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ओमेक्स ग्रीन्स सोसाइटी : देखरेख शुल्क बढ़ाने पर निवासियों की चेतावनी
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अंबाला सिटी। अंबाला के साथ झरमड़ी लालड़ू स्थित ओमेक्स ग्रीन्स सोसाइटी में बढ़े हुए देखरेख शुल्क को लेकर स्थानीय निवासियों में रोष है। इस मामले को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया था। आरडब्ल्यूए के उप प्रधान डॉ. विनय गोयल ने बताया कि कंपनी ने आरडब्ल्यूए से बिना कोई परामर्श किए निवासियों के ऊपर यह शुल्क वृद्धि थोपी है। आरडब्ल्यूए इसके कानूनी विकल्प भी देख रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी झूठे और बिना ऑडिट आंकड़ों के दम पर मनमाने रूप से वृद्धि करना चाहती है जो कि सरासर गलत है। इसे रोकने के लिए आरडब्ल्यूए निवासियों के साथ खड़ी है। ओमेक्स ग्रीन में करीब 583 फ्लैट हैं और करीब 2 हजार की आबादी है। संवाद
यह है विरोध से जुड़ा पूरा मामला
कंपनी ने फिर से नुकसान का हवाला देते हुए रखरखाव को 1.20 पैसे प्रति स्क्वायर फुट से बढ़ाकर 1.70 पैसे और पावर बैकअप शुल्क को 14 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 25 रुपये करने का नोटिस ओमेक्स निवासियों को थमा दिया है। इसको लेकर ओमेक्स निवासियों ने गलत आंकड़े देने और शुल्क वृद्धि के विरोध में कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को ज्ञापन दिया और शुल्क वृद्धि तुरंत वापस लेने के साथ-साथ ऑडिटेड आंकड़े देने के लिए कहा है।
सोसाइटी के निवासियों ने दी चेतावनी
सोसाइटी के निवासियों ने यह चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर गलत और बेबुनियाद आंकड़ों के दम पर और सारी मूलभूत सुविधाएं दिए बिना यदि कंपनी देखरेख शुल्क वृद्धि करती है तो ओमेक्स निवासी पहले की तरह आंदोलन, धरने और कैंडल मार्च करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। कंपनी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
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दो साल पहले भी कंपनी ने की थी कोशिश
ओमेक्स निवासियों को कंपनी ने दो साल पहले भी इसी तरह की वृद्धि का नोटिस थमाया था। इसके विरोध में निवासियों ने लगातार एक महीने तक धरना प्रदर्शन किया था। निवासियों का कहना था कि बिना पूरी सुविधाएं दिए जिसके पैसे कंपनी पहले ही निवासियों से वसूल चुकी है, दरों में वृद्धि करना जायज नहीं है। अंततः कंपनी को झुकना पड़ा था और वृद्धि को वापस लेना पड़ा था। अब फिर कंपनी ने बेतहाशा वृद्धि का नोटिस लोगों को थमा दिया है, मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं जस की तस हैं।
निवासियों की बात को कंपनी के प्रबंधन के पास भेजा
कंपनी के सुविधा प्रबंधक एजीएम अभय तिवारी ने बताया कि 9 वर्षों से कंपनी की ओर से रेट नहीं बढ़ाए गए थे। अब खर्चों को सुचारू रूप से चलाने के लिए रखरखाव 1 रुपये 20 और 1 रुपये 70 पैसे किए जाने थे। इसको लेकर सोसाइटी से आपत्ति, सुझाव 30 अप्रैल तक मांगे गए थे, लेकिन सोसाइटी ने इस पर एतराज जताते हुए उनको पत्र सौंपा हैं। इस पत्र को कंपनी मैनेजमेंट के पास भेज दिया गया है।
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यह है विरोध से जुड़ा पूरा मामला
कंपनी ने फिर से नुकसान का हवाला देते हुए रखरखाव को 1.20 पैसे प्रति स्क्वायर फुट से बढ़ाकर 1.70 पैसे और पावर बैकअप शुल्क को 14 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 25 रुपये करने का नोटिस ओमेक्स निवासियों को थमा दिया है। इसको लेकर ओमेक्स निवासियों ने गलत आंकड़े देने और शुल्क वृद्धि के विरोध में कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को ज्ञापन दिया और शुल्क वृद्धि तुरंत वापस लेने के साथ-साथ ऑडिटेड आंकड़े देने के लिए कहा है।
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सोसाइटी के निवासियों ने दी चेतावनी
सोसाइटी के निवासियों ने यह चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर गलत और बेबुनियाद आंकड़ों के दम पर और सारी मूलभूत सुविधाएं दिए बिना यदि कंपनी देखरेख शुल्क वृद्धि करती है तो ओमेक्स निवासी पहले की तरह आंदोलन, धरने और कैंडल मार्च करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। कंपनी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
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दो साल पहले भी कंपनी ने की थी कोशिश
ओमेक्स निवासियों को कंपनी ने दो साल पहले भी इसी तरह की वृद्धि का नोटिस थमाया था। इसके विरोध में निवासियों ने लगातार एक महीने तक धरना प्रदर्शन किया था। निवासियों का कहना था कि बिना पूरी सुविधाएं दिए जिसके पैसे कंपनी पहले ही निवासियों से वसूल चुकी है, दरों में वृद्धि करना जायज नहीं है। अंततः कंपनी को झुकना पड़ा था और वृद्धि को वापस लेना पड़ा था। अब फिर कंपनी ने बेतहाशा वृद्धि का नोटिस लोगों को थमा दिया है, मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं जस की तस हैं।
निवासियों की बात को कंपनी के प्रबंधन के पास भेजा
कंपनी के सुविधा प्रबंधक एजीएम अभय तिवारी ने बताया कि 9 वर्षों से कंपनी की ओर से रेट नहीं बढ़ाए गए थे। अब खर्चों को सुचारू रूप से चलाने के लिए रखरखाव 1 रुपये 20 और 1 रुपये 70 पैसे किए जाने थे। इसको लेकर सोसाइटी से आपत्ति, सुझाव 30 अप्रैल तक मांगे गए थे, लेकिन सोसाइटी ने इस पर एतराज जताते हुए उनको पत्र सौंपा हैं। इस पत्र को कंपनी मैनेजमेंट के पास भेज दिया गया है।