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Ambala News: बाजारों में खुदी सड़कें, रात में कहां होगी सफाई
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अंबाला। रात्रि सफाई के लिए बेशक नगर परिषद ने लाखों रुपये का ठेका जारी कर दिया है, लेकिन छावनी को स्वच्छ रखना टेढ़ी खीर होगा, क्योंकि जिन सड़कों के सफाई का ठेका कुरुक्षेत्र की कंपनी को दिया है, उनमें से अधिकतर टूटी हैं।
ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना काम किए ही ठेकेदार को लाखों रुपये का भुगतान करना नगर परिषद की मजबूरी बन जाएगा। इससे सरकारी राजस्व के नुकसान होना निश्चित माना जा रहा है। वहीं, जिन मार्गाें पर इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़कें बनी हैं। उनकी हालात भी काफी खराब है, क्योंकि अधिकतर जगह से टाइलें टूट गई हैं और रास्ता भी उबड़-खाबड़ हो गया है।
ये सड़कें हैं खराब
रात्रि सफाई के लिए नगर परिषद की तरफ से ठेकेदार को जो सूची सौंपी है। उसमें से सिविल अस्पताल के सामने हिल रोड की हालत खस्ता है और यहां सड़क का निर्माण चल रहा है। इसी प्रकार थाने वाली सड़क और राम बाजार की तरफ जाने वाली सड़क भी खस्ताहाल है। इसी प्रकार कई ऐसी सड़केें हैं जोकि आधी-अधूरी हैं और इन पर डिवाइडर भी नहीं बने हैं।
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स्वच्छता की सच्चाई
नप से प्राप्त जानकारी अनुसार ठेकेदार ने एक जून से स्वीपिंग मशीन के माध्यम से रात्रि सफाई का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन रविवार को सड़कों के हालात देखकर लग रहा था कि यह सफाई सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगी। इसका अंदाजा 12 क्राॅस रोड पर डिवाइडर के साथ पड़ी गंदगी को देखकर लगाया जा सकता है। छावनी बस अड्डे के बाहर और डिवाइडर के साथ वैसे ही गंदगी के ढेर थे। जबकि अंबाला कैंट की शान कहे जाने वाली राय मार्केट में सड़क के बीच बने डिवाइडर के साथ बिखरी गंदगी भी रात्रि नाइट स्वीपिंग यानी रात्रि सफाई के दावों की पोल खोल रही थी।
भारी-भरकम ठेका
नगर परिषद के पास मौजूदा समय में कच्चे और पक्के मिलाकर लगभग 500 सफाई कर्मचारी हैं जोकि छावनी को स्वच्छ रखने में पूरी तरह से नाकामयाब हैं। वहीं नप की ओर से रात्रि सफाई को लेकर बनाई गई योजना भी धरातल पर कम ही नजर आ रही है जोकि पहले दिन शुरु होते ही दम तोड़ती नजर आ रही है। हैरानी की बात है कि ठेकेदार को रोजाना 32 किमी का क्षेत्र साफ करना है और उसे इसके लिए प्रतिमाह 13 लाख 60 हजार रुपये का भारी-भरकम भुगतान भी किया जाएगा जोकि सालाना एक करोड़ 63 लाख तक पहुंच जाएगा। ऐसे में अगर फिर भी अंबाला छावनी सफाई में अव्वल पायदान पर न पहुंचा तो लाखों रुपये का नुकसान निश्चित है।
वर्जन
अंबाला छावनी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए ही रात्रि सफाई का ठेका दिया गया है। अभी शुरुआत है। धीरे-धीरे सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी। फिर भी कहीं कोई कमी रहेगी तो उसका भी समाधान करवाया जाएगा। जो भी पैसा ठेकेदार को दिया जाएगा, वो उसके कार्य की रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर ही दिया जाएगा।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।
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ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना काम किए ही ठेकेदार को लाखों रुपये का भुगतान करना नगर परिषद की मजबूरी बन जाएगा। इससे सरकारी राजस्व के नुकसान होना निश्चित माना जा रहा है। वहीं, जिन मार्गाें पर इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़कें बनी हैं। उनकी हालात भी काफी खराब है, क्योंकि अधिकतर जगह से टाइलें टूट गई हैं और रास्ता भी उबड़-खाबड़ हो गया है।
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ये सड़कें हैं खराब
रात्रि सफाई के लिए नगर परिषद की तरफ से ठेकेदार को जो सूची सौंपी है। उसमें से सिविल अस्पताल के सामने हिल रोड की हालत खस्ता है और यहां सड़क का निर्माण चल रहा है। इसी प्रकार थाने वाली सड़क और राम बाजार की तरफ जाने वाली सड़क भी खस्ताहाल है। इसी प्रकार कई ऐसी सड़केें हैं जोकि आधी-अधूरी हैं और इन पर डिवाइडर भी नहीं बने हैं।
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स्वच्छता की सच्चाई
नप से प्राप्त जानकारी अनुसार ठेकेदार ने एक जून से स्वीपिंग मशीन के माध्यम से रात्रि सफाई का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन रविवार को सड़कों के हालात देखकर लग रहा था कि यह सफाई सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगी। इसका अंदाजा 12 क्राॅस रोड पर डिवाइडर के साथ पड़ी गंदगी को देखकर लगाया जा सकता है। छावनी बस अड्डे के बाहर और डिवाइडर के साथ वैसे ही गंदगी के ढेर थे। जबकि अंबाला कैंट की शान कहे जाने वाली राय मार्केट में सड़क के बीच बने डिवाइडर के साथ बिखरी गंदगी भी रात्रि नाइट स्वीपिंग यानी रात्रि सफाई के दावों की पोल खोल रही थी।
भारी-भरकम ठेका
नगर परिषद के पास मौजूदा समय में कच्चे और पक्के मिलाकर लगभग 500 सफाई कर्मचारी हैं जोकि छावनी को स्वच्छ रखने में पूरी तरह से नाकामयाब हैं। वहीं नप की ओर से रात्रि सफाई को लेकर बनाई गई योजना भी धरातल पर कम ही नजर आ रही है जोकि पहले दिन शुरु होते ही दम तोड़ती नजर आ रही है। हैरानी की बात है कि ठेकेदार को रोजाना 32 किमी का क्षेत्र साफ करना है और उसे इसके लिए प्रतिमाह 13 लाख 60 हजार रुपये का भारी-भरकम भुगतान भी किया जाएगा जोकि सालाना एक करोड़ 63 लाख तक पहुंच जाएगा। ऐसे में अगर फिर भी अंबाला छावनी सफाई में अव्वल पायदान पर न पहुंचा तो लाखों रुपये का नुकसान निश्चित है।
वर्जन
अंबाला छावनी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए ही रात्रि सफाई का ठेका दिया गया है। अभी शुरुआत है। धीरे-धीरे सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी। फिर भी कहीं कोई कमी रहेगी तो उसका भी समाधान करवाया जाएगा। जो भी पैसा ठेकेदार को दिया जाएगा, वो उसके कार्य की रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर ही दिया जाएगा।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।