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Haryana: विदेश जाकर अच्छे भविष्य की थी चाहत, जर्मन की जगह भेजा बेलारुस, रास्ते में मौत

Sun, 07 Apr 2024 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बराड़ा, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बराड़ा, अंबाला (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 Apr 2024 02:23 AM IST
सार

मृतक के परिजनों ने विदेश भेजने वाले एजेंट पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक युवक के बड़े भाई संजीव कुमार की शिकायत पर आरोपी एजेंट के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Sent to Belarus instead of German, died on the way
अनिल कुमार की फाइल फोटो।

विस्तार

विदेश में जाकर रोजगार के जरिये बेहतर भविष्य बनाने की चाह में गए एक युवक की मौत हो गई। उसका शव शनिवार को घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। युवक की पत्नी और दो छोटी बच्चियां हैं।
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परिजनों का कहना कि एजेंट की वजह से ये सब कुछ हुआ है, क्योंकि एजेंट ने युवक को जर्मनी भेजने के लिए पैसे लिए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत गई और एजेंट उन्हें गुमराह करता रहा कि युवक विदेश में ठीक है, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की मौजूदगी में शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
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जर्मन के लिए मांगे थे साढ़े 13 लाख
मृतक के भाई संजीव ने बताया कि वह तीन भाई हैं और उसका सबसे छोटा भाई अनिल कुमार प्राइवेट काम करता था। उसकी शादी लगभग छह साल पहले रामशरण माजरा की कविता से हुई थी। उसके पास दो लड़कियां हैं। वह विदेश में जाकर काम करना चाहता था। उन्हें कहीं से पता चला कि सारन गांव निवासी विमल सैनी लोगों को बाहर भेजने का काम करता है। अपने छोटे भाई अनिल को बाहर भेजने के बारे में उससे बात की।
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इस पर विमल सैनी इनके घर आया और बोला कि वो उसके भाई को जर्मन भेज देगा। इसके लिए साढ़े तेरह लाख में बात तय हुई। उसने कहा कि शुरू में उन्हें अनिल का पासपोर्ट और 50 हजार देने पड़ेंगे और दो लाख रुपये वीजा आने के बाद देने होंगे। पांच लाख रुपये फ्लाइट होने के बाद और बाकी की रकम अनिल सैनी के जर्मन पहुंचने के बाद देने होंगे।

उसने कहा कि रास्ते में 10-15 दिन का ब्रेक होगा। शिकायतकर्ता व उसके भाई ने एजेंट विमल सैनी के कहे अनुसार अनिल का पासपोर्ट व पचास हजार रुपये नकद अक्टूबर 2023 में दे दिए थे और अनिल का वीजा आने पर दो लाख रुपये नकद विमल सैनी एजेंट को दिए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 29 अक्तूबर 2023 को उसके भाई अनिल सैनी की फ्लाइट दिल्ली से होने के बाद 1-2 दिन के बाद विमल सैनी रकम के लिए हमारे घर पर आया और हमने उसे पांच लाख रुपये नकद दे दिए।

इसके बाद लगभग एक-डेढ़ महीने बाद शिकायतकर्ता के फोन पर विमल सैनी का फोन आया, जिसमें उसने कहा कि उसका भाई अनिल बेलारुस में है व इसको जर्मन भेजने के लिए फिनलैंड का वीजा लगवाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। इसके बाद विमल सैनी उनके घर पर आया और एक लाख 20 हजार रुपये नकद ले गया।

एजेंट बोला- रास्ते में है, लेकिन हो चुकी थी मौत
संजीव कुमार ने बताया कि चार मार्च को बेलारुस से जर्मन के लिए अनिल और उसके अन्य साथी रवाना हुए, लेकिन इसके बाद फोन नहीं मिला। फिर सात मार्च को आखिरी बार अनिल से बात हुई। संजीव ने बताया कि विमल सैनी से भी सात मार्च तक व्हाटसएप पर बात होती रही और वह बताता रहा कि अनिल रास्ते में है। इसके बाद 23 मार्च 2024 को अनिल के साले ने व्हाटसएप पर अनिल का फोटो और वीडियो भेजा, इससे पता लगा कि उसके भाई की मौत हो चुकी है।


शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी विदेश में फरार हो गया है। आरोपी के पासपोर्ट व उसकी ट्रैवल हिस्ट्री संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। -गुलशन कुमार, एसचएचओ बराड़ा।
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