{"_id":"6546b6d78e054c52d80fd735","slug":"relief-in-ambala-and-yamunanagar-on-aqi-increased-in-nine-districts-compared-to-last-year-ambala-news-c-18-1-knl1011-257262-2023-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: पिछले साल की अपेक्षा नौ जिलों में बढ़ा एक्यूआई पर अंबाला व यमुनानगर में राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: पिछले साल की अपेक्षा नौ जिलों में बढ़ा एक्यूआई पर अंबाला व यमुनानगर में राहत
विज्ञापन
अंबाला। चार नवंबर को प्रदेश के नौ जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक भले ही बढ़ा हो, लेकिन अंबाला और यमुनानगर में कम रहा। आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष चार नवंबर को अंबाला का एक्यूआई 214 था, जबकि इस वर्ष यह 156 दर्ज किया गया। इसी प्रकार यमुनानगर का एक्यूआई पिछले वर्ष 213 था जो इस बार 186 रहा। दूसरी ओर जींद, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, सिरसा, कुरुक्षेत्र, करनाल और पंचकूला का एक्यूआई चार नवंबर को पिछले साल की अपेक्षा अधिक रहा।
प्रदेश में पिछले साल चार नवंबर को दर्ज किए गए वायु प्रदूषण से अगर इस साल के नवंबर की तुलना की जाए तो नौ शहर ऐसे हैं, जहां पर पिछले साल के मुकाबले वायु प्रदूषण में इजाफा हुआ है। चार नवंबर 2022 को भी जींद, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कैथल की आबोहवा काफी खराब थी। इन जिलों पर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की भी विशेष निगाह थी। उस समय की तुलना अगर अब के चार नवंबर से की जाए तो यहां के हालात सुधरे नहीं, बल्कि और भी अत्यधिक चिंताजनक हो गए हैं। वहीं फरीदाबाद, गुरुग्राम के आंकड़े भले की कम हुए हैं, लेकिन खतरनाक स्थिति में हैं। इन आठ जिलों में शनिवार को भी एक्यूआई 400 के पार रहा है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खिचड़ ने बताया कि हरियाणा में ज्यादातर क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से निचले स्तर पर धूल के गुबार जैसे बादल बने हुए हैं, जिससे धूल भरा प्रदूषित वातावरण बना हुआ है। राज्य में पांच व छह नवंबर को उत्तरी व उत्तर पश्चिमी हवा हल्की गति से चलने से प्रदूषण में थोड़ी कमी की संभावना है। वहीं सात नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 8 व 9 नवंबर को आंशिक बादल या बूंदाबांदी संभावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में पिछले साल चार नवंबर को दर्ज किए गए वायु प्रदूषण से अगर इस साल के नवंबर की तुलना की जाए तो नौ शहर ऐसे हैं, जहां पर पिछले साल के मुकाबले वायु प्रदूषण में इजाफा हुआ है। चार नवंबर 2022 को भी जींद, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कैथल की आबोहवा काफी खराब थी। इन जिलों पर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की भी विशेष निगाह थी। उस समय की तुलना अगर अब के चार नवंबर से की जाए तो यहां के हालात सुधरे नहीं, बल्कि और भी अत्यधिक चिंताजनक हो गए हैं। वहीं फरीदाबाद, गुरुग्राम के आंकड़े भले की कम हुए हैं, लेकिन खतरनाक स्थिति में हैं। इन आठ जिलों में शनिवार को भी एक्यूआई 400 के पार रहा है।
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खिचड़ ने बताया कि हरियाणा में ज्यादातर क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से निचले स्तर पर धूल के गुबार जैसे बादल बने हुए हैं, जिससे धूल भरा प्रदूषित वातावरण बना हुआ है। राज्य में पांच व छह नवंबर को उत्तरी व उत्तर पश्चिमी हवा हल्की गति से चलने से प्रदूषण में थोड़ी कमी की संभावना है। वहीं सात नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 8 व 9 नवंबर को आंशिक बादल या बूंदाबांदी संभावित है।
विज्ञापन