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Ambala News: कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ेगा दबाव, आमजन होगा परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 06:19 AM IST
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Pressure will increase due to the strike of employees, common people will be troubled
बारिश के दौरान हवन करते हुए एनएचएम कर्मी।
अंबाला सिटी। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। विधानसभा चुनावों का भी बिगुल बजने को तैयार है। एनएचएम कर्मचारियों के साथ साथ अब स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी संगठन एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारी और एमपीएचडब्ल्यू कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं।
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इसके साथ ही पांच अगस्त को आंगनबाड़ी वर्कर्स भी महिला और बाल विकास राज्य मंत्री असीम गोयल के निवास पर अपना रोष प्रदर्शन करेंगी। वहीं चार अगस्त को एचकेआरएन के तहत लगे हुए डी ग्रुप कर्मचारी भी नियमित करने की मांग और वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर रोष प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
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आठवें दिन भी एनएचएम कर्मियों की हड़ताल
आठवें दिन भी एनएचएम कर्मियों की हड़ताल जारी रही। इससे पहले कर्मचारियों ने दो अगस्त तक करने का निर्णय लिया था। जिसे अब छह अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एनएचएम के 50 कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर एनिमिया जांच अभियान, डायरिया जांच अभियान सहित टीकाकरण और कैंसर मरीजों का पेंशन व निशुल्क बस यात्रा पास के लिए आवेदन बढ़ते जा रहे हैं।
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हड्डियों के विभाग में प्लास्टर में देरी
हड्डी रोग विभाग में तीन डॉक्टर हैं। जिनमें से एक डॉक्टर एनएचएम के तहत कार्यरत है। इसलिए वे भी अन्य कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर हैं। डॉ. विकास कुमार और डॉ. विजय कुमार बंसल को ही मरीजों के प्लास्टर करने पड़ रहे हैं। एक अन्य डॉक्टर भी नियुक्त हुए हैं, लेकिन वे सप्ताह में सिर्फ दो या तीन दिन ही अपनी सेवाएं देते हैं। बाकी दिनों में वे अंबाला छावनी में काम संभालते हैं। जिससे ओपीडी में आए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रोजाना हड्डी रोग विभाग के पास 100 से 150 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं।
डीआईसी सेंटर में भी काम ठप
नागरिक अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर डीआईसी सेंटर में भी आने वाले अभिभावकों को अपने बच्चों को वापिस ले जाना पड़ रहा है। इस सेंटर में जन्म के बाद होने वाले बीमारियां या परेशानी का उपचार किया जाता है। जिससे बच्चाें की ह्दय संबंधी बीमारी, पैरों की परेशानी और बोलने में परेशानी सहित अन्य समस्याओं को जांचा जाता है। लेकिन डीआईसी सेंटर में डॉटा एंट्री ऑपरेटर को छोड़कर सभी कर्मी एनएचएम के तहत लगे हैं।
एनएचएम कर्मियों ने किया हवन
एनएचएम कर्मचारी सांझा मोर्चा के निर्देशानुसार सरकार व अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए हवन किया। कर्मचारियों ने भारी बारिश में ही हवन में आहुतियां डाली।
एड्स कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारी भी हड़ताल पर
कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के तहत शामिल करने, अन्य राज्यों की तर्ज पर राज्य हिस्सा देने और 2017- 2018 की लंबित फाइल की शर्ताें को लागू करवाने की मांग को लेकर एडस कंट्रोल सोसायटी के कर्मचारी तीन अगस्त तक हड़ताल पर चले गए हैं। पांच अगस्त को कर्मचारी एकत्रित होकर पंचकूला स्थित निदेशालय के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे। पूरे प्रदेश में सोसायटी के 500 से 600 कर्मचारी हैं। जो आईसीटीसी सेंटर, ओएसटी सेंटर, एसटीआई सेंटर, ब्लड बैंक सेंटर, एआरटी, एफआईएआरटी सेंटर का काम संभालते हैं।
मुख्यमंत्री आवास का करेंगे घेराव

बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर चार अगस्त को करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इसी को लेकर जिला अंबाला के उप प्रधान रणधीर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक मीटिंग का आयोजन किया गया। पदाधिकारियों ने बताया की बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगो के प्रति सरकार के नजरंदाज के कारण आंदोलन करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत एमपीएचडब्लू महिला कर्मचारियों को मूल वेतन का 4200 ग्रेड पे, ड्रेस, एफ़टीए, एवं एमसीटीएस भत्ता बहुउद्देशीय वर्ग के समाप्त पदों को बहाल कर स्थायी भर्ती करने समेत कई मांगे शामिल हैं।

पांच को मंत्री के निवास का घेराव करेंगी आंगनबाड़ी वर्कर्स
अपनी लंबित पड़ी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स भी पांच अगस्त को महिला एवं बाल विकास मंत्री असीम गोयल के निवास पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों पर जवाब मांगेगी। यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा, महासचिव उर्मिला व सीटू जिला सचिव सतीश सेठी ने कहा कि प्रदेश सरकार न्यूनतम वेतन 26 हजार लागू करने व पक्के कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर चुप्पी साधे बैठी है। इसके साथ ही विभाग के उच्च अधिकारी भी काफी समय से पेंडिंग पड़ी समस्याओं का समाधान नही कर रहे है। इससे वर्कर्स व हेल्पर्ज में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है। इसलिए यूनियन का राज्य स्तरीय मास डेपुटेशन पांच अगस्त को मंत्री से मिलने आएगा और मांगों का मांग पत्र सौंपेगे।
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