बना रही हैं। इस कोर्स में पहली काउंसलिंग में 60 सीट भर गई थी। कोरोना के बाद तो कोर्स की मांग ज्यादा बढ़ गई है। इसी तरह कंप्यूटर साइंस कोर्स में भी सीट फुल हो गई हैं। इन कोर्स से जुड़े बुनियादी ढांचा में काफी इजाफा हुआ है।
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स्मार्ट रूम से विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई, डिजिटल पढ़ाई पर दिया जा रहा जोर
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य डॉ. राजीव सपरा ने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में कई नए संस्थान बढ़े हैं। इन सभी संस्थानों में मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक ब्रांच में अवसर भी बढ़ गए हैं। लैब के सामान में भी बढ़ोतरी हुई है। जिससे विद्यार्थी प्रैक्टिकल कर सीख रहे हैं। स्मार्ट रूम बढ़ रहे हैं। कॉलेजों में लकड़ी के बोर्ड की जरूरत नहीं पड़ती। स्मार्ट रूम में डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। लैब में सीखने को लेकर भी जोर दिया जा रहा है, क्योंकि मार्केट में उस आधार पर ही विद्यार्थियों का कंपनियों में चयन होता है। प्लेसमेंट बढ़ने से कई विद्यार्थियों का अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी चयन हुआ है।
कोरोना के बाद बढ़ा ऑनलाइन काम
राजकीय आईटीआई महिला के प्राचार्य गुरुचरण शर्मा ने बताया कि संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर कम प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) कोर्स में सीट फुल हो गई हैं। इस कारण यह भी है कि यह कोर्स नौकरी में काफी सहायक है। कोरोना के बाद ऑनलाइन कार्य बढ़ने से कोर्स की मांग भी बढ़ी है। इन कोर्स से जुड़ी लैब और प्रैक्टिकल भी बढ़ हैं। कई नए कोर्स के साथ उन कोर्स से जुड़े से शिक्षकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।