{"_id":"6843458b7ac4340a7904772a","slug":"relief-to-the-glassware-industry-two-years-time-ambala-news-c-36-1-amb1002-144019-2025-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: ग्लासवेयर इंडस्ट्री को राहत, दो साल की मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: ग्लासवेयर इंडस्ट्री को राहत, दो साल की मोहलत
विज्ञापन
अंबाला। अंबाला की ग्लासवेयर इंडस्ट्री को वाणिज्य मंत्रालय ने राहत दी है। उन्हें अब आईएसआई मार्का का ग्लास प्रयोग करने की बाध्यता नहीं होगी।
इसके लिए उद्योगों को दो साल तक का सशर्त समय दिया है। दो साल में ग्लासवेयर उद्योगों को अपने आप को साधन संपन्न करना होगा, ताकि आने वाले समय में अच्छी गुणवत्ता के ग्लासवेयर उत्पादों को बनाया जा सके। मंत्रालय के निर्णय से सूक्ष्म लघु कुटीर उद्योग के दायरे में संचालित यूनिटों को काफी राहत मिली थी।
पिछले साल अक्टूबर से मंत्रालय ने सभी ग्लासवेयर इंडस्ट्री को आईएसआई मार्का के ग्लास का प्रयोग कर उत्पाद तैयार करने के निर्देश दे दिए थे। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाती।
असीमा के पदाधिकारियों ने किया प्रयास
वाणिज्य मंत्रालय ने अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) की दलील को मान लिया है तो अब कारोबारियों में भी खुशी है। इसके लिए असीमा का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भी गया था। जहां उन्होंने मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या को रखा था। कई बैठकों के दौर के बाद यह निर्णय लिया गया। असीमा के महासचिव गौरव साेनी ने बताया कि देश में दिल्ली व अन्य राज्यों की एसोसिएशनों के साथ असीमा को भी इस मुद्दे पर पक्ष रखने को बुलाया था। जिसमें हमने बताया था कि इस फैसले से अंबाला का ग्लासवेयर उद्योग बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि यहां छोटी-छोटी करीब दो हजार यूनिटें हैं। जिनमें काम करने वाले कर्मचारी गुजारा कर रहे हैं।
विज्ञापन
चीन से आता है ग्लासवेयर का कच्चा माल
दरअसल ग्लासवेयर इंडस्ट्री में लोग बीकर, नलियां आदि उत्पाद बनाते हैं। इसके लिए पहले तो एक बड़ी कंपनी से कच्चा माल आता था। मगर चीन से कच्चा माल काफी सस्ता पड़ने लगा तो कारोबारियों ने वहीं से लेना शुरू कर दिया। चीन का माल काफी सस्ता है। ऐसे में आईएसआई मार्का का ग्लास प्रयोग नहीं होता। आईएसआई मार्का के लिए मशीनें भी काफी महंगी आती है। जिन्हें लगाना अभी संभव नहीं था।
विज्ञापन
इसके लिए उद्योगों को दो साल तक का सशर्त समय दिया है। दो साल में ग्लासवेयर उद्योगों को अपने आप को साधन संपन्न करना होगा, ताकि आने वाले समय में अच्छी गुणवत्ता के ग्लासवेयर उत्पादों को बनाया जा सके। मंत्रालय के निर्णय से सूक्ष्म लघु कुटीर उद्योग के दायरे में संचालित यूनिटों को काफी राहत मिली थी।
पिछले साल अक्टूबर से मंत्रालय ने सभी ग्लासवेयर इंडस्ट्री को आईएसआई मार्का के ग्लास का प्रयोग कर उत्पाद तैयार करने के निर्देश दे दिए थे। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाती।
विज्ञापन
असीमा के पदाधिकारियों ने किया प्रयास
वाणिज्य मंत्रालय ने अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) की दलील को मान लिया है तो अब कारोबारियों में भी खुशी है। इसके लिए असीमा का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भी गया था। जहां उन्होंने मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या को रखा था। कई बैठकों के दौर के बाद यह निर्णय लिया गया। असीमा के महासचिव गौरव साेनी ने बताया कि देश में दिल्ली व अन्य राज्यों की एसोसिएशनों के साथ असीमा को भी इस मुद्दे पर पक्ष रखने को बुलाया था। जिसमें हमने बताया था कि इस फैसले से अंबाला का ग्लासवेयर उद्योग बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि यहां छोटी-छोटी करीब दो हजार यूनिटें हैं। जिनमें काम करने वाले कर्मचारी गुजारा कर रहे हैं।
विज्ञापन
चीन से आता है ग्लासवेयर का कच्चा माल
दरअसल ग्लासवेयर इंडस्ट्री में लोग बीकर, नलियां आदि उत्पाद बनाते हैं। इसके लिए पहले तो एक बड़ी कंपनी से कच्चा माल आता था। मगर चीन से कच्चा माल काफी सस्ता पड़ने लगा तो कारोबारियों ने वहीं से लेना शुरू कर दिया। चीन का माल काफी सस्ता है। ऐसे में आईएसआई मार्का का ग्लास प्रयोग नहीं होता। आईएसआई मार्का के लिए मशीनें भी काफी महंगी आती है। जिन्हें लगाना अभी संभव नहीं था।