{"_id":"6765cd2af71783f87b09f51d","slug":"parties-eye-the-vacant-post-of-mayor-in-the-corporation-ambala-news-c-36-1-amb1003-134724-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: निगम में मेयर के खाली पद पर पार्टियों की निगाहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: निगम में मेयर के खाली पद पर पार्टियों की निगाहें
विज्ञापन
अंबाला सिटी। नगर निगम में मेयर का पद के खाली होने से अब राजनीतिक दलों की निगाहें इस पर टिकी हैं। राजनीतिक दलों ने भीतर खाने से अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नेता फील्ड में नजर आ रहे हैं और जनता के बीच सक्रिय होते दिख रहे हैं।
दूसरी तरफ मेयर न होने से हाउस की बैठक अटकी है। इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से कई महीनों से हाउस की बैठक नहीं हो पाई है। बीते विधानसभा चुनाव में शक्तिरानी शर्मा के कालका विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने पर मेयर का पद रिक्त हुआ है। अभी निगम में मेयर के कार्यकाल का एक वर्ष बचा हुआ है। यह जनवरी 2026 में पूरा होना है। खास बात है कि नगर निगम के नियमों के जानकार बताते हैं कि अंबाला में उप चुनाव कराना काफी जटिल होगा। इसके लिए सरकार को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
कांग्रेस ने शुरू की तैयारी
दूसरी तरफ नगर निगम में विभिन्न दलों ने अपनी तरफ से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विशेष तौर पर कांग्रेस नेताओं ने तो सार्वजनिक तौर पर तैयारी रखने को कह दिया है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि अब नगर निगम मेयर के चुनाव पर सरकार किस प्रकार से कदम उठाती है।
विज्ञापन
हजपा से चुनाव लड़ बनी थीं मेयर
वहीं, जनवरी 2021 में शक्ति रानी शर्मा ने नगर निगम में मेयर का पदभार संभाला था। उन्होंने हरियाणा जनचेतना पार्टी से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में शक्ति रानी शर्मा को 37 हजार 604, भाजपा की वंदना शर्मा को 29 हजार 520 वोट, हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की अमीषा चावला को 16 हजार 421 वोट और कांग्रेस की मीना अग्रवाल को 13 हजार 797 वोट मिले थे। हरियाणा जनचेतना पार्टी की शक्तिरानी शर्मा ने भाजपा की वंदना शर्मा को 8 हजार 84 मत से हराया था।
मेयर पद के कारण प्रभावित हो रहा विकास
दरअसल, मेयर शक्ति रानी शर्मा के विधायक बनने के बाद से यह पद खाली है। इस वजह से नगर निगम में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। मेयर का पद खाली होने से निगम की हाउस बैठक भी नहीं हो पाई है। इससे कई अहम प्रस्ताव भी पास नहीं हो पा रहे। कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनका हाउस की बैठक होने के उपरांत ही समाधान हो सकता है।
ईवीएम की जांच कराने के बाबत मिले निर्देश
इधर ईवीएम मशीनों की जांच के चुनाव कार्यालय को निर्देश दे दिए हैं। ऐसे में अब चुनाव कार्यालय भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। चुनाव तहसीलदार संदीप कुमार ने बताया कि ईवीएम जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिल गए हैं। चुनाव होंगे या नहीं इसको लेकर कोई जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ मेयर न होने से हाउस की बैठक अटकी है। इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से कई महीनों से हाउस की बैठक नहीं हो पाई है। बीते विधानसभा चुनाव में शक्तिरानी शर्मा के कालका विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने पर मेयर का पद रिक्त हुआ है। अभी निगम में मेयर के कार्यकाल का एक वर्ष बचा हुआ है। यह जनवरी 2026 में पूरा होना है। खास बात है कि नगर निगम के नियमों के जानकार बताते हैं कि अंबाला में उप चुनाव कराना काफी जटिल होगा। इसके लिए सरकार को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
विज्ञापन
कांग्रेस ने शुरू की तैयारी
दूसरी तरफ नगर निगम में विभिन्न दलों ने अपनी तरफ से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विशेष तौर पर कांग्रेस नेताओं ने तो सार्वजनिक तौर पर तैयारी रखने को कह दिया है। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि अब नगर निगम मेयर के चुनाव पर सरकार किस प्रकार से कदम उठाती है।
विज्ञापन
हजपा से चुनाव लड़ बनी थीं मेयर
वहीं, जनवरी 2021 में शक्ति रानी शर्मा ने नगर निगम में मेयर का पदभार संभाला था। उन्होंने हरियाणा जनचेतना पार्टी से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में शक्ति रानी शर्मा को 37 हजार 604, भाजपा की वंदना शर्मा को 29 हजार 520 वोट, हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की अमीषा चावला को 16 हजार 421 वोट और कांग्रेस की मीना अग्रवाल को 13 हजार 797 वोट मिले थे। हरियाणा जनचेतना पार्टी की शक्तिरानी शर्मा ने भाजपा की वंदना शर्मा को 8 हजार 84 मत से हराया था।
मेयर पद के कारण प्रभावित हो रहा विकास
दरअसल, मेयर शक्ति रानी शर्मा के विधायक बनने के बाद से यह पद खाली है। इस वजह से नगर निगम में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। मेयर का पद खाली होने से निगम की हाउस बैठक भी नहीं हो पाई है। इससे कई अहम प्रस्ताव भी पास नहीं हो पा रहे। कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनका हाउस की बैठक होने के उपरांत ही समाधान हो सकता है।
ईवीएम की जांच कराने के बाबत मिले निर्देश
इधर ईवीएम मशीनों की जांच के चुनाव कार्यालय को निर्देश दे दिए हैं। ऐसे में अब चुनाव कार्यालय भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। चुनाव तहसीलदार संदीप कुमार ने बताया कि ईवीएम जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिल गए हैं। चुनाव होंगे या नहीं इसको लेकर कोई जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली है।