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Ambala News: तरावड़ी हादसे के बाद रेलवे सतर्क, होगी निगरानी
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अंबाला। अंबाला-दिल्ली रेल सेक्शन के तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बाद रेलवे ने सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह सतर्कता उन मालगाड़ियों के लिए होगी, जिन पर कंटेनर लादे जाते हैं।
यह फैसला तरावड़ी के पास हुए हादसे के मद्देनजर लिया गया। ओएचई केबल के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, लगातार हो रहे हादसों के बाद रेलवे ने मालगाड़ियों के संचालन के लिए भी विभागीय अधिकारियों को दिन-रात औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसमें इंजन में तैनात लोको पायलटों से संपर्क साधना, देर रात अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से इंजन में चढ़कर कार्यवाही को जांचना शामिल है।
रेलवे बोर्ड की बैठक में मिलेंगे निर्देश
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार यह भी सामने आया है कि अगर किसी मालगाड़ी को बेपटरी हुए छ घंटे से ऊपर का समय हो जाता है तो ऐसे मामलों का संज्ञान खुद रेलवे बोर्ड लेता है और फिर ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष मंत्रणा की जाती है। इसमें रेलवे के उच्चाधिकारी व सभी मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल होते हैं जोकि अपने-अपने विचार रखते हैं और फिर इन्हीं में से कुछ विचारों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरु होती है ताकि हादसों को रोकने के ठोस प्रबंध किए जा सकें। वहीं तरावड़ी हादसे में भी रेल लाइनों,ओएचई खंभें और केबल को दुरुस्त करने में और कंटेनर व बेपटरी हुई मालगाड़ी को हटाने में सात घंटे से अधिक समय लग गया था। ऐसे में इस मामले का संज्ञान भी रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।
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वर्जन
मालगाड़ियों के सुरक्षित संचालन को लेकर रेलवे द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं। डीएफसीसीआईल कॉरिडोर पर चलने वाली कंटेनर लदी मालगाड़ियों पर विशेष प्रकार का ढांचा लगा होता है जोकि कंटेनर को अपनी जगह से हिलने नहीं देता।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।
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यह फैसला तरावड़ी के पास हुए हादसे के मद्देनजर लिया गया। ओएचई केबल के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, लगातार हो रहे हादसों के बाद रेलवे ने मालगाड़ियों के संचालन के लिए भी विभागीय अधिकारियों को दिन-रात औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसमें इंजन में तैनात लोको पायलटों से संपर्क साधना, देर रात अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से इंजन में चढ़कर कार्यवाही को जांचना शामिल है।
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रेलवे बोर्ड की बैठक में मिलेंगे निर्देश
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार यह भी सामने आया है कि अगर किसी मालगाड़ी को बेपटरी हुए छ घंटे से ऊपर का समय हो जाता है तो ऐसे मामलों का संज्ञान खुद रेलवे बोर्ड लेता है और फिर ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष मंत्रणा की जाती है। इसमें रेलवे के उच्चाधिकारी व सभी मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल होते हैं जोकि अपने-अपने विचार रखते हैं और फिर इन्हीं में से कुछ विचारों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरु होती है ताकि हादसों को रोकने के ठोस प्रबंध किए जा सकें। वहीं तरावड़ी हादसे में भी रेल लाइनों,ओएचई खंभें और केबल को दुरुस्त करने में और कंटेनर व बेपटरी हुई मालगाड़ी को हटाने में सात घंटे से अधिक समय लग गया था। ऐसे में इस मामले का संज्ञान भी रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।
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मालगाड़ियों के सुरक्षित संचालन को लेकर रेलवे द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं। डीएफसीसीआईल कॉरिडोर पर चलने वाली कंटेनर लदी मालगाड़ियों पर विशेष प्रकार का ढांचा लगा होता है जोकि कंटेनर को अपनी जगह से हिलने नहीं देता।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।