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Ambala News: बाढ़ के बाद गाद बनी आफत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Sep 2023 02:53 AM IST
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Silt became a disaster after flood
अंबाला सिटी। बाढ़ के जाने के बाद भी जिले में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुलाना और नग्गल क्षेत्र में कई किसान अभी खेतों में जमा गाद से परेशान हैं। एक माह बाद भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं हैं।
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विदित हो कि बाढ़ के दिनों में एक बार नहीं, बल्कि दो से तीन बार मारकंडा, घग्घर और टांगरी नदी के पानी ने मुलाना और नग्गल क्षेत्र में मार की। इस वजह से शहर के डडियाना, घेल, खैरा, नडियाली, मेतलां, अहमां, नग्गल, मुलाना एरिया के हेमामाजरा, हमीदपुर, पपलौथा, झाड़ूमाजरा, खेड़ा, जफरपुर समेत आसपास के गांव में खेत कई दिनों तक पानी में डूबे रहे। यहां लोगों को खाने-पीने के लिए तरसना पड़ा। साथ ही लोगों के घरों का सामान और अनाज भी खराब हो गया। यही नहीं खेतों में कई दिनों तक मिट्टी गाद से भरा पानी जमा रहा और किसान अभी तक इस गाद से परेशान हैं, उनके खेतों से गाद नहीं निकल पाई है। हिसार-बाईपास रोड पर कई किसान अपने खेतों से दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर गाद निकाल रहे हैं। मुलाना एरिया में घेलड़ी के पास खेतों में अभी तक किसान फसल नहीं लगा सके हैं।
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प्रशासन ने नहीं शुरू किया फसलों का शुरू
घेलड़ी गांव के प्रदीप कुमार ने बताया कि मारकंडा से आए पानी की मार से खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। अभी भी खेतों में बरसाती पानी जमा है। तीन बार मारकंडा के पानी ने मार की। किसानों ने दोबारा धान व गन्ने की फसल लगाई थी, मगर वह भी पानी के मार से बर्बाद हो गई। अभी तक प्रशासन ने फसलों को लेकर सर्वे शुरू नहीं किया है।
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खेतों में गाद से फसल हुई खराब
खैरा गांव से परमजीत ने बताया कि उनके एरिया में ज्यादातर किसानों ने अपनी फसल तो दोबारा लगा दी है, मगर खेतों में बाढ़ के कारण गाद जमा होने पर फसल खराब हो गई है। जहां प्रति एकड़ से 25 क्विंटल पैदावार होनी थी, इस बार करीब 10 से 12 क्विंटल ही पैदावार होने की उम्मीद है, क्योंकि धान की फसल लेट हो गई थी और फसल बीच-बीच में से खराब भी हो रही है।

कोट्स
अभी जिले में विभाग की तरफ से क्रॉप मैपिंग चल रही है कि कितने एकड़ में कौन सी फसल किसानों ने लगाई थी। पिछले वर्ष एक लाख दो हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगी थी। इस बार 88 हजार हेक्टेयर में ही धान की फसल लगी है। 12 से 13 हजार हेक्टेयर धान की फसल कम लगी है। जिले की बात करें तो करीब 35 से 36 हजार हेक्टेयर में फसल का नुकसान हुआ। करीब 5 से 6 हजार एकड़ खेत खाली हो सकते हैं। मुलाना एरिया में मारकंडा और नग्गल एरिया में घग्घर के पानी ने फसलों को प्रभावित किया।

जसविंद्र सिंह, जिला उप निदेशक, कृषि विभाग।

वर्जन
सरकार की तरफ से बाढ़ के बाद आई गाद को हटाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस पर अधिकारियों के साथ मंत्रणा कर रणनीति बनाई जा रही है। कहां अधिक स्थिति खराब है उसी आधार पर काम शुरू किया जाएगा। डॉ. शालीन, उपायुक्त
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