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Ambala News: डायरिया के लिए आंगनबाड़ियों में भी बनेंगे ओआरएस केंद्र
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अंबाला सिटी। बदलते मौसम को देखते हुए सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को डायरिया की रोकथाम के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विभाग सोमवार एक जुलाई से 31 अगस्त तक स्टॉप डायरिया अभियान शुरू करने जा रहा है।
इसमें स्वास्थ्य इकाइयों के साथ-साथ पहली बार आंगनबाड़ियों में भी ओआरएस केंद्र बनाए जाएंगे। यहां आने वाले बच्चों को दस्त और उल्टी के समय दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में बताया जाएगा। एएनएम की ओर से पांच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को डायरिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में ओआरएस केंद्र बनेंगे, जहां पर जिंक की गोलियां भी वितरित की जाएंगी। गौरतलब है कि बारिश का मौसम शुरू हो गया है। इधर, सिटी नागरिक अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मामले उल्टी और दस्त के ही देखने को मिल रहे हैं। यही हाल ट्राॅमा सेंटर का है। ट्रामा में भी आए दिन 10 मामले उल्टी और दस्त के मरीज देखने को मिल रहे हैं।
पांच वर्ष तक के बच्चों को खतरा अधिक
डॉ. नीलम कुशवाह ने बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों को उल्टी व दस्त की समस्या जल्दी हो जाती है। समय पर उपचार न हो तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए विभाग की ओर से यह अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत विभाग के पास ओआरएस और जिंक प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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बाहरी खाने से करें परहेज
ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. संजय ने बताया कि रोजाना उल्टी और दस्त के 10 के करीब मरीज देखने को मिल रहे है। इसलिए कहीं भी बाहर खाने पीने से परहेज करें। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। छह माह से अधिक के बच्चे को दस्त होने पर ओआरएस का घोल और पानी को उबाल कर पिलाएं। कटे हुए फलों का सेवन करने से भी बचें।
वर्जन
विभाग ने सरकार के निर्देशों पर अभियान शुरू किया है। यह अभियान दो महीने तक जारी रहेगा। आशाएं व एएनएम को भी निर्देश दे दिए हैं।
-डॉ. जश्नप्रीत सिंह, जिला टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य अधिकारी, अंबाला
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इसमें स्वास्थ्य इकाइयों के साथ-साथ पहली बार आंगनबाड़ियों में भी ओआरएस केंद्र बनाए जाएंगे। यहां आने वाले बच्चों को दस्त और उल्टी के समय दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में बताया जाएगा। एएनएम की ओर से पांच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों को डायरिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में ओआरएस केंद्र बनेंगे, जहां पर जिंक की गोलियां भी वितरित की जाएंगी। गौरतलब है कि बारिश का मौसम शुरू हो गया है। इधर, सिटी नागरिक अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मामले उल्टी और दस्त के ही देखने को मिल रहे हैं। यही हाल ट्राॅमा सेंटर का है। ट्रामा में भी आए दिन 10 मामले उल्टी और दस्त के मरीज देखने को मिल रहे हैं।
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पांच वर्ष तक के बच्चों को खतरा अधिक
डॉ. नीलम कुशवाह ने बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों को उल्टी व दस्त की समस्या जल्दी हो जाती है। समय पर उपचार न हो तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए विभाग की ओर से यह अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत विभाग के पास ओआरएस और जिंक प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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बाहरी खाने से करें परहेज
ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. संजय ने बताया कि रोजाना उल्टी और दस्त के 10 के करीब मरीज देखने को मिल रहे है। इसलिए कहीं भी बाहर खाने पीने से परहेज करें। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। छह माह से अधिक के बच्चे को दस्त होने पर ओआरएस का घोल और पानी को उबाल कर पिलाएं। कटे हुए फलों का सेवन करने से भी बचें।
वर्जन
विभाग ने सरकार के निर्देशों पर अभियान शुरू किया है। यह अभियान दो महीने तक जारी रहेगा। आशाएं व एएनएम को भी निर्देश दे दिए हैं।
-डॉ. जश्नप्रीत सिंह, जिला टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य अधिकारी, अंबाला