फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Pregnant women have more trust in government hospitals than private ones

Ambala News: निजी से ज्यादा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा गर्भवतियों का भरोसा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 03:40 AM IST
विज्ञापन
Pregnant women have more trust in government hospitals than private ones
अंबाला सिटी। अंबाला में पिछले दो वर्षों में सरकारी अस्पतालों पर गर्भवतियों का भरोसा बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार दो वर्षों में अंबाला में कुल 37128 प्रसव हुए जिसमें से 22,862 प्रसव सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों ने कराए। इतना ही नहीं बल्कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी गर्भवतियों ने भरोसा दिखाया है। जबकि पूर्व में इस संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य विभाग को संघर्ष करना पड़ता था। वहीं प्रसव के दौरान होने वाली मौतों में सुधार देखने को मिला है।
विज्ञापन

पिछले दो वर्षों की बात करें तो जिला अंबाला में कुल 37128 प्रसव हुए, जिसमें सिर्फ 26 गर्भवतियों की ही मौत हुई। जिसमें वर्ष 2022 से वर्ष 2023 में 14 और 2023 से 2024 तक सिर्फ 12 मौतें हुई हैं। इन गर्भवतियों में अधिकतर वे शामिल थीं जो एनीमिया से ग्रस्त थी या फिर कुपोषित थी। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग प्रसव के दौरान होने वाली मौतों को लेकर गंभीर है और व्यवस्थाओं को और बेहतर करने में जुटा है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो इनमें में भी प्रसव में बढ़त देखने को मिल रही है। जिले में पिछले दो वर्षों में 22862 प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुए है। जिनमें से 2022 से 2023 तक 2904 प्रसव और 2023 से 2024 तक कुल 2548 प्रसव ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में हुए। सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं के चलते गर्भवतियों का प्राइवेट अस्पतालों की बजाय सरकारी अस्पतालों में अधिक रुझान बढ़ रहा है। बीते दो वर्षों में प्राइवेट अस्पतालों में कुल 14266 तो सरकारी संस्थानों में 22862 महिलाओं ने प्रसव करवाया है। इनमें 2022 से 2023 में 6816 महिलाओं ने प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव करवाया तो 12233 महिलाएं ऐसी थी जिन्होंने सरकारी संस्थानों में प्रसव करवाया था, वहीं 2023 से 2024 तक 10629 महिलाओं ने सरकारी और 7450 महिलाओं ने निजी अस्पतालों में अपना प्रसव करवाया है।
विज्ञापन

गर्भवतियों को यह मिल रही सुविधा
गर्भवतियों को पोषण पूरा करने के तौर पर विशेष डाइट भी दी जा रही है। गर्भवतियों को जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जेएसवाई के तहत निशुल्क परिवहन, निशुल्क भोजन, निशुल्क दवाइयां और निशुल्क जांचों सहित अन्य कई सुविधाएं दी जा रही है। इधर जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवतियों को कुछ सहायता राशि भी दी जाती है। जिसमें केंद्र सरकार की ओर से शहरी क्षेत्र में एससी वर्ग और बीपीएल परिवार से संबंधित महिला को शहरी क्षेत्र में 700 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में 600 रुपए केंद्र सरकार की ओर से मिलते है। राज्य सरकार की ओर से एससी वर्ग की महिला को 1500 रुपए दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
विभाग की ओर से गर्भवतियों के लिए जो भी सुविधाएं दी जा रही है उनमें लगातार सुधार किया जा रहा है। जिससे जच्चा व बच्चा दोनों सुरक्षित रह सके। अस्पताल में खाने पीने से लेकर सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है।
--- डॉ संगीता गोयल, नोडल अधिकारी जिला प्रसूति वार्ड अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed