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Ambala News: निमोनिया जांच के लिए चलेगा सांस अभियान

Fri, 15 Nov 2024 03:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 15 Nov 2024 03:56 AM IST
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Sansa campaign will be run to check pneumonia
अंबाला सिटी। निमोनिया के कारण हो रही मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक विशेष अभियान चलाने जा रहा है। अभियान में स्वास्थ्य कर्मी और आशाएं घर- घर जाकर सर्दी, खांसी से पीड़ित बच्चों की जांच करेंगी और अभिभावकों को चिकित्सा के लिए परामर्श देगी।
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प्रदेश स्तर पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का आंकड़ा देखें को प्रति एक हजार बच्चों में से निमोनिया के कारण 13.8 प्रतिशत बच्चों की मौत हो जाती है। अंबाला में प्रत्येक वर्ष गंभीर निमोनिया के सिर्फ 6 से 7 मामले की आते हैं। इस वर्ष चार की मौत हो चुकी है। ये अभियान जनवरी माह तक जारी रहेगा। इस बीच आशा वर्कर्स बच्चों की एक मिनट में लेने वाले सांस की गिनती करेगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली सर्दी, खांसी की दवा भी पिलाएगी। इसके लिए आशा वर्कर्स को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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सर्दी, खांसी से होता है संक्रमण
ठंड के दिनों में ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण (यूआरटीआई) हो जाता है। जिससे मुंह, नाक और गले में परेशानी रहती है। इसके बाद निचला श्वसन पथ संक्रमण होता है जिससे मुख्य रूप से फेफड़े जुड़े होते हैं। इस हिस्से में संक्रमण निमोनिया का रूप ले लेता है। जिससे मरीज की जान भी जा सकती है। निमोनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन शून्य से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को खतरा अधिक रहता है। इसलिए सर्दी, खांसी होने पर तुरंत उपचार करवाना चाहिए।
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इस वर्ष हुई चार बच्चों की मौत
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अप्रैल माह से लेकर अब तक 124850 बच्चाें की स्क्रीनिंग करवाई गई है। इसमें से 168 बच्चों को निमोनिया पाया गया है। तो वहीं चार गंभीर मरीजों को उपचार के लिए रेफर किया गया है। इस वर्ष निमोनिया के कारण चार बच्चों की मौत हो चुकी है। विभाग की ओर से निमोनिया के लिए लगातार जांच जारी रहती है।

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निमोनिया एक गंभीर बीमारी है। इसलिए हल्की सर्दी खांसी होने पर भी बच्चे का उपचार करवाना चाहिए। खाना खाने से पहले और बच्चे को खिलाने से पहले हाथ अवश्य धोने चाहिए। इस अभियान में अभिभावकों को भी निमोनिया के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा।
डॉ जशनप्रीत सिंह, जिला नोडल अधिकारी टीकाकरण व बाल स्वास्थ्य, अंबाला।
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