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Ambala News: शिक्षकों पर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का दबाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Mar 2025 01:34 AM IST
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Pressure on teachers to increase the number of students
जिला ​शिक्षा सदन की फोटो। संवाद
सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में सोमवार 24 मार्च से नामांकन अभियान शुरू होगा। इसके लिए निदेशालय ने विभागीय अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस से निर्देश दिए हैं। विभाग ने राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी तरफ प्रदेश के राजकीय स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। रेशनेलाइजेशन के बाद तो शिक्षकों की संख्या स्वीकृत पद से काफी कम हो गई है। प्रदेश में 8 हजार 185 प्राथमिक स्कूल में करीब 37 हजार 487 स्वीकृत पद थे, लेकिन रेशनेलाइजेशन के बाद यह पदक 32 हजार 174 रह गए हैं। विभाग ने स्कूलों में कक्षा अनुसार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से रेशनेलाइजेशन किया है।
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विभागीय समीक्षा में भी यह बात सामने आई है कि प्रदेश के करीब 1200 प्राथमिक, मिडल, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन में गिरावट देखी गई है। इसी तरह अंबाला की बात करें तो अंबाला जिला में कुल 478 स्कूल में से 200 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एक ही शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।
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दाखिले की कमी के ये हैं कारण

दरअसल, विभाग ने दाखिला अभियान के लिए योजना तैयार की है। जिसमें एक अप्रैल से सभी विद्यालयों में नए दाखिले प्रारंभ होने हैं। इसमें अधिक जोर ड्रॉप आउट बच्चों की तरफ दिया है कि कोई भी बच्चा ड्रॉपआउट न हो। सरकार व विभाग की ओर से जारी किया गया कार्यक्रम सराहनीय हैं, लेकिन ड्रॉपआउट का सबसे बड़ा कारण विद्यालयों में अध्यापकों की कमी, अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाना और विद्यालय में मेधावी छात्रों को चिराग योजना के तहत निजी विद्यालय में दाखिला दिलवाने जैसे अन्य और भी कई कारण है। जो विद्यार्थी राजकीय स्कूल में पहले दाखिला लेते हैं, लेकिन फिर बीच में अध्यापकों की ओर से उन्हें पूरा समय न दिए जाने के कारण बीच विद्यालय छोड़ जाते हैं।
जानिए किस जिले में रेशनेलाइजेशन के बाद कितने पद
जिला - कुल प्राथमिक स्कूल - स्वीकृत पद - रेशनेलाइजेशन के बाद पद
अंबाला 478 1458 1093
भिवानी 449 1854 1550
चरखी-दादरी 210 726 640
फरीदाबाद 239 1901 1631
फतेहाबाद 386 2012 1729
गुरुग्राम 366 2168 1837
हिसार 507 2589 2148
झज्जर 293 1048 905
जींद 424 2036 1900
कैथल 371 1929 1768
करनाल 486 2412 2437
कुरुक्षेत्र 489 1613 1504
महेंद्रगढ़ 457 1377 1209
पलवल 360 2339 1793
पंचकूला 275 1254 936
पानीपत 243 1802 1700
रेवाड़ी 399 1265 1224
रोहतक 211 1095 859
सिरसा 523 2660 2023
सोनीपत 423 1927 1792
यमुनानगर 596 2022 1496
कुल 8185 37487 32174
नोट: बीते माह ही विभाग ने रेशनेलाइजेशन प्रक्रिया पूरी की थी।

वर्जन-
बीते सत्र में भी अंबाला के दो खंड में संघ ने नामांकन अभियान चलाकर छात्र संख्या बढ़ाई थी और अंबाला खंड टू के 16 प्राथमिक स्कूलों के 66 अध्यापकों को सम्मानित भी किया गया था। अब फिर राज्य स्तर पर नामांकन अभियान चलाया जाएगा।
-अमित छाबड़ा, राज्य प्रवक्ता, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
वर्जन
सरकार राजकीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या घटने का ठीकरा शिक्षकों के सिर पर फोड़ रही है, जबकि मुख्य कारण विद्यालयों में अध्यापकों की कमी, अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाना व चिराग योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों का निजी विद्यालयों में दाखिला करवाना है।

-राजेश शर्मा, राज्य महासचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
वर्जन
24 मार्च सोमवार से जिले में नामांकन अभियान शुरू होगा। एक अप्रैल से विद्यार्थियों का दाखिला स्कूलों में शुरू हो जाएगा। जो स्कूल बीते वर्ष हुई तबादला प्रक्रिया के बाद खाली हो गए थे, उन स्कूलों में निदेशालय के निर्देशानुसार शिक्षकों को समायोजित किया गया था। अब आगामी तबादला प्रक्रिया में उन स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होने की उम्मीद है।
-सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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