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संपत्ति कर : 24 करोड़ का लक्ष्य, सिर्फ साढ़े पांच वसूले
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अंबाला सिटी। 31 मार्च को बजट पास करने के लिए बैठक प्रस्तावित की गई है। इसमें पास करने के लिए तैयार किए बजट में एक बार फिर प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी का बड़ा लक्ष्य निर्धारित है। जो सीधे ही 23 करोड़ है। जबकि पिछली बार भी निगम ने 24 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे, परंतु इसमें से निगम केवल पांच करोड़ 56 लाख रुपये ही रिकवर कर सका है।
ऐसा केवल इस साल नहीं बल्कि 2021 और 22 में रखे 24 करोड़ के बजट में से भी निगम केवल 8 करोड़ की रिकवरी कर सका है। जबकि इस बीच कई योजनाएं लाई गई और रिकवरी को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाए गए। मगर निगम शत प्रतिशत के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका है। वहीं रेंट की बात करें तो निगम की रेंट रिकवरी काफी तेजी के साथ हो रही है, परंतु इसके भी शत प्रतिशत लक्ष्य को निगम पूरा नहीं कर सका है। जहां निगम ने 7 करोड़ 30 लाख रुपये का लक्ष्य रखा था। वहीं इसमें से पांच करोड़ की रिकवरी निगम ने की है।
इस बार भी निगम की ओर से 7 करोड़ 94 लाख रुपये का लक्ष्य रखा है। वहीं इनकम में निगम ने 5 लाख रुपये तहबाजारी मलवा के लिए 5 लाख रुपये का लक्ष्य रखा था, परंतु निगम इससे एक रुपया भी नहीं कमा सका है। ऐसी ही स्थिति जमीन बेचने की है, इसका भी लक्ष्य 4 करोड़ का रखा गया है, परंतु इसमें भी इनकम शून्य है। वहीं डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन टैक्स के तौर पर निगम ने 15 करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा था। इसमें से केवल केवल 39 लाख रुपये की ही रिकवरी की गई है। जबकि इस बार के लिए भी दोबारा से यही लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।
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भाजपा पार्षदों ने बैठक में पहुंचने में जताई असमर्थता
31 मार्च को प्रस्तावित नगर निगम की बजट को लेकर बुलाई गई बैठक स्थगित हो सकती है। क्योंकि भाजपा पार्षदों ने नगर निगम कमिश्नर को लेटर लिखते हुए बैठक में पहुंचने पर असमर्थता व्यक्त की है। साथ ही मांग की है कि इस बैठक को आगे आने वाले दिनों में बढ़ा दिया जाए। लेटर के माध्यम से पार्षदों ने बताया कि 31 मार्च को ही भाजपा की अहम बैठक संगठन द्वारा रखी गई है। इसमें सभी भाजपा पार्षदों का भी जाना जरूरी है। इस कारण वह बैठक में उपस्थित नहीं हो सकेंगे।
बजट की बैठक का बढ़ाया जा सकता है समय
वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि नगर निगम की ओर से भी इस बैठक को बढ़ाया जा सकता है क्योंकि हाऊस में इस समय सबसे अधिक पार्षद भाजपा के ही है। उनकी सहमति के बिना बजट पास होना भी संभव नहीं है। यहीं कारण है कि बैठक आने वाले दिनों में स्थगित की जा सकती है।
इस बार भी बजट लेट होगा पास
इस कारण नगर निगम का बजट पिछली बार की तरह इस बार भी लेट ही पास होगा। वहीं जो लेटर भाजपा की ओर से लिखा गया है। उसमें वरिष्ठ उप महापौर, पार्षद मनीष आनंद और पार्षद अर्चना छिब्बर शामिल है।
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ऐसा केवल इस साल नहीं बल्कि 2021 और 22 में रखे 24 करोड़ के बजट में से भी निगम केवल 8 करोड़ की रिकवरी कर सका है। जबकि इस बीच कई योजनाएं लाई गई और रिकवरी को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाए गए। मगर निगम शत प्रतिशत के लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका है। वहीं रेंट की बात करें तो निगम की रेंट रिकवरी काफी तेजी के साथ हो रही है, परंतु इसके भी शत प्रतिशत लक्ष्य को निगम पूरा नहीं कर सका है। जहां निगम ने 7 करोड़ 30 लाख रुपये का लक्ष्य रखा था। वहीं इसमें से पांच करोड़ की रिकवरी निगम ने की है।
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इस बार भी निगम की ओर से 7 करोड़ 94 लाख रुपये का लक्ष्य रखा है। वहीं इनकम में निगम ने 5 लाख रुपये तहबाजारी मलवा के लिए 5 लाख रुपये का लक्ष्य रखा था, परंतु निगम इससे एक रुपया भी नहीं कमा सका है। ऐसी ही स्थिति जमीन बेचने की है, इसका भी लक्ष्य 4 करोड़ का रखा गया है, परंतु इसमें भी इनकम शून्य है। वहीं डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन टैक्स के तौर पर निगम ने 15 करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य रखा था। इसमें से केवल केवल 39 लाख रुपये की ही रिकवरी की गई है। जबकि इस बार के लिए भी दोबारा से यही लक्ष्य निर्धारित कर दिया है।
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भाजपा पार्षदों ने बैठक में पहुंचने में जताई असमर्थता
31 मार्च को प्रस्तावित नगर निगम की बजट को लेकर बुलाई गई बैठक स्थगित हो सकती है। क्योंकि भाजपा पार्षदों ने नगर निगम कमिश्नर को लेटर लिखते हुए बैठक में पहुंचने पर असमर्थता व्यक्त की है। साथ ही मांग की है कि इस बैठक को आगे आने वाले दिनों में बढ़ा दिया जाए। लेटर के माध्यम से पार्षदों ने बताया कि 31 मार्च को ही भाजपा की अहम बैठक संगठन द्वारा रखी गई है। इसमें सभी भाजपा पार्षदों का भी जाना जरूरी है। इस कारण वह बैठक में उपस्थित नहीं हो सकेंगे।
बजट की बैठक का बढ़ाया जा सकता है समय
वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि नगर निगम की ओर से भी इस बैठक को बढ़ाया जा सकता है क्योंकि हाऊस में इस समय सबसे अधिक पार्षद भाजपा के ही है। उनकी सहमति के बिना बजट पास होना भी संभव नहीं है। यहीं कारण है कि बैठक आने वाले दिनों में स्थगित की जा सकती है।
इस बार भी बजट लेट होगा पास
इस कारण नगर निगम का बजट पिछली बार की तरह इस बार भी लेट ही पास होगा। वहीं जो लेटर भाजपा की ओर से लिखा गया है। उसमें वरिष्ठ उप महापौर, पार्षद मनीष आनंद और पार्षद अर्चना छिब्बर शामिल है।