{"_id":"617c4e8eb100f4391e4efbd7","slug":"ruckus-of-real-estate-businessmen-on-the-demand-of-noc-ambala-news-knl8812407","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनओसी की मांग पर रियल एस्टेट कारोबारियों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनओसी की मांग पर रियल एस्टेट कारोबारियों का हंगामा
विज्ञापन
अंबाला। रजिस्टरी कराने के लिए डीटीपी से एनओसी लाने की मांग करने पर रियल एस्टेट कारोबारियों ने हंगामा किया। इस दौरान तहसीलदार और एसडीएम के साथ रियल एस्टेट कारोबारियों की तीखी नोकझोंक हुई, जिस पर एसडीएम ने पुलिस कार्रवाई की भी चेतावनी दी। फिर तीन घंटे तक चली मंत्रणा के बाद मामला शांत हुआ।
रियल एस्टेट कारोबारियों का आरोप है कि नगर परिषद से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेने के बाद भी तहसील में रजिस्टरी नहीं हो रही है। नित नए नियम बनाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर तहसीलदार से बात की गई। साथ ही रजिस्टरी न करने का कारण पूछा गया तो वह उचित जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद सभी प्रॉपर्टी कारोबारी तहसीलदार के साथ एसडीएम दिलबाग सिंह के पास पहुंचे। यहां भी इस मुद्दे को लेकर काफी बहस हुई।
एसडीएम ने कारोबारियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा कर्मचारी को 112 नंबर पर फोन करने की भी हिदायत दे दी, वहीं कारोबारियों ने रोष जाहिर करते हुए एसडीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिर दोनों ओर से वार्ता के बाद कुछ रजिस्टरी पर मोहर लग सकी। वहीं आगामी मार्गदर्शन के लिए तहसीलदार की तरफ से जिला योजनाकार को पत्र लिखा गया है कि रजिस्टरी के लिए एनओसी की जरूरत है या नहीं।
विज्ञापन
जान बूझकर परेशान किया जा रहा है, जबकि सरकार ने नियमित कॉलोनियों को लेकर सूची जारी की हुई है। यह सूची खसरा नंबर पर आधारित है। इसकी ऑनलाइन जानकारी नगर परिषद में पोर्टल पर उपलब्ध है। सही दस्तावेजों के आधार पर नगर परिषद एनओसी जारी करता है और इसके आधार पर ही इंतकाल व रजिस्टरी होती है, लेकिन तहसील कार्यालय में नए फरमान चल रहे हैं, जो सरकार के नियमों को दरकिनार करते हैं। इस मुद्दे को लेकर पहले तहसीलदार और फिर एसडीएम से मंत्रणा की थी। अब तहसीलदार की तरफ से डीटीपी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है।
अशोक गोयल, चेयरमैन रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन, अंबाला।
प्रक्रिया होगी जटिल
प्रॉपर्टी कारोबार पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। रही-सही कसर नए-नए नियम पूरी कर रहे हैं। पहले नगर परिषद से ही एनओसी लेने में एक से दो महीने का समय निकल जाता है। इसके बाद तहसील कार्यालय में समस्या खड़ी हो जाती है। नियमों का हवाला देते ही बिना पूर्व जानकारी के ही रजिस्टरी व इंतकाल से जुड़े कार्यों को रोक दिया जाता है। पहले ही सरकार ने नियमित कॉलोनियों व खसरा नंबर आधारित प्रॉपर्टी को लेकर नियम बनाए हुए हैं। मंत्री ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए छावनी को उपमंडल का दर्जा दिलवाया, ताकि सभी कार्य छावनी में ही हो सकें, लेकिन तहसील कार्यालय में तैनात अधिकारी लोगों को दोबारा शहर भेजने के लिए मजबूर कर रहे हैं। --मोहिंदर सेठी,प्रधान रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन।
जिला योजनाकार विभाग की तरफ से तहसील कार्यालय में एक सूचना बोर्ड लगाया गया है। इसमें नियमित और अनियमित कॉलोनियों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है कि नियमित और खसरा नंबर प्राप्त कॉलोनियों की रजिस्टरी और इंतकाल के लिए नगर परिषद कार्यालय से एनओसी लेना जरूरी है न कि डीटीपी कार्यालय से। इसके बाद भी तहसील कार्यालय में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा। वीरवार तक बिल्कुल सही तरीके से रजिस्टरी हो रही थी, लेकिन शुक्रवार को डीटीपी से एनओसी लेने को लेकर मौखिक आदेश जारी कर दिए गए।
--ओंकार नाथी, मुख्य संरक्षक, रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन
सिटी में जो भी रजिस्टरी हो रही है, वो डीटीपी से एनओसी लेने के बाद ही हो रही है, इसलिए कैंट में भी रजिस्टरी के लिए डीटीपी से एनओसी लेने के लिए कहा गया है। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद डीटीपी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है, जो भी आदेश प्राप्त होंगे, उसके तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
---सुरेश कुमार, तहसीलदार अंबाला छावनी।
विज्ञापन
रियल एस्टेट कारोबारियों का आरोप है कि नगर परिषद से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेने के बाद भी तहसील में रजिस्टरी नहीं हो रही है। नित नए नियम बनाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर तहसीलदार से बात की गई। साथ ही रजिस्टरी न करने का कारण पूछा गया तो वह उचित जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद सभी प्रॉपर्टी कारोबारी तहसीलदार के साथ एसडीएम दिलबाग सिंह के पास पहुंचे। यहां भी इस मुद्दे को लेकर काफी बहस हुई।
विज्ञापन
एसडीएम ने कारोबारियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा कर्मचारी को 112 नंबर पर फोन करने की भी हिदायत दे दी, वहीं कारोबारियों ने रोष जाहिर करते हुए एसडीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिर दोनों ओर से वार्ता के बाद कुछ रजिस्टरी पर मोहर लग सकी। वहीं आगामी मार्गदर्शन के लिए तहसीलदार की तरफ से जिला योजनाकार को पत्र लिखा गया है कि रजिस्टरी के लिए एनओसी की जरूरत है या नहीं।
विज्ञापन
जान बूझकर परेशान किया जा रहा है, जबकि सरकार ने नियमित कॉलोनियों को लेकर सूची जारी की हुई है। यह सूची खसरा नंबर पर आधारित है। इसकी ऑनलाइन जानकारी नगर परिषद में पोर्टल पर उपलब्ध है। सही दस्तावेजों के आधार पर नगर परिषद एनओसी जारी करता है और इसके आधार पर ही इंतकाल व रजिस्टरी होती है, लेकिन तहसील कार्यालय में नए फरमान चल रहे हैं, जो सरकार के नियमों को दरकिनार करते हैं। इस मुद्दे को लेकर पहले तहसीलदार और फिर एसडीएम से मंत्रणा की थी। अब तहसीलदार की तरफ से डीटीपी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है।
अशोक गोयल, चेयरमैन रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन, अंबाला।
प्रक्रिया होगी जटिल
प्रॉपर्टी कारोबार पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। रही-सही कसर नए-नए नियम पूरी कर रहे हैं। पहले नगर परिषद से ही एनओसी लेने में एक से दो महीने का समय निकल जाता है। इसके बाद तहसील कार्यालय में समस्या खड़ी हो जाती है। नियमों का हवाला देते ही बिना पूर्व जानकारी के ही रजिस्टरी व इंतकाल से जुड़े कार्यों को रोक दिया जाता है। पहले ही सरकार ने नियमित कॉलोनियों व खसरा नंबर आधारित प्रॉपर्टी को लेकर नियम बनाए हुए हैं। मंत्री ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए छावनी को उपमंडल का दर्जा दिलवाया, ताकि सभी कार्य छावनी में ही हो सकें, लेकिन तहसील कार्यालय में तैनात अधिकारी लोगों को दोबारा शहर भेजने के लिए मजबूर कर रहे हैं। --मोहिंदर सेठी,प्रधान रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन।
जिला योजनाकार विभाग की तरफ से तहसील कार्यालय में एक सूचना बोर्ड लगाया गया है। इसमें नियमित और अनियमित कॉलोनियों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है कि नियमित और खसरा नंबर प्राप्त कॉलोनियों की रजिस्टरी और इंतकाल के लिए नगर परिषद कार्यालय से एनओसी लेना जरूरी है न कि डीटीपी कार्यालय से। इसके बाद भी तहसील कार्यालय में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा। वीरवार तक बिल्कुल सही तरीके से रजिस्टरी हो रही थी, लेकिन शुक्रवार को डीटीपी से एनओसी लेने को लेकर मौखिक आदेश जारी कर दिए गए।
--ओंकार नाथी, मुख्य संरक्षक, रियल स्टेट एंड बिल्डर एसोसिएशन
सिटी में जो भी रजिस्टरी हो रही है, वो डीटीपी से एनओसी लेने के बाद ही हो रही है, इसलिए कैंट में भी रजिस्टरी के लिए डीटीपी से एनओसी लेने के लिए कहा गया है। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद डीटीपी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है, जो भी आदेश प्राप्त होंगे, उसके तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
---सुरेश कुमार, तहसीलदार अंबाला छावनी।