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Ambala News: जल्द एसोसिएशनें संभालेंगी शहर के सामुदायिक भवन
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। शहर में नगर निगम क्षेत्र में बने सामुदायिक भवन शहरवासियों की सुविधा के लिए हैं, लेकिन यहां के लोग महंगे पैलेसों में शादी करा रहे हैं। इसका कारण निगम का सामुदायिक भवनों का सही रखरखाव न करना है। इन भवनों के हालात बद से बदतर हैं।
इन हालातों को देखते हुए निगम अब इन सामुदायिक भवनों को रिपेयर कर सेक्टर और कॉलोनी में बनी एसोसिएशन के हवाले करेगा। ये एसोसिएशन ही इन सामुदायिक भवनों की देखरेख करेंगी और वही इसे चलाएंगी। निगम रिपेयर होने वाले सामुदायिक भवन की रिपेयर कराएगा और इसके बाद इन्हें एसोसिएशन को सौंपा जाएगा।
सोसायटी को सौंपने की उठी थी मांग
दरअसल, चुनाव से पहले वित्त और अनुबंध समिति की बैठक हुई थी। इसमें पार्षदों ने मांग की थी कि सामुदायिक भवनों का सही तरीके से रखरखाव नहीं हो रहा। इससे यहां गंदगी रहती है, इसलिए इन भवनों के रखरखाव का जिम्मा इलाके की रेसिडेंट वेलफेयर सोसायटी को दे दिया जाए। साथ ही निगम भी सोसायटी का इसके लिए सहयोग करे। यही नहीं दूसरे जिलों में चलाए जा रहे सामुदायिक भवनों के लिए भी बैठक में सुझाव दिए थे। इस पर मेयर शक्तिरानी शर्मा ने निगम अधिकारियों को एक प्लान बनाने के निर्देश दिए थे और साथ ही सामुदायिक भवनों की रिपेयर के लिए दो करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव भी पास किया था।
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शहर में दो दर्जन सामुदायिक भवन और पंचायत घर
अंबाला शहर में नगर निगम के अंतर्गत 24 सामुदायिक भवन व पंचायत घर चल रहे हैं। इनमें सेक्टर-1, सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-9, सेक्टर-10, प्रेम नगर, विकास विहार, जड़ौत रोड सूर्या काॅलोनी, बारात घर जड़ौत रोड, डंगडेहरी, पंचायत घर मंडौर, सिंघावाला, बारात घर सिंघावाला, कांवला, धूलकोट, फ्रैंडस कॉलोनी, जग्गी कॉलोनी, नसीरपुर, सादोपुर, शांति निकेतन कॉलोनी, काकरू गांव, सुलतानपुर, सौंडा गांव, कालू माजरा व लिहारसा शामिल हैं। शादी के लिए निगम ने 5100 रुपये का किराया रखा है, जबकि बीपीएल परिवार के लिए शादी का 1100 रुपये किराया रखा गया है। इसी तरह शोकसभा के लिए 1100 रुपये किराया रखा गया है। शादी के लिए पांच हजार रुपये सिक्योरिटी राशि भी रखी गई है। यह राशि शादी से पहले जमा करवानी होती है और शादी होने के बाद वापस मिल जाती है।
शीशे टूटे और झाड़ियां, सालों से यही हालात
सबसे ज्यादा खराब हालत सेक्टर-1 के सामुदायिक भवन की बनी है। इस भवन के गेट पर ताला है। अंदर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। गंदगी है और शीशे भी टूटे हैं। इस भवन की तरफ लंबे समय से ध्यान नहीं दिया। सेक्टरवासी कई बार भवन की हालत सुधारने के लिए निगम को पत्र लिख चुके हैं। अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-1 के कोषाध्यक्ष केजी गुप्ता ने बताया कि सामुदायिक भवन की पांच साल से खस्ता हालत हैं। निगम अधिकारियों को कई बार इस बारे में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अभी तक भवन की रिपेयर नहीं की गई। भवन में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। वह निगम अधिकारियों को कह चुके हैं कि भवन को रिपेयर कर एसोसिएशन को सौंप दिया जाए।
23.98 लाख रुपये से होनी है मरम्मत
शहर के सेक्टर-7 के सामुदायिक भवन की हालत खस्ता है। भवन की रिपेयर का कार्य कई महीनों से चल रहा है, मगर अभी तक लटका हुआ है। भवन में पुराने बिजली तारों को बदलकर नई डालने हैं। इसके लिए निगम ने निविदा लगानी है, मगर अभी तक यह कार्य ठंडे बस्ते में है। इससे रिपेयर का कार्य भी बीच में लटक गया है। अभी भवन के शौचालय, दरवाजे, शीशे, जालियां सभी टूटे हैं। सेक्टर-7 रेसिडेंट्स सोशल और कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान संदीप सचदेवा अधिवक्ता ने बताया कि करीब छह महीने से सामुदायिक भवन की रिपेयर का कार्य लटका है। वह जल्द इसका कार्य शुरू करवाएंगे। वह शुरू से मांग उठा रहे हैं कि सामुदायिक भवन को रिपेयर कर उनको सौंपा जाएं।
सेक्टरों के सामुदायिक भवन में बड़ी घास
सेक्टर-8 : सामुदायिक भवन में अंदर सफाई नहीं है। भवन के चारों तरफ गंदगी जमा है। बड़ी-बड़ी घास भवन के चारों तरफ उगी हुई है। अंदर पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां भी सफाई नहीं है। गंदगी का यह आलम काफी समय से बना हुआ है। इस भवन को दो मंजिला बनाया है।
ये हैं सेक्टरों के हालात
सेक्टर-9
इस सामुदायिक भवन में सफाई की गई है। यहां निगम कर्मचारी अपनी रेहड़ियां खड़ी करते हैं और सामान भी रखते हैं। इस भवन की हालत सही है। यह कर्मचारी सफाई भी करते हैं।
सेक्टर-10
इस सामुदायिक भवन के पीछे काफी एरिया खाली है। भवन के पीछे घास उगने से गंदगी हो जाती है। इस भवन को दो मंजिला बनाया गया है। भवन के पीछे अभी झाड़ियों को साफ किया गया है। भवन में पीछे काफी जगह खाली है।
वर्जन
शहर के सामुदायिक भवन को रिपेयर करवाया जाएगा और इसके बाद इन भवनों को सेक्टर व अन्य कॉलोनी जहां भी एसोसिएशन बनी हैं, वहां उनको रखरखाव व बुकिंग के लिए सौंपा जाएगा। एसोसिएशन ही इन सामुदायिक भवनों की देखरेख करेंगी और उसकी बुकिंग करेंगी। सामुदायिक भवनों को रिपेयर करवाने के लिए निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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अंबाला सिटी। शहर में नगर निगम क्षेत्र में बने सामुदायिक भवन शहरवासियों की सुविधा के लिए हैं, लेकिन यहां के लोग महंगे पैलेसों में शादी करा रहे हैं। इसका कारण निगम का सामुदायिक भवनों का सही रखरखाव न करना है। इन भवनों के हालात बद से बदतर हैं।
इन हालातों को देखते हुए निगम अब इन सामुदायिक भवनों को रिपेयर कर सेक्टर और कॉलोनी में बनी एसोसिएशन के हवाले करेगा। ये एसोसिएशन ही इन सामुदायिक भवनों की देखरेख करेंगी और वही इसे चलाएंगी। निगम रिपेयर होने वाले सामुदायिक भवन की रिपेयर कराएगा और इसके बाद इन्हें एसोसिएशन को सौंपा जाएगा।
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सोसायटी को सौंपने की उठी थी मांग
दरअसल, चुनाव से पहले वित्त और अनुबंध समिति की बैठक हुई थी। इसमें पार्षदों ने मांग की थी कि सामुदायिक भवनों का सही तरीके से रखरखाव नहीं हो रहा। इससे यहां गंदगी रहती है, इसलिए इन भवनों के रखरखाव का जिम्मा इलाके की रेसिडेंट वेलफेयर सोसायटी को दे दिया जाए। साथ ही निगम भी सोसायटी का इसके लिए सहयोग करे। यही नहीं दूसरे जिलों में चलाए जा रहे सामुदायिक भवनों के लिए भी बैठक में सुझाव दिए थे। इस पर मेयर शक्तिरानी शर्मा ने निगम अधिकारियों को एक प्लान बनाने के निर्देश दिए थे और साथ ही सामुदायिक भवनों की रिपेयर के लिए दो करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव भी पास किया था।
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शहर में दो दर्जन सामुदायिक भवन और पंचायत घर
अंबाला शहर में नगर निगम के अंतर्गत 24 सामुदायिक भवन व पंचायत घर चल रहे हैं। इनमें सेक्टर-1, सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-9, सेक्टर-10, प्रेम नगर, विकास विहार, जड़ौत रोड सूर्या काॅलोनी, बारात घर जड़ौत रोड, डंगडेहरी, पंचायत घर मंडौर, सिंघावाला, बारात घर सिंघावाला, कांवला, धूलकोट, फ्रैंडस कॉलोनी, जग्गी कॉलोनी, नसीरपुर, सादोपुर, शांति निकेतन कॉलोनी, काकरू गांव, सुलतानपुर, सौंडा गांव, कालू माजरा व लिहारसा शामिल हैं। शादी के लिए निगम ने 5100 रुपये का किराया रखा है, जबकि बीपीएल परिवार के लिए शादी का 1100 रुपये किराया रखा गया है। इसी तरह शोकसभा के लिए 1100 रुपये किराया रखा गया है। शादी के लिए पांच हजार रुपये सिक्योरिटी राशि भी रखी गई है। यह राशि शादी से पहले जमा करवानी होती है और शादी होने के बाद वापस मिल जाती है।
शीशे टूटे और झाड़ियां, सालों से यही हालात
सबसे ज्यादा खराब हालत सेक्टर-1 के सामुदायिक भवन की बनी है। इस भवन के गेट पर ताला है। अंदर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। गंदगी है और शीशे भी टूटे हैं। इस भवन की तरफ लंबे समय से ध्यान नहीं दिया। सेक्टरवासी कई बार भवन की हालत सुधारने के लिए निगम को पत्र लिख चुके हैं। अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-1 के कोषाध्यक्ष केजी गुप्ता ने बताया कि सामुदायिक भवन की पांच साल से खस्ता हालत हैं। निगम अधिकारियों को कई बार इस बारे में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अभी तक भवन की रिपेयर नहीं की गई। भवन में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। वह निगम अधिकारियों को कह चुके हैं कि भवन को रिपेयर कर एसोसिएशन को सौंप दिया जाए।
23.98 लाख रुपये से होनी है मरम्मत
शहर के सेक्टर-7 के सामुदायिक भवन की हालत खस्ता है। भवन की रिपेयर का कार्य कई महीनों से चल रहा है, मगर अभी तक लटका हुआ है। भवन में पुराने बिजली तारों को बदलकर नई डालने हैं। इसके लिए निगम ने निविदा लगानी है, मगर अभी तक यह कार्य ठंडे बस्ते में है। इससे रिपेयर का कार्य भी बीच में लटक गया है। अभी भवन के शौचालय, दरवाजे, शीशे, जालियां सभी टूटे हैं। सेक्टर-7 रेसिडेंट्स सोशल और कल्चरल वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान संदीप सचदेवा अधिवक्ता ने बताया कि करीब छह महीने से सामुदायिक भवन की रिपेयर का कार्य लटका है। वह जल्द इसका कार्य शुरू करवाएंगे। वह शुरू से मांग उठा रहे हैं कि सामुदायिक भवन को रिपेयर कर उनको सौंपा जाएं।
सेक्टरों के सामुदायिक भवन में बड़ी घास
सेक्टर-8 : सामुदायिक भवन में अंदर सफाई नहीं है। भवन के चारों तरफ गंदगी जमा है। बड़ी-बड़ी घास भवन के चारों तरफ उगी हुई है। अंदर पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां भी सफाई नहीं है। गंदगी का यह आलम काफी समय से बना हुआ है। इस भवन को दो मंजिला बनाया है।
ये हैं सेक्टरों के हालात
सेक्टर-9
इस सामुदायिक भवन में सफाई की गई है। यहां निगम कर्मचारी अपनी रेहड़ियां खड़ी करते हैं और सामान भी रखते हैं। इस भवन की हालत सही है। यह कर्मचारी सफाई भी करते हैं।
सेक्टर-10
इस सामुदायिक भवन के पीछे काफी एरिया खाली है। भवन के पीछे घास उगने से गंदगी हो जाती है। इस भवन को दो मंजिला बनाया गया है। भवन के पीछे अभी झाड़ियों को साफ किया गया है। भवन में पीछे काफी जगह खाली है।
वर्जन
शहर के सामुदायिक भवन को रिपेयर करवाया जाएगा और इसके बाद इन भवनों को सेक्टर व अन्य कॉलोनी जहां भी एसोसिएशन बनी हैं, वहां उनको रखरखाव व बुकिंग के लिए सौंपा जाएगा। एसोसिएशन ही इन सामुदायिक भवनों की देखरेख करेंगी और उसकी बुकिंग करेंगी। सामुदायिक भवनों को रिपेयर करवाने के लिए निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।