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Ambala News: बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी लगा रहे पदकों के पंच
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अंबाला। छावनी के वार हीरोज स्टेडियम के छात्रावास का बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। खेल विभाग के कोच संजय कुमार का प्रशिक्षण लेकर खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय पर पदक हासिल कर अंबाला का नाम रोशन कर रहे हैं।
सुबह और शाम के समय करीब 40 खिलाड़ी आकर पसीना बहा रहे हैं। हालांकि खेल अकादमी में भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है लेकिन उसके अलावा भी नियमित तौर पर कोच बॉक्सिंग रिंग में प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस रिंग में 10 साल से लेकर 24 साल के खिलाड़ी आकर तैयारी करते हैं। यहीं कारण है कि इन खिलाड़ियों के पंच का किसी पर कोई तोड़ नहीं है और किसी भी प्रतियोगिता में जाते हैं तो पदक की झड़ी लगा देते हैं।
ये खिलाड़ी नेशनल स्तर पर पहरा रहे परचम
फोटो नंबर-57
बड़े भाई से ली प्रेरणा : अरशद
छावनी के रामकिशन कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय अरशद ने बताया कि उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। बड़े भाई अनीष भी अखाड़े जाते हैं उनसे ही प्रेरित होकर खेलना शुरू किया। हाल ही वह 2024 को ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में कांस्य पदक और 2023 को चंडीगढ़ में हुई साउथ वेस्ट जोन में पदक झटका। 2021 को इंटर कॉलेज कुरुक्षेत्र में स्वर्ण और 2019 को सीनियर स्टेट पानीपत में रजत व 2018 में खेलों महाकुंभ भिवानी में कांस्य पदक झटका।
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फोटो नंबर -55
सात साल पहले शुरू किया था प्रशिक्षण : कल्पना
बीसी बाजार निवासी कल्पना ने बताया कि सात साल पहले पापा ने खेल विभाग में कोचिंग के लिए भेजा था। 2019 को रोहतक में आयोजित जूनियर नेशनल में स्वर्ण और 2019 को दुबई में आयोजित जूनियर एशियन में स्वर्ण और 2020 को असम में खेलों इंडिया में स्वर्ण, 2022 को भोपाल में आयोजित सीनियर नेशनल में कांस्य पदक। 2023 को रोहतक में हुई आरईसी ओपन नेशनल में रजत और दिसंबर 2023 को नोएडा में हुई नेशनल में सिल्वर मेडल जीता।
फोटो नंबर - 55
वर्ष 2018 से ले रही प्रशिक्षण
सिटी के कांवला गांव निवासी 16 वर्षीय जसलीन कौर ने बताया कि 2018 से वह बॉक्सिंग कर रही है। 2022 में पंचकूला में हुए खेल हरियाणा में रजत पदक व 2022 में ही सोनीपत में आयोजित सीबीएसई जोनल में स्वर्ण पदक, 2023 को पंजाब में होने वाली नेशनल में कांस्य पदक, 2023 को झज्जर में होने वाली जूनियर स्टेट में स्वर्ण व 2023 में रोहतक में होने वाली ओपन टेलेंट नॉर्थ जोन में स्वर्ण पदक, 2023 को दिल्ली में होने वाली स्कूल नेशनल में रजत पदक हासिल किया।
अभिभावकों के विचार
फोटो नंबर- 59
वह खुद भी स्कूल और कॉलेज स्तर र बॉक्सिंग करता आया है लेकिन शादी के बाद छूट गया था। अब बेटी और बेटे दोनों को बॉक्सिंग में डाला है। बेटी तो पदक ला चुकी है और बेटा भी जल्द ही बेहतरीन प्रदर्शन कर अंबाला का नाम रोशन करेगा। खेल विभाग के कोच द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की अपार संभावनाएं है।
जगसीर, अभिभावक
फोटो नंबर -63
अपने रिश्तेदार के कहने पर बेटे को खेल विभाग के बॉक्सिंग कोच के पास डाला है। उसे पूरी उम्मीद है कि जैसे दूसरे खिलाड़ी पदक ला रहे हैं उसका बेटा भी एक दिन बॉक्सिंग में अपना नाम चमकाएंगा।
सुनील, अभिभावक
फोटो नंबर - 58
2018 में बतौर बाॅक्सिंग कोच नियुक्त होने के बाद से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। सरकार की तरफ से समय-समय पर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जाती है। वह खुद भी बॉक्सिंग के नेशनल मेडलिस्ट है। वह सेना में बतौर हवलदार भी 17 साल तक कार्यरत रहे और बाद में रिटायरमेंट ले ली थी। उसके बाद खेल विभाग में बतौर बॉक्सिंग कोच नियुक्त हुए। अब खिलाड़ियों की फौज तैयार कर रहे हैं।
संजय कुमार, कोच, बॉक्सिंग खेल विभाग अंबाला
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सुबह और शाम के समय करीब 40 खिलाड़ी आकर पसीना बहा रहे हैं। हालांकि खेल अकादमी में भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है लेकिन उसके अलावा भी नियमित तौर पर कोच बॉक्सिंग रिंग में प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस रिंग में 10 साल से लेकर 24 साल के खिलाड़ी आकर तैयारी करते हैं। यहीं कारण है कि इन खिलाड़ियों के पंच का किसी पर कोई तोड़ नहीं है और किसी भी प्रतियोगिता में जाते हैं तो पदक की झड़ी लगा देते हैं।
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ये खिलाड़ी नेशनल स्तर पर पहरा रहे परचम
फोटो नंबर-57
बड़े भाई से ली प्रेरणा : अरशद
छावनी के रामकिशन कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय अरशद ने बताया कि उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। बड़े भाई अनीष भी अखाड़े जाते हैं उनसे ही प्रेरित होकर खेलना शुरू किया। हाल ही वह 2024 को ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में कांस्य पदक और 2023 को चंडीगढ़ में हुई साउथ वेस्ट जोन में पदक झटका। 2021 को इंटर कॉलेज कुरुक्षेत्र में स्वर्ण और 2019 को सीनियर स्टेट पानीपत में रजत व 2018 में खेलों महाकुंभ भिवानी में कांस्य पदक झटका।
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सात साल पहले शुरू किया था प्रशिक्षण : कल्पना
बीसी बाजार निवासी कल्पना ने बताया कि सात साल पहले पापा ने खेल विभाग में कोचिंग के लिए भेजा था। 2019 को रोहतक में आयोजित जूनियर नेशनल में स्वर्ण और 2019 को दुबई में आयोजित जूनियर एशियन में स्वर्ण और 2020 को असम में खेलों इंडिया में स्वर्ण, 2022 को भोपाल में आयोजित सीनियर नेशनल में कांस्य पदक। 2023 को रोहतक में हुई आरईसी ओपन नेशनल में रजत और दिसंबर 2023 को नोएडा में हुई नेशनल में सिल्वर मेडल जीता।
फोटो नंबर - 55
वर्ष 2018 से ले रही प्रशिक्षण
सिटी के कांवला गांव निवासी 16 वर्षीय जसलीन कौर ने बताया कि 2018 से वह बॉक्सिंग कर रही है। 2022 में पंचकूला में हुए खेल हरियाणा में रजत पदक व 2022 में ही सोनीपत में आयोजित सीबीएसई जोनल में स्वर्ण पदक, 2023 को पंजाब में होने वाली नेशनल में कांस्य पदक, 2023 को झज्जर में होने वाली जूनियर स्टेट में स्वर्ण व 2023 में रोहतक में होने वाली ओपन टेलेंट नॉर्थ जोन में स्वर्ण पदक, 2023 को दिल्ली में होने वाली स्कूल नेशनल में रजत पदक हासिल किया।
अभिभावकों के विचार
फोटो नंबर- 59
वह खुद भी स्कूल और कॉलेज स्तर र बॉक्सिंग करता आया है लेकिन शादी के बाद छूट गया था। अब बेटी और बेटे दोनों को बॉक्सिंग में डाला है। बेटी तो पदक ला चुकी है और बेटा भी जल्द ही बेहतरीन प्रदर्शन कर अंबाला का नाम रोशन करेगा। खेल विभाग के कोच द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की अपार संभावनाएं है।
जगसीर, अभिभावक
फोटो नंबर -63
अपने रिश्तेदार के कहने पर बेटे को खेल विभाग के बॉक्सिंग कोच के पास डाला है। उसे पूरी उम्मीद है कि जैसे दूसरे खिलाड़ी पदक ला रहे हैं उसका बेटा भी एक दिन बॉक्सिंग में अपना नाम चमकाएंगा।
सुनील, अभिभावक
फोटो नंबर - 58
2018 में बतौर बाॅक्सिंग कोच नियुक्त होने के बाद से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। सरकार की तरफ से समय-समय पर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जाती है। वह खुद भी बॉक्सिंग के नेशनल मेडलिस्ट है। वह सेना में बतौर हवलदार भी 17 साल तक कार्यरत रहे और बाद में रिटायरमेंट ले ली थी। उसके बाद खेल विभाग में बतौर बॉक्सिंग कोच नियुक्त हुए। अब खिलाड़ियों की फौज तैयार कर रहे हैं।
संजय कुमार, कोच, बॉक्सिंग खेल विभाग अंबाला