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Ambala News: नेत्र रोग सर्जन का तबादला, एक के भरोसे अस्पताल
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सिटी नागरिक अस्पताल में जांच करवाने आए मरीज। संवाद
- फोटो : kathua news
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में बने नेत्र रोग विभाग में पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सक और सर्जन की कमी है। ऐसे में अब एसएमओ डॉ. राजेश कुमार गुप्ता के डेपुटेशन के कारण नेत्र रोग सर्जन डॉ. श्वेता पर ही ऑपरेशनों का बोझ आ गया है। ऐसे में मरीजों को परेशानी होगी।
नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन 10 ऑपरेशन होते हैं। इसमें से डॉ राजेश सबसे अधिक ऑपरेशन करते थे। मगर अब उनके जाने से मरीजों को समस्या होगी। वहीं अन्य सर्जन पर भी ऑपरेशन का भार पड़ेगा। अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में मरीजों की ओपीडी देखने के लिए भी दो ही चिकित्सक हैं। अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 120 मरीज अपनी जांच करवाने के लिए आते हैं। ऐसे में यहां भी चिकित्सकों पर काफी दबाव रहता है।
डिप्टी सहित चार चिकित्सक
नेत्र विभाग में मरीजों को देखते हुए तीन विशेषज्ञों की आवश्यकता है। यहां पर डिप्टी सीएमओ सहित चार चिकित्सक हैं। इनमें से अब एसएमओ डॉ. राजेश के दिल्ली जाने के बाद सारी जिम्मेवारी डॉ श्वेता और डॉ सुनंदा पर आ गई है। डॉ. सुनंदा सलाहकार होने के कारण ऑपरेशन नहीं करती हैं। ऐसे में नेत्र विभाग में अब स्वास्थ्य विभाग को अधिक तैयारी करने की जरूरत पड़ सकती है।
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सर्दियों में होते हैं अधिक ऑपरेशन
सर्दी के दिनों में आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए सबसे अधिक मरीज आते हैं। ऑपरेशन के बाद इन दिनों में बाहर कम ही निकलना होता है। इसके साथ ही गर्मी की भी परेशानी नहीं होती। इसलिए मरीज सर्दियों में ही आंखों का ऑपरेशन करवाना पसंद करते हैं। अस्पताल में सबसे अधिक ऑपरेशन मोतियाबिंद के ही होते हैं। ऐसे में इस विभाग में चिकित्सकों व विशेषज्ञों की कमी काफी लोगों को प्रभावित कर सकती है।
वर्जन
डॉ. राजेश कुमार को कुछ ही दिनों के लिए दिल्ली भेजा है। फरवरी के अंत तक उनकी वापसी होगी। फिलहाल डॉ. श्वेता लोगों का ऑपरेशन कर रही हैं। उनकी ओर से अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। ओपीडी के लिए भी अतिरिक्त चिकित्सक लगाई गई है।
-डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।
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नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन 10 ऑपरेशन होते हैं। इसमें से डॉ राजेश सबसे अधिक ऑपरेशन करते थे। मगर अब उनके जाने से मरीजों को समस्या होगी। वहीं अन्य सर्जन पर भी ऑपरेशन का भार पड़ेगा। अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में मरीजों की ओपीडी देखने के लिए भी दो ही चिकित्सक हैं। अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 120 मरीज अपनी जांच करवाने के लिए आते हैं। ऐसे में यहां भी चिकित्सकों पर काफी दबाव रहता है।
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डिप्टी सहित चार चिकित्सक
नेत्र विभाग में मरीजों को देखते हुए तीन विशेषज्ञों की आवश्यकता है। यहां पर डिप्टी सीएमओ सहित चार चिकित्सक हैं। इनमें से अब एसएमओ डॉ. राजेश के दिल्ली जाने के बाद सारी जिम्मेवारी डॉ श्वेता और डॉ सुनंदा पर आ गई है। डॉ. सुनंदा सलाहकार होने के कारण ऑपरेशन नहीं करती हैं। ऐसे में नेत्र विभाग में अब स्वास्थ्य विभाग को अधिक तैयारी करने की जरूरत पड़ सकती है।
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सर्दियों में होते हैं अधिक ऑपरेशन
सर्दी के दिनों में आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए सबसे अधिक मरीज आते हैं। ऑपरेशन के बाद इन दिनों में बाहर कम ही निकलना होता है। इसके साथ ही गर्मी की भी परेशानी नहीं होती। इसलिए मरीज सर्दियों में ही आंखों का ऑपरेशन करवाना पसंद करते हैं। अस्पताल में सबसे अधिक ऑपरेशन मोतियाबिंद के ही होते हैं। ऐसे में इस विभाग में चिकित्सकों व विशेषज्ञों की कमी काफी लोगों को प्रभावित कर सकती है।
वर्जन
डॉ. राजेश कुमार को कुछ ही दिनों के लिए दिल्ली भेजा है। फरवरी के अंत तक उनकी वापसी होगी। फिलहाल डॉ. श्वेता लोगों का ऑपरेशन कर रही हैं। उनकी ओर से अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। ओपीडी के लिए भी अतिरिक्त चिकित्सक लगाई गई है।
-डॉ. पूनम चौधरी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी।