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टोल शिफ्ट करने के विरोध में प्रदर्शन
अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 30 May 2014 01:44 AM IST
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अंबाला सिटी। पंजाब-हरियाणा र्बाडर पर शंभू के नजदीक बने टोल को अंबाला लाने का मुद्दा एक बार फिर से गरमाने लगा है। सोमा कंपनी टोल को अंबाला लाना चाहती है, लेकिन अंबाला और राजपुरा के गांवों के लोग इसके विरोध में है। लोगों का कहना है कि यदि यह टोल अंबाला आता है तो बनूड़ लिंक रोड की तरफ जाने वाला रास्ता इसके बीच आ जाएगा।
इससे अंबाला और उन गांवों तक जाने के लिए स्थानीय लोगों को रोजाना ही टोल टैक्स देना पड़ेगा। लोगों ने प्रदर्शन कर चेतावनी दी है कि यदि यह टोल अंबाला लाया गया तो वे दिल्ली-लाहौर बस को रोककर अपना विरोध जताएंगे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीमकोर्ट ने हाल ही में एक फैसला दिया है, जिसमें पानीपत-जालंधर टोल कंपनियों को 15 मार्च तक काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत कंपनी शंभू बैरियर पर लगे टोल को शिफ्ट कर घग्गर नदी के इस पार लगाना चाहती है।
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यदि ऐसा हुआ तो अंबाला से बनूड़ तक आने-जाने वाले किसानों को रोजाना टोल अदा करना होगा, जिससे उनको काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले की आड़ में कंपनी लोगों पर बिना वजह आर्थिक भार बढ़ाने में लगी है। इस मामले में सरकार एक विशेष टीम बनाए और वह स्थिति का जायजा लेकर सुप्रीमकोर्ट को बताए कि ग्रामीणों और शहरवासियों की मांग जायज है या नहीं?
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इससे अंबाला और उन गांवों तक जाने के लिए स्थानीय लोगों को रोजाना ही टोल टैक्स देना पड़ेगा। लोगों ने प्रदर्शन कर चेतावनी दी है कि यदि यह टोल अंबाला लाया गया तो वे दिल्ली-लाहौर बस को रोककर अपना विरोध जताएंगे।
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उल्लेखनीय है कि सुप्रीमकोर्ट ने हाल ही में एक फैसला दिया है, जिसमें पानीपत-जालंधर टोल कंपनियों को 15 मार्च तक काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत कंपनी शंभू बैरियर पर लगे टोल को शिफ्ट कर घग्गर नदी के इस पार लगाना चाहती है।
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यदि ऐसा हुआ तो अंबाला से बनूड़ तक आने-जाने वाले किसानों को रोजाना टोल अदा करना होगा, जिससे उनको काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले की आड़ में कंपनी लोगों पर बिना वजह आर्थिक भार बढ़ाने में लगी है। इस मामले में सरकार एक विशेष टीम बनाए और वह स्थिति का जायजा लेकर सुप्रीमकोर्ट को बताए कि ग्रामीणों और शहरवासियों की मांग जायज है या नहीं?