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पुष्प महोत्सव में ब्रह्मकमल देख पुलकित हो उठा मन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 02:41 AM IST
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Seeing Brahma Kamal in flower festival, my mind was blown away
ब्रह्म कमल का फूल। - फोटो : Ambala
अंबाला। ब्रह्मकमल इकलौता था, जो देवों के देव गणेश से जुड़ी एक खास कहानी बयां करता हुआ एसडी कालेज के पांचवें पुष्प महोत्सव का विशेष आकर्षण बना रहा। बेशक ब्रह्मकमल धरती पर एक दुर्लभ प्रजाति के रूप में पहचान रखता हो, मगर इसके साथ जुड़ी अनेक मान्यताएं और बेशुमार औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी प्रदर्शनी में इसकी खूबियां जानी।
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दरअसल अंबाला छावनी के एसडी कालेज में कुछ साल पहले पुष्प मेला लगाने की शुरुआत प्राचार्य डा.राजेंद्र राणा ने की थी। साल 2022 में यह कॉलेज पांचवां पुष्प महोत्सव मना रहा है। इस मेले में विविध प्रकार के बेहद सुंदर फूल यहां प्रदर्शित किये गये हैं। कालेज परिसर के पार्क में चारों ओर हरियाली के बीच इन पुष्पों को श्रृंखलाएं बरबस किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहीं थीं, मगर इनमें भी एक खास था, ब्रह्मकमल। इस फूल को हिमालय में फूलों के राजा की उपाधि से नवाजा जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं। मान्यता है कि भगवान शिव के सबसे छोटे पुत्र सिद्धि विनायक श्री गणपति जी के कटे हुए मस्तिष्क पर भगवान शिव शंकर ने ब्रह्मकमल के पुष्प से जल छिड़का था। इस मान्यता के अलावा ब्रह्मकमल के बारे में तथ्य यह भी है कि इस पर साल में केवल एक बार ही फूल खिलता है और वह भी रात के समय चंद घंटों के लिये।
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हिमालय की तराई में 15 हजार फुट की ऊंचाई पर पनपता है ब्रह्मकमल
जुलाई से लेकर सितंबर के बीच में ब्रह्मकमल का पुष्प रात को खिलता है और सुबह आठ बजे से पहले सिमट जाता है। दुर्लभ प्रजाति का यह पौधा हिमालय की तराई में भी 15 हजार फुट तक की ऊंचाई पर होता है। औषधीय गुणवत्ता से युक्त इस पौधे के पत्तों का काढ़ा जुकाम, बुखार में काफी कारगर है, जबकि लीवर इंफेक्शन के अलावा इसकी पत्तियों से तैयार की जाने वाली दवा कैंसर में भी बहुउपयोगी बताई जाती है। वहीं इसकी पत्तियों को पीस कर घाव पर लगाने से जख्म जल्दी भर जाता है।
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घर में नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है ब्रह्मकमल का फूल
माना जाता है कि ब्रह्मकमल का दुर्लभ फूल अगर घर के प्रवेश द्वार पर लगाया जाए तो इससे घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और सकारात्मक वातावरण बनता है। इस कार्य के लिये सिर्फ ताजा ही नहीं, बल्कि सूखा हुआ फूल भी कारगर माना जाता है, यानी सूखे फूल लंबे समय तक सुरक्षित रखकर अगर उसे घर के प्रवेश द्वार पर लगाया जाए तो मान्यतानुसार वहां से नकारात्मक शक्ति नष्ट हो जाती है।
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