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Ambala News: मेयर के आते ही निगम में राजनीति शुरू, डिप्टी मेयर के कमरे में ही बैठना पड़ेगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Mar 2025 01:00 AM IST
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Politics starts in the corporation as soon as the mayor arrives, he will have to sit in the deputy mayor's room
डिप्टी मेयर के कक्ष में मेयर शैलजा सचदेवा के नाम की प्लेट लगाते हुए कर्मी। संवाद - फोटो : संवाद
अंबाला। पंचकूला में मंगलवार को मेयर पद की शपथ लेने के बाद शैलजा सचदेवा दोपहर को नगर निगम पहुंचीं। यहां पर अधिकारियों ने उनका स्वागत तो किया मगर यह नहीं बताया कि उन्हें किस कार्यालय में बैठना है।
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हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम में विभिन्न शाखाओं में निरीक्षण करने के बाद मेयर शैलजा सचदेवा लौट गईं। फिर भी उन्हें उनके कार्यालय का पता नहीं बताया गया है। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। क्योंकि नगर निगम में विधानसभा चुनाव के समय से मेयर का पद रिक्त चल रहा था। कई विकास कार्य भी प्रभावित थे। अब जब नगर निगम को मेयर मिला है तो निगम प्रशासन का इस प्रकार का रवैया सभी को हैरान कर रहा है।
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नगर निगम परिसर में ही मेयर का कार्यालय बनाने की तैयारी मंगलवार को चल रही थी मगर हालात यह हैं कि डिप्टी मेयर मीना ढींगरा के कार्यालय के ऊपर ही मेयर शैलजा सचदेवा के नाम की पट्टी नगर निगम प्रशासन ने लगवा दी। अब सभी जगह चर्चा है कि क्या मेयर और डिप्टी मेयर को नगर निगम प्रशासन एक ही कार्यालय में बैठाने की तैयारी कर रही है। इस विवाद को लेकर नगर निगम आयुक्त सचिन गुप्ता से संपर्क किया गया मगर संपर्क नहीं हो सका।
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शहर की गलियां ही मेरा कार्यालय : शैलजा

इस मामले को लेकर जब मेयर शैलजा सचदेवा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शपथ लेने के बाद वह नगर निगम कार्यालय में गए थे। शाखाओं में गए। अफसर भी आए। उन्हें जानकारी नहीं है कि उनका कार्यालय कौन सा है। अगर नगर निगम की मेयर के कार्यालय होने का प्राविधान है तो उन्हें बताया जाए कि कार्यालय कहां हैं। वैसे उन्हें कार्यालय की कोई जरूरत नहीं है। शहर की गलियां उनका कार्यालय हैं और समस्याओं का समाधान ही मेयर पद पर उनका मुख्य कार्य है।


पूर्व मेयर ने भी लगाए थे आरोप

नगर निगम में पूर्व मेयर शक्तिरानी शर्मा ने भी नगर निगम में राजनीति होने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विकास कार्यों को लेकर जानबूझ कर अड़चन डाली जा रही है। हालांकि इसके बाद विधानसभा चुनाव में शक्तिरानी शर्मा ने भाजपा का दामन थाम लिया था।
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